2nd Test, Johannesburg south africa Vs india : दक्षिण अफ्रीका दूसरी पारी 118 /2 , लक्ष्य से 122 रन पीछे

2nd Test, Johannesburg south africa Vs India: South Africa 2nd innings 118/2, 122 runs behind target

Newspoint24/संवाददाता /एजेंसी इनपुट के साथ


Rassie Van Der Dussen of South Africa during day 3 of the 2nd Betway WTC Test match between South Africa and India at Imperial Wanderers Stadium on...


जोहानिसबर्ग। कप्तान डीन एल्गर ठोस नाबाद पारी और दो उपयोगी साझेदारियों से दक्षिण अफ्रीका ने भारत के खिलाफ दूसरे टेस्ट क्रिकेट के तीसरे दिन बुधवार को यहां अपनी दूसरी पारी में दो विकेट पर 118 रन बनाकर 240 रन का लक्ष्य हासिल करने की उम्मीदें जीवंत रखी।

एल्गर अभी 121 गेंदों पर 46 रन बनाकर खेल रहे हैं। उन्होंने एडेन मार्कराम (31) के साथ पहले विकेट के लिये 47 और कीगन पीटरसन (28) के साथ दूसरे विकेट के लिये 46 रन की साझेदारियां करके भारत को हावी होने से रोका। स्टंप उखड़ने के समय एल्गर के साथ रॉसी वान डर डुसेन 11 रन पर खेल रहे थे।

दक्षिण अफ्रीका अब लक्ष्य से 122 रन पीछे है

Ravichandran Ashwin of India celebrates with teammates after dismissing Keegan Petersen of South Africa during day 3 of the 2nd Betway WTC Test match...

दक्षिण अफ्रीका अब लक्ष्य से 122 रन पीछे है। अपनी पहली पारी में 202 रन बनाने वाले भारत ने दूसरी पारी में 266 रन बनाये। दक्षिण अफ्रीका ने पहली पारी में 229 रन बनाकर 27 रन की बढ़त हासिल की थी।

वांडरर्स में सबसे बड़ा लक्ष्य हासिल करने का रिकार्ड आस्ट्रेलिया के नाम है जिसने 2011 में 310 रन बनाकर जीत दर्ज की थी।

भारत यदि दक्षिण अफ्रीका के सामने चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रख पाया तो उसका श्रेय चेतेश्वर पुजारा (86 गेंदों पर 53) और अजिंक्य रहाणे (78 गेंदों पर 58 रन) की अर्धशतकीय पारियों और दोनों के बीच तीसरे विकेट के लिये 23.2 ओवर में 111 रन की साझेदारी को जाता है।

बाद में हनुमा विहारी (84 गेंदों पर नाबाद 40) ने आखिरी चार बल्लेबाजों के साथ मिलकर 82 रन जोड़े। इनमें शार्दुल ठाकुर (24 गेंदों पर 28) ने अहम योगदान दिया।

Kagiso Rabada of South Africa during day 1 of the 2nd Betway WTC Test match between South Africa and India at Imperial Wanderers Stadium on January...

कैगिसो रबाडा (77 रन देकर तीन) ने पहले सत्र के आखिरी 45 मिनट में तीन विकेट लेकर दक्षिण अफ्रीका को वापसी दिलायी। मार्को जेनसन (67 रन देकर तीन) और लुंगी एनगिडी (43 रन देकर तीन) ने बाद में इसका फायदा उठाया।

इस श्रृंखला में अब तक रन बनाने के लिये जूझ रहे मार्कराम ने कुछ विश्वसनीय शॉट लगाकर अपने इरादे जतलाये लेकिन ठाकुर (24 रन देकर एक) ने गेंद संभालते ही लगातार उन्हें परेशान किया। पगबाधा की दो अपील ठुकराये जाने के बाद भी ठाकुर ने लाइन व लेंथ बनाये रखी। उनकी तीसरी अपील पर न अंपायर को शक था और ना ही बल्लेबाज को।

इसके बाद पीटरसन ने अपने कप्तान के साथ अगले 16 ओवर तक विकेट नहीं गिरने दिया और इस बीच दूसरे विकेट के लिये 46 रन जोड़े। भारतीय तेज गेंदबाजों विशेषकर ठाकुर की कुछ गेंदें खतरनाक थी लेकिन दक्षिण अफ्रीका के ये दोनों बल्लेबाज टिके रहे।

ऐसे में ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन (14 रन देकर एक) ने अपनी भूमिका निभायी। उनकी तेजी से स्पिन लेती गेंद पर पीटरसन गच्चा खाकर पगबाधा हो गये। वान डर डुसेन ने हालांकि एल्गर की तरह पांव जमाये रखा और कप्तान के साथ दिन के बाकी बचे 12 ओवर में टीम को कोई झटका नहीं लगने दिया।

भारत के लिये चौथे दिन पहला सत्र महत्वपूर्ण होगा जिसमें वह शुरू में विकेट लेकर बल्लेबाजों पर दबाव बनाने की कोशिश करेगा।

इससे पहले भारत ने सुबह दो विकेट पर 85 रन से आगे खेलना शुरू किया। खराब फॉर्म के कारण आलोचकों के निशाने पर चल रहे पुजारा और रहाणे जानते थे कि उनके लिये आगे टीम में जगह बनाना मुश्किल होगा और इसलिए उन्होंने रन बनाने पर अधिक ध्यान दिया।

Aiden Markram and Marco Jansen of the Proteas celebrate the wicket of Rishabh Pant of India during day 1 of the 2nd Betway WTC Test match between...

पुजारा ने 62 गेंदों पर जबकि रहाणे ने 67 गेंदों पर अर्धशतक पूरा किया
पुजारा ने 62 गेंदों पर जबकि रहाणे ने 67 गेंदों पर अर्धशतक पूरा किया जिससे पता चलता है कि उन्होंने रन बनाने को प्राथमिकता में रखा। पुजारा ने 10 चौके जबकि रहाणे ने आठ चौके और एक छक्का लगाया।

भारत का स्कोर एक समय दो विकेट पर 155 रन था और वह अच्छी स्थिति में दिख रहा था, लेकिन इसके बाद रबाडा ने तीन विकेट झटककर दक्षिण अफ्रीका को वापसी दिलायी।

रबाडा ने रहाणे को विकेटकीपर काइल वेरेन के हाथों कैच कराया और पुजारा को पगबाधा आउट किया। उन्होंने इसके बाद ऋषभ पंत को खाता भी नहीं खोलने दिया जिन्होंने शार्ट पिच गेंद को हॉफ वॉली पर खेलने का गैरजिम्मेदाराना रवैया अपनाकर विकेटकीपर को कैच दिया। अश्विन ने एनगिडी की गेंद पर विकेट के पीछे कैच देने से पहले 14 गेंदों पर 16 रन बनाये।

ठाकुर ने आते ही कुछ आकर्षक शॉट जमाये तथा विहारी के साथ सातवें विकेट के लिये 41 रन जोड़े। इसमें ठाकुर का योगदान 28 रन था जिसमें पांच चौके और जेनसन पर लगाया गया एक छक्का भी शामिल है। जेनसन ने इसी ओवर में उन्हें सीमा रेखा पर कैच कराया।


विहारी ने इसके बाद रणनीतिक बल्लेबाजी की। उन्होंने जसप्रीत बुमराह (सात) के साथ 17 और मोहम्मद सिराज (शून्य) के साथ 21 उपयोगी रन जोड़े। विहारी ने अपनी पारी में छह चौके लगाये।

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