संधि पूजा में देवी को चढ़ाए गए 108 कमल पुष्प

Newspoint24 / newsdesk

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लखनऊ । श्रीदुर्गा पूजा पंडालों में बुधवार को अष्टमी पूजा हुई। रात को संधि पूजा की गई। अष्टमी पर माता को कई मेल की सब्जियों का भोग लगाया गया। पूजा पंडालों में कोविड गाइड लाइन्स का पालन किया जा रहा है।

श्रीदुर्गा पूजा पंडालों में शारदीय नवरात्रि अष्टमी तिथि को सुबह अष्टमी पूजा की गई। इस अवसर पर बंगाली परिवारों के लोगों ने भक्तिभाव से देवी की पूजा की। देवी को परम्परागत कई मेल की सब्जियों का भोग लगाया गया। शाम को आरती हुई।

निरालानगर स्थित श्रीरामकृष्ण मठ मे सुबह देवी स्वरूप कन्या पूजन हुआ। यहां 5 साल से कम आयु की बच्ची को ही देवी का स्वरूप बनाकर पूजा की जाती है। यह इस मठ की विशेष पूजा होती है। देवी की सभी ने पूजा की और आशीर्वाद लिया। दोपहर को भंडारा हुआ। शाम को मठ में संधि पूजा की गई। यहां संधि पूजा शाम 7ः40 से 8ः32 मिनट तक की गई।

भूतनाथ बाजार स्थित पूजा पार्क में बंग भारती समिति की ओर से श्रीदुर्गा पूजा का आयोजन किया गया है। यहां समिति के सेक्रेटरी विद्युत मजूमदार ने बताया कि अष्टमी पर देवी को कई मेल की सब्जियों का भोजन लगाया गया। यह परम्परागत भोग होता है, जो श्रीदुर्गा पूजा में देवी का लगाया जाता है। इसमें बैंगन, मूली, बंडा, पालक सहित 10-12 तरह की सब्जियों को मिलाकर बनाया जाता है।

बंग भारती पूजा समिति के सेक्रेटरी मजूमदार ने बताया कि संधि पूजा में 108 दीये प्रज्जवलित किए जाते हैं। कमल पुष्प भी 108 की संख्या में ही देवी को चढ़ाए जाते हैं। श्रीदुर्गा पूजा उत्सव में संघि पूजा का विशेष महत्व है। यह पूजा अष्टमी और नवमी तिथि के मिलन पर की जाती है। इसमें बंगाली परिवारों के सभी लोग खास तौर पर शामिल होते है।

हिन्दुस्थान समाचार

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