कोरोना के दौरान गैर कानूनी रूप से बच्चों को गोद लेने वालो पर हो कार्रवाई: झिमोमी

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लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने कोविड महामारी के दौरान गैर कानूनी रूप से बच्चों को गोद लेने वालों के विरूद्ध कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। राज्य की महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव वी0 हिकाली झिमोमी की अध्यक्षता में आज यहां कोविड-19 के सम्बन्ध में बैठक की गई। बैठक में बताया कि महामारी के दौरान गैर कानूनी रूप से बच्चों को गोद दिए जाने संबंधित संदेश प्रकाश में आये हैं जो गैर कानूनी तथा दण्डनीय हैं । प्रमुख सचिव ने निर्देश दिये गये की ऐसे संदेशों के प्रति जन-सामान्य को सजग किया जाये तथा दोषियों के विरूद्ध कानूनी कार्रवाई की जाये। इस बैठक में निदेशक, महिला कल्याण विभाग मनोज कुमार राय वर्चुअल कमिटी की सदस्य, समस्त उप मुख्य परिवीक्षा अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी, यूनिसेफ के बाल संरक्षण विशेषज्ञ आफताब मोहम्मद ने प्रतिभाग किया । बैठक में प्रमुख सचिव ने सभी जिलो की संस्थाओं में आवासित महिलाओं एवं बच्चों के कोविड-19 के नियमित परीक्षण की समीक्षा की एवं समस्त जिला प्रोबेशन अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक 15 दिनों में बाल एवं महिला देखरेख संस्थाओं में आवासित महिलाओं एवं बच्चों के कोविड-19 का परीक्षण अनिवार्य रूप में करायें। उन्होंनें मुख्यालय को यह निर्देशित किया किया कि प्रत्येक दिन शाम को प्रदेश के विभिन्न बाल एवं महिला देखरेख संस्थाओं में आवासित महिलाओं एवं बच्चों के साथ-साथ कार्मिकों के कोविड-19 से संक्रमित होने, अस्पताल में भर्ती होने, होम आइसोलेशन में रह रहे बच्चों, महिलाओं एवं कार्मिकों का डाटा व्हाट्सएप्प पर प्रेषित करें।

प्रमुख सचिव ने कोविड के कारण जिन बच्चों के माता-पिता या दोनों में से किसी एक की मृत्यु हो चुकी है या ऐसे बच्चे बच्चे जिनके माता-पिता कोविड-से संक्रमित होने के कारण अस्पताल/होम आईसोलेशन में हैं और इन बच्चों का देखरेख करने वाला कोई नहीं है, ऐसे समस्त बच्चों को चिन्हित कर उनके पुर्नवास के लिए आवश्यक कार्यवाही की जाये। ऐसे समस्त बच्चों के संबंध में चाइल्ड लाइन-1098 एवं महिला हेल्पलाइन 181 को सूचित किया जाय। बच्चों के चिन्हांकन में ग्राम निगरानी समिति एवं मोहल्ला निगरानी समिति यहित विभिन्न स्तरों पर गठित बाल संरक्षण समितियाें का सहयोग लिया जाये।

उन्होंने कहा कि ऐसे सभी बच्चों को 24 घंटों के भीतर बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाय। महामारी के दौरान गैर कानूनी रूप से बच्चों को गोद दिए जाने संबंधित संदेश प्रकाश में आये हैं जो गैर कानूनी तथा दण्डनीय हैं। प्रमुख सचिव द्वारा निर्देश दिये गये की ऐसे संदेशों के प्रति जन-सामान्य को सजग किया जाये तथा दोषियों के विरूद्ध कानूनी कार्रवाई की जाये।

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