प्रधानमंत्री मोदी के करीबी अफसर रहे एके शर्मा भाजपा में शामिल

 ऐसा सिर्फ नरेन्द्र मोदी और भाजपा ही कर सकती है, नतमस्तक हूं
प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव और उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा की मौजूदगी में ली पार्टी की सदस्यता

Newspoint24.com/newsdesk/ 

लखनऊ । गुजरात कैडर के पूर्व आईएएस अधिकारी अरविन्द कुमार शर्मा गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए। मकर संक्रांति के पर्व पर यहां भाजपा के प्रदेश मुख्यालय में प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह के साथ उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा तथा भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष दयाशंकर सिंह की मौजूदगी में शर्मा ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की।

प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव ने कहा कि एके शर्मा के आने से पार्टी को उनके अनुभव का लाभ मिलेगा और पार्टी का मान बढ़ेगा और पार्टी को सम्मान मिलेगा। उन्होंने कहा कि ईमानदार लोग जब आते हैं, तो पार्टी का भी कद बढ़ता है। ऐसे ही पार्टी के कारण अरविंद जी का भी कद बढ़ेगा। इसलिए मैं इस अवसर पर अरविंद जी का हृदय से स्वागत करता हूं। उनके आने से राज्य सरकार और केन्द्र सरकार को भी मजबूती मिलेगी।

इस मौके पर एके शर्मा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का उनकी अनुपस्थिति में आभार जताते हुए कहा कि वह मऊ जिले के पिछड़े गांव से ताल्लुक रखते हैं। वह राष्ट्रवाद और पार्टी की सेवा के लिए राजनीति में आए हैं। पार्टी जो जिम्मेदारी सौंपेगी उसे स्वीकार करेंगे। उन्होंने कहा कि वह पार्टी में शामिल होकर गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। मेहनत और संघर्ष करके मैंने आईएएस की नौकरी पाई। मैं सचिव के पद पर कार्य कर रहा था। ऐसा व्यक्ति जिसका कोई राजनीतिक बैकग्राउंड ना हो, उसे पार्टी में लाना शायद नरेन्द्र मोदी और भाजपा ही कर सकती है। इस बात के लिए मैं नतमस्तक हूं।

उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में 11 अप्रैल 1962 को जन्‍मे अरविंद कुमार शर्मा 1988 बैच के गुजरात कैडर के आईएएस अफसर रहे हैं। जब नरेन्द्र मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब अरविन्द शर्मा ने 2001 से लेकर 2013 तक उनके साथ मुख्‍यमंत्री कार्यालय में काम किया। उन्हें आपदा प्रबंधन, कॉपोर्रेट प्रबंधन, औद्योगिक और निवेश संवर्धन के साथ इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट विभागों को संभालने का अनुभव है। 

वर्ष 2014 में नरेन्द्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बनने के बाद अरविन्द कुमार शर्मा गुजरात कैडर से सेंट्रल डेप्युटेशन पर आ गए। उनका ये कार्यकाल जुलाई 2022 तक का था। उन्होंने 2014 में बतौर ज्वाइंट सेक्रेटरी पीएमओ ज्वाइन किया था। तीन साल में उन्हें एडिशनल सेक्रेटरी बना दिया गया। वहीं गत वर्ष जब कोरोना संक्रमण की वजह से अर्थव्यवस्था पर काफी असर पड़ा और एमएसएमई मंत्रालय पर राहत पहुंचाने का भारी दबाव था। तब इस मंत्रालय में अरविंद कुमार शर्मा की तैनाती की गई। यहां उनके कार्यों की बेहद तारीफ हुई और एमएसएमई सेक्टर को राहत पहुंचाए जाने से जुड़े कुछ केन्द्र सरकार की तरफ से किए गए।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सबसे भरोसेमंद अफसरों में शामिल रहे शर्मा ने कुछ दिनों पहले ही स्वैच्छिक सेवानिवृति ली है। चर्चा है कि पार्टी उन्हें उत्तर प्रदेश से विधान परिषद भेजने जा रही है। इसीलिए चुनाव से ठीक पहले उन्होंने पार्टी की सदस्यता ली है।  

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