ब्रज की महारानी राधारानी हुई अवतरित, स्वागत में बरसे मेघ

ब्रज की महारानी राधारानी हुई अवतरित, स्वागत में बरसे मेघ

newspoint 24 / newsdesk 

श्रीजी महल में गूंजे बधाईयों का गायन, श्रद्धालु भक्ति रस में डूबे

मथुरा । तड़के मंगलवार काे रिमझिम बरसात के बीच भगवान श्रीकृष्ण की प्रियतमा राधारानी के जन्मोत्सव मनाया गया और पूरा वृषभान नन्दनी का बरसाना खुशी के मारे झूम उठा। चहुंओर राधारानी के जन्म की बधाइयों का गायन पर लोग भक्ति रस में डूब गए। आपको बता दें कि इस दौरान राधारानी के गांव बरसाना और उसमें भी श्रीजी महल रंग-बिरंगी लाइटों और सुगंधित पुष्पों से दुल्हन की तरह सजा है।

मंगलवार प्रातः चार बजे राधाजी ने जन्म लिया और उसके बाद करीब सवा पांच बजे गोस्वामीजनों ने राधारानी का पंचामृत से अभिषेक किया। मंदिर परिसर राधारानी के जयकारों से गूंज उठा। इस दौरान राधारानी के जन्म के पदों का सस्वर गायन किया। पदों को सुन भक्तजन भी झूम उठे। स्वर्ग सरीखा यह नजारा राधारानी के जन्म पर दिखा और हो भी क्यों नहीं, आखिर ब्रजभूमि की महारानी राधारानी का जन्मोत्सव है। श्रीजी महल को दुल्हन की तरह सजाया गया। जन्मोत्सव में शामिल होने देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं ने उपहार लूटे और लुटाए।

मूल शांति के लिए किया हवन

बृषभान नंदिनी ने शुक्ल पक्ष की अष्टमी को जन्म लिया। भाद्रपद शुक्ल अष्टमी के अवसर पर कीरति नंदिनी के जन्म के साथ ही ब्रजाचार्य नारायन भट्ट द्वारा प्रकट विग्रह को चांदी की चौकी और रजत पात्र में विराजमान कर सेवायतों ने मूल शांति के लिए 27 कुओं का जल, 27 पेड़ों की पत्ती, 27 तरह की औषधियों, 27 मेवा व 27 ब्राह्मण, सोने चांदी की मूल मूलनी और कांस्य के बने तेल के छाया पात्र के साथ हवन किया।

पंचामृत एवं इन तत्वों से हुआ महाभिषेक

इसके बाद दूध, दही, शहद, बूरा, इत्र, घी, गुलाबजल, गोघृत, पंच मेवा, पंच नवरत्न, केसर आदि से राधारानी के श्रीविग्रह का करीब एक घंटे तक अभिषेक किया। अभिषेक और इस अलौकिक नजारे के भक्तों ने दर्शन किए। भजन संध्याओं ने ऐसा समा बांधा कि भजनों की धुन पर श्रद्धालुओं के कदम खुद थिरकने लगे।

ब्रज की ठकुरानी के स्वागत में झमाझम बरसे मेघ

ब्रज की ठकुरानी के जन्म से पूर्व झमाझम बरसात हुई। ऐसा लग रहा था जैसे स्वयं इंद्रदेव राधारानी के स्वागत के लिए उत्सुक हो अभिषेक कर रहे हों। सुहावने मौसम का श्रद्धालुओं ने जमकर आनंद लिया।

बूढ़ी लीला पर होगा राधाष्टमी महोत्सव का समापन

बरसाना में राधाष्टमी से प्रारंभ हुए उत्सवों का समापन बूढ़ी लीला समापन के बाद होगा। नवमी को मोरकुटी पर लड्डू लीला, दसवीं को विलासगढ़ की लीला, एकादशी को सांकरी खोर की चुटिया बंधन लीला, गाजीपुर में डोंगा लीला, द्वादशी को ऊंचागांव का ब्याहुला और त्रयोदशी को सांकरी खोर मटकी लीला होगी।

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