मुख्यमंत्री के कारकेड पर हमला मामले में भैरव सिंह ने कोर्ट में किया सरेंडर

Newspoint24.com/newsdesk/

रांची । रांची के किशोरगंज चौक पर मुख्यमंत्री के कारकेड पर हमला मामले में भैरव सिंह ने गुरूवार को रांची सिविल कोर्ट में सरेंडर कर दिया। रांची सिविल कोर्ट में गुरुवार को सुबह से ही पुलिस कर्मियों की तैनाती कर दी गयी थी। भैरव सिंह ने रांची सिविल कोर्ट के न्यायिक दंडाधिकारी अभिषेक प्रसाद की अदालत में सरेंडर किया, जिसके बाद अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। अदालत में सरेंडर के दौरान भैरव ने कहा कि हमलोग सिर्फ प्रदर्शन कर रहे थे। सीएम पर हमले की बात सोच भी नहीं सकते। पुलिस विषय को घुमा रही है। एफआइआर दर्ज होने के बाद यह कयास लगाये जा रहे थे कि भैरव सिंह आत्मसमर्पण कर सकता है। उसे मामले में मुख्य आरोपित बनाया गया है। बुधवार को इस प्रकरण में गिरफ्तार किये गये लगभग 30 अन्य आरोपितो को जेल भेजा जा चुका है। गुरुवार को रांची सिविल कोर्ट में काफी देर तक सरेंडर करने को लेकर आंख मिचौली का खेल चलता रहा। कोर्ट परिसर में कोतवाली एएसपी और भारी पुलिस बल की तैनाती के बीच भैरव सिंह ने कोर्ट के सामने सरेंडर किया। सरेंडर से जुड़ी हुई प्रक्रियाओं को पहले ही पूरा कर लिया गया था।

 उल्लेखनीय है कि किशोरगंज चौक पर चार जनवरी की शाम मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के काफिले पर हमले का प्रयास किया गया था। इस मामले को लेकर एएसआइ सदानंद कुमार के बयान पर लगभग 70 नामजद सहित 150 अज्ञात महिला-पुरुष पर सुखदेव नगर थाना में मामला दर्ज हुआ है। इन सभी लोगों के खिलाफ धारा 147,148,149, 152, 153, 186, 189, 290, 323, 307, 353, 341, 342, 333, 504,269, 270, 120B आइपीसी के तहत मामला दर्ज हुआ है। बताया जाता है कि 4 जनवरी को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का काफिला झारखंड मंत्रालय से लौट रहा था। इसी दौरान किशोरगंज चौक के पास कुछ लोगों ने ने सुनियोजित साजिश के तहत काफिले को निशाना बनाने की कोशिश की थी। हालांकि रांची पुलिस ने अपने जान पर खेलकर मुख्यमंत्री के काफिले को रूट डायवर्ट कर दिया था और मुख्यमंत्री को सुरक्षित कांके स्थित आवास पहुंचाया था। इस गंभीर घटना के कारणों की जांच के लिए जांच समिति का गठन किया गया है। इस समिति में आइएएस सेवा और आएपीएस के एक- एक वरीय अधिकारी शामिल किये गये हैं। समिति को काफिले पर हुए हमले की जांच कर विस्तृत प्रतिवेदन यथाशीघ्र समर्पित करने को कहा गया है। इसके अलावा रांची के डीसी और एसएसपी से शो कॉज की मांग की गयी है। बताया गया कि यह भीड़ ओरमांझी में मिले बीते 3 जनवरी को एक लड़की के सिर कटे शव को लेकर आक्रोशित था। 

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