टोक्यो ओलंपिक में दम दिखाने को तैयार अमेरिकी एथलीट, जानिए किन खेलों में मारेंगे बाज़ी?

टोक्यो ओलंपिक में दम दिखाने को तैयार अमेरिकी एथलीट, जानिए किन खेलों में मारेंगे बाज़ी?

Newspoint 24 / newsdesk

टोक्यो । ओलंपिक खेल हों, और इन खेलों की पदक तालिका में पहले स्थान के लिए अमेरिका अपनी पूरी शक्ति न झौंक दे, ऐसा हो ही नहीं सकता। इस बार भले ही उसे रियो डी जेनेरियो खेलों की तरह एक बार फिर टोक्यो ओलंपिक में चीन के एथलीटों से कड़ी टक्कर का सामना करना पड़े, अमेरिका के दर्जन भर खेल सितारों पर भारत सहित दुनिया भर के दो अरब दर्शकों की निगाहें होंगी। क्या कोई खेलप्रेमी ओलंपिक की ढेरों पदक वाली तीन मूल प्रतिस्पर्धाओं-जिमनास्टिक, तैराकी और ट्रैक एवं फ़ील्ड में टूटते बनते नए कीर्तिमानों को नज़रंदाज कर पाएगा? अमेरिका ने इन्हीं तीनो प्रतिस्पर्धाओं में ढेरों पदक जीत कर ब्राज़ील के रियो में 46 स्वर्ण, 37 रजत और 38 कांस्य पदक जीत कर ,चीन (26-18-26 कुल 70) को पदक तालिका में बहुत पीछे छोड़ दिया था।

रियो ओलंपिक में ब्रिटेन (67) और रूस (56 )क्रमश: तीसरे और चौथे स्थान पर रहे थे। रूसी एथलीट डोपिंग आरोपों में घिरे होने के कारण दंड स्वरूप ओलंपिक ध्वज के नीचे खेलेंगे, लेकिन वे अपने देश की पहचान बनाए रखने के लिए ड्रेस के रंग बरक़रार रख पाएँगे।

सिमोन बाइल्स-जिमनास्टिक में इतिहास रचेंगी :

अमेरिका के चंद ऐसे ही सितारों की बात करें, तो अश्वेत सिमोन बाइल्स एक जिमनास्टिक के इतिहास में एक बेजोड़ जगमगाती सितारा है। दावा है कि सिमोन बाइल्स ने टोक्यो में जिमनास्टिक की ‘बार’ प्रतिस्पर्धा में बार की ऊँचाई इतनी तय करने का मन बनाया है कि दुनिया की कोई महिला जिमनास्ट उस तक पहुँच ही नहीं पाए। इसके लिए सिमोन ने अपनी असीम ऊर्जा और गति के साथ शारीरिक चपलता को ऐसा साधा है कि प्रतिस्पर्धी जिमनास्ट उसके लक्ष्य को भेद ही नहीं पाए। पिछली मई में सिमोन ने वाल्ट स्पर्धा में तकनीकी तौर पर यह सिद्ध कर दिया था कि वह तकनीक में अद्वितीय है। रियो में सिमोन बाइल्स ने अपनी चार स्पर्धाओं-आल राउंड, टीम वाल्ट और बार में चार स्वर्ण पदक जीते थे। पिछले 53 वर्ष के इतिहास में एक बार फिर वह नादिया के आल राउंड रिकार्ड की बराबरी कर लेगी। सिमोन बाइल्स की टीम में सुनिसा ली भी एक ऐसी महिला जिमनास्ट हैं, जिसका अनइवन बार में कोई सानी नहीं है। एक साल पहले 18 वर्षीय सुनिसा ने नेशनल में टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक के साथ वैयक्तिक और फ़्लोर एक्सरसाइज़ में रजत एवं अनइवन में कांस्य जीते थे, जबकि उसके पिता मात्र कुछ दिन पूर्व अपनी रीढ़ की हड्डी तुड़वा कर घर लौटे थे।

सिमोन मैन्यूअल और काटी लेडेकक्य :

तैराकी में काटी लेडेकक्य और सिमोन एक नाम है। 24 वर्षीय काटी पाँच बार ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता हैं। काटी 800 मीटर फ़्री स्टाइल में दो बार विजेता रहने के साथ 200, 400 मीटर फ़्री स्टाइल में विजेता रही है। उसकी एक विशेषता है कि 400 मीटर फ़्री स्टाइल में वह विश्व के दस सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन में 23 बार सब से तेज़ गति का समय दर्ज कर चुकी हैं। इस बार 1500 मीटर फ़्री स्टाइल की नई स्पर्धा में उस पर फिर तैराकी प्रेमियों की निगाहे होंगी। सिमोन बाइल्स की तरह अश्वेत सिमोन मैन्यूअल ने पहली बार रियो डि जेनेरियो की 100 मीटर फ़्री स्टाइल स्पर्धा में तकनीक के साथ ऊर्जा लगा दी थी। कहती हैं स्पर्धा की शेष 15 मीटर की दूरी की परवाह न करते उसने अपनी सारी ऊर्जा झौंक दी थी। इस बार वह इस स्पर्धा के ट्रायल में खरी नहीं उतर सकी, पर 50 मीटर फ़्री स्टाइल में उसकी स्पीड और ऊर्जा पर निगाहें जमी होंगी। इनके अलावा 100 मीटर महिला ब्रेस्ट सट्रोक में लिली किंग न केवल विश्व चैंपियन है, उसके विश्व रिकार्ड के साथ 15 बार सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहे हैं। लिली के मुक़ाबले रूस की यूलिया इफिमोवा एक मात्र प्रतिस्पर्धी है, जो पीछे डोपिंग में फँस गई थी।

पुरुषों की तैराकी स्पर्धा में मार्क स्पिट्ज और माइकल फ़ेल्प्स के बाद 24 वर्षीय काएलेब ड्रेसल का नाम लिया जा रहा है। ड्रेसल एक बेहतरीन स्प्रिंटर हैं। उनसे व्यक्तिगत स्वर्ण के अलावा 4 गुना 100 मीटर फ़्रीस्टाइल रिले सहित चारों रिले में भागीदार के रूप में स्वर्ण की उम्मीदें हैं।

ट्रैक और फ़ील्ड प्रतिस्पर्धाएं:

ट्रैक और फ़ील्ड स्पर्धा में अमेरिकी एथलीटों का वर्चस्व रहा है। सौ मीटर फ़र्राटा दौड़ में जमैका के स्टार उसैन बोल्ट की ग़ैरमौजूदगी में अमेरिका के अश्वेत 26 वर्षीय त्रयवों ब्रोमेल का 100 मीटर (सर्व श्रेष्ठ समय 9.77 सेकेंड, 9.80 सेकेंड ) की फ़र्राटा दौड़ में जीतना तय माना जा रहा है, हालाँकि वह उसैन बोल्ट के विश्व रिकार्ड ( 9.58 सेकेंड) तक पहुँच सके तो यह करिश्मा होगा। इस दौड़ में उनके अमेरिकी जोड़ीदार रोनी बेकर, रियो खेलों में 400 मीटर दौड़ के कांस्य पदक विजेता फ़्रेड केरले, लाइल्ज़ और रियो गेम के कांस्य पदक विजेता आंद्रे डी ग्रससे कनाडा व दक्षिण अफ़्रीका के अकानि सिंबाइन (9.84 सेकेंड) एक श्रेणी के धावक हैं। ब्रोमेल इन्हें पछाड़ते हैं तो यह 16 वर्ष पूर्व अमेरिकी फ़र्राटा धावक 39 वर्षीय जस्टिन गैटिन के लिए सुखद स्मृति होगी। ब्रोमेल ने ओलंपिक ट्रायल में अपनी फ़र्राटा दौड़ में जीत के बाद कहा था,’’ में ईशु के लिए दौड़ता हूँ और जब जीता तो मुझे उनके दर्शन की अनुभूति हुई।’ उसैन बोल्ट कह चुके हैं कि उनका उत्तराधिकारी ब्रोमेल होगा। इस दर्शनीय स्पर्धा के सेमी फ़ाइनल 31 जुलाई और फ़ाइनल 01 अगस्त को होंगे।

अमेरिकी धावकों में 200 मीटर में विश्व चैम्पियन नोह लाइल्ज़,400 मीटर में माइकल नोरमैन, 800 मीटर में क्लेटन मर्फ़ी, 1500 मीटर में कोल हॉकर और स्टिपल चेज़ 3000 मीटर हिलेरी बोर पर दुनिया भर के ट्रैक प्रेमियों की निगाहें रहेंगी। फ़ील्ड स्पर्धाओं में शाट पुट में राइयन क्राउज़र, हैमर थ्रो में रूडी विंकलेर विश्व स्तरीय एथलीट हैं और इनमें स्वर्ण पदक जीतने का मादा है।

महिला स्पर्धाओं में फ़र्राटा धाविका शॉ कारी रिचर्डसन के डोपिंग में बाहर होने के कारण 100 और 200 मीटर की ज़िम्मेदारी नई धविकाओं पर होगी, जबकि 400 मीटर बाधा दौड़ ( 51.90 सेकेंड ) में विश्व रिकार्ड होल्डर सिडनी मक्लॉक्लन और 400 मीटर दौड़ में विश्व चैंपियन एलीसन फ़ेलिक्स का कोई सानी नहीं है। एलीसन से छह स्पर्धाओं में छह स्वर्ण सहित नौ पदकों की उम्मीद लगाई जा रही है। ये दोनों महिला धाविकाएँ ऐसी हैं जो अमेरिका की झोली भरने के लिए काफ़ी हैं। ये दोनों धाविकाएँ टोक्यो में अपनी अपनी दौड़ जितने के साथ 5 गुना 400 मीटर रिले में निश्चित स्वर्ण पदक की जीत के लिए उत्साहित है।

अमेरिकी एथलीट बताते हैं कि विश्व चैम्पियनशिप, ओलिंपिक खेलों अथवा क्षेत्रीय प्रतिस्पर्धाओं के लिए वे शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक तौर पर अपने को तैयार करते हैं। इस तैयारी में उनका, उनके परिवार और काउंटी का योगदान तो होता ही है, फ़ेडरल और प्रांतीय सरकारें भी खेलों में शीर्ष स्थान के लिए हर संभव प्रयास करती हैं।
 

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