बिहार : मुज़फ़्फ़रपुर जेल में कैद नाइजीरियन बंदी को रिहाई मिली , बोला सब छठ मैया की कृपा है 
 

A state in Eastern India . Both the Nigerian prisoners imprisoned in Muzaffarpur jail were released, said all is the grace of Chhath Maiya

पत्रकारों से बात करते हुए युगवुम ने कहा कि छठ पूजा की यादों से जुड़ी

फ़ोटो को भी उसने सहेज कर रखा है। युगवुम ने छठ पूजा के दौरान पहने

गये कपड़ों को सहेज के रखा है, साथ ही गले में सनातन का प्रतीक रुद्राक्ष और कमर में कमरबंध धागा भी पहना है। 

Newspoint24/ संवाददाता 


 मुज़फ़्फ़रपुर। बिहार के मुजफ्फरपुर के शहीद खुदीराम बोस जेल में एक नाइजीरियन बंदी सोलोमोन अलीगिव्यू के छठ करते हुए फोटो पिछले दिनों छठ के मौके पर वायरल हुआ था। 

तीन साल से बिहार की जेल में कैद दोनों नाइजीरियन बंदी को रिहाई की उम्मीद नहीं थी, लेकिन हाइकोर्ट ने दोनों को रिहा कर दिया है।  विदेशी अधिनियम उल्लंघन मामले में जेल में बंद नाइजीरिया के युगवुम सिनाची ओनिया ने कहा कि छठ पूजा करने के महज एक सप्ताह के अंदर उच्च न्यायालय ने हमारी रिहाई का आदेश दे दिया है, यह सब छठ मैया की कृपा है। 

 पत्रकारों से बात करते हुए युगवुम ने कहा कि छठ पूजा की यादों से जुड़ी फ़ोटो को भी उसने सहेज कर रखा है। युगवुम ने छठ पूजा के दौरान पहने गये कपड़ों को सहेज के रखा है, साथ ही गले में सनातन का प्रतीक रुद्राक्ष और कमर में कमरबंध धागा भी पहना है। 

युगवुम ने बताया कि उन्हें इन सब से सुकून मिलता है।  जब भी डिप्रेशन में होते हैं तो रुद्राक्ष से उन्हें बहुत सुकून मिलता है।  छठी मैया की महिमा का खूब बखान करते हुए युगवुम ने कहा कि ये सब छठी मैया की ही देन है जो मैं वापस अपने वतन जा रहा हूं और वहां अपने देश मे भी 5 सालों तक इस पूजा को करूंगा। 

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करीब तीन साल पहले सीतामढ़ी में विदेशी अधिनियम उल्लंघन मामले में दोनों पकड़े गए थे।  इसके बाद इन्हें कोर्ट के आदेश पर विदेशी अधिनियम के तहत सीतामढ़ी जेल में बंद कर दिया गया था।

 कुछ माह पूर्व दोनों को शिफ्ट करके मुजफ्फरपुर आये थे।  इस साल छठ पर्व पर युगवुम सिनाची ओनिया ने जेल में ही छठ व्रत कर सब का ध्यान खींचा था। 

कागज़ी कार्रवाई पूरी करने के बाद दोनों को जेल से रिहा किया गया है।  जेल से रिहा होने के बाद दोनों को दिल्ली दूतावास जाना था, लेकिन दूतावास ने दोनों को कोलकाता या लखनऊ जाने की सलाह दी है।  दोनों को कोलकाता स्थित विदेशी नागरिक विभाग के कार्यालय भेजने की कवायद की जा रही है। 

टाउन थाने में मीडिया से बात करते हुए सोलोमोन अलीग्वियु ने हिंदी में बताया कि वो नाइजीरिया के वेदर शहर में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं, वहीं युगवुम सिनाची ओनिया खेती करते हैं और पॉल्ट्री फार्म चलाते हैं।  तीन साल पहले भटककर दोनों भारत आ गये थे। 

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