शुरूआती राउंड में वापसी करने से बचना चाहता हूं : बजरंग

शुरूआती राउंड में वापसी करने से बचना चाहता हूं : बजरंग

Newspoint24 / newsdesk

नयी दिल्ली । भारत की टोक्यो ओलम्पिक में सबसे बड़ी पदक उम्मीद पहलवान बजरंग पुनिया ओलम्पिक में शुरूआती राउंड में वापसी कर जीत हासिल करने से बचना चाहते हैं क्योंकि इससे पदक राउंड में पहुंचने से पहले ही उनपर थकान हावी हो जाती है।
27 वर्षीय फ्रीस्टाइल पहलवान को टोक्यो में 65 किग्रा वर्ग में दूसरी वरीयता मिली है। टोक्यो में उनपर देश को स्वर्ण पदक दिलाने का दारोमदार है। बजरंग ने एक अंग्रेजी अखबार को दिए साक्षात्कार में कहा,''मैं देश के लिए पदक जीतकर लौटना चाहता हूं। मैं इस बात पर मेहनत कर रहा हूं कि शुरुआत में अंक नहीं दूं। मेरे कोच एमजेरियोस बेंटिनिदिस मुझे बराबर कहते रहते हैं कि पिछड़ने के बाद वापसी कर जीत हासिल करने में बहुत प्रयास लगता है और यदि मैं ऐसा करता रहा तो मैडल राउंड में पहुंचने से पहले ही मेरी ऊर्जा समाप्त हो जायेगी।
विश्व चैंपियन रूस के गदझीमुराद 65 किग्रा के मजबूत ग्रुप में शीर्ष वरीयता प्राप्त हैं। बजरंग का कहना है कि इस ग्रुप में 10-12 पहलवान ऐसे हैं जो अपने दिन किसी को भी हरा सकते हैं
एशियाई और राष्ट्रमंडल खेलों के स्वर्ण विजेता बजरंग का पैरों का डिफेंस ही उनकी एकमात्र कमजोरी है लेकिन वह इससे चिंतित नहीं हैं। उन्होंने कहा,''पैरों के डिफेंस पर फोकस करना एकमात्र हल नहीं है। जब विपक्षी पहलवान थकने लगे और थकान उस पर हावी हो जाए तब मैं उस पर हमला करूंगा और अंक बटोरूंगा। ''
भारतीय पहलवान ने कहा,''मेरी शैली जीत के लिए कड़ी मेहनत करने पर टिकी है । मैं अपने वजन वर्ग के अन्य पहलवानों की तरह तकनीकी खेल खेलने में सक्षम नहीं हूं मेरा मजबूत पक्ष ताकत और धैर्य है इससे मुझे मुकाबले में वापसी करने में मदद मिलती है । '

Share this story