जहां सरकार की आवश्यकता नहीं है, ऐसे ज्यादातर क्षेत्रों को निजी क्षेत्र के लिए खोला जा रहा है : पीएम मोदी 

जहां सरकार की आवश्यकता नहीं है, ऐसे ज्यादातर क्षेत्रों को निजी क्षेत्र के लिए खोला जा रहा है : पीएम मोदी

Newspoint24 / newsdesk / एजेंसी इनपुट के साथ 


आज जितनी निर्णायक सरकार भारत में है, उतनी पहले कभी नहीं रही: मोदी

नयी दिल्ली। आज जितनी निर्णायक सरकार भारत में है, उतनी पहले कभी नहीं रही , मैं इंडियन स्पेस एसोसिएशन – इस्पा के गठन के लिए आप सभी को एक बार फिर बधाई देता हूं, अपनी शुभकामनाएं देता हूं। यह बात PM मोदी ने 'लॉन्च ऑफ इंडियन स्पेस एसोसिएशन' कार्यक्रम में कही। 


उन्होंने कहा कि सार्वजनिक उपक्रमों को लेकर सरकार एक स्पष्ट नीति के साथ आगे बढ़ रही है और जहां सरकार की आवश्यकता नहीं है, ऐसे ज्यादातर क्षेत्रों को निजी क्षेत्र के लिए खोला जा रहा है। 

अभी एयर इंडिया से जुड़ा जो फैसला लिया गया है वो हमारी प्रतिबद्धता और गंभीरता को दिखाता है। 
जब हम स्पेस सुधारों की बात करते हैं, तो हमारी अप्रोच 4 खंभों पर आधारित है। पहला, प्राइवेट सेक्टर को नवाचार की आज़ादी, दूसरा, सरकार की एनेबलर के रूप में भूमिका, तीसरा, भविष्य के लिए युवाओं को तैयार करना और चौथा, स्पेस सेक्टर को सामान्य मानवी की प्रगति के संसाधन के रूप में देखना।

हमारा स्पेस सेक्टर, 130 करोड़ देशवासियों की प्रगति का एक बड़ा माध्यम है। हमारे लिए स्पेस सेक्टर यानी, सामान्य मानवी के लिए बेहतर मैपिंग, इमेजिंग और कनेक्टिविटी की सुविधा, हमारे लिए स्पेस सेक्टर यानी, उद्यमियों के लिए शिपमेंट से लेकर डिलीवरी तक बेहतर स्पीड। 


हमने देखा है कि 20वीं सदी में ‘स्पेस’ और ‘भूभाग’ पर राज करने की प्रवृत्ति ने दुनिया के देशों को किस तरह विभाजित किया। अब 21वीं सदी में अंतरिक्ष दुनिया को जोड़ने में, एक करने में अहम भूमिका निभाए, ये भारत को सुनिश्चित करना होगा।

आत्मनिर्भर भारत अभियान सिर्फ एक विजन नहीं है बल्कि एक सुविचारित , सुनियोजित, एकीकृत आर्थिक रणनीति भी है। एक ऐसी रणनीति जो भारत के उद्यमियों, भारत के युवाओं के कौशल की क्षमताओं को बढ़ाकर, भारत को वैश्विक विनिर्माण महाशक्ति बनाए।

आत्मनिर्भर भारत एक ऐसी रणनीति है जो भारत के टेक्नोलॉजीकल एक्सपर्टीज को आधार बनाकर, भारत को नवाचारो का वैश्विक केन्द्र बनाए। एक ऐसी रणनीति जो वैश्विक विकास में बड़ी भूमिका निभाए, भारत के मानव संसाधनों और कौशल की प्रतिष्ठा, विश्व स्तर पर बढ़ाए। 
 

Share this story