(अपडेट) कांग्रेस 15 जनवरी को मनाएगी 'किसान अधिकार दिवस', कार्यकर्ता करेंगे राजभवनों का घेराव
 

newspoint24.com/newsdesk

नई दिल्ली (अपडेट)। केंद्र के तीन नए कृषि कानूनों को खिलाफ 40 से ज्यादा दिनों से चल रहे किसान आंदोलन के समर्थन में कांग्रेस ने देशभर में प्रदर्शन करने की घोषणा की है। पार्टी कार्यकर्ता 15 जनवरी को सभी राज्यों में राजभवन का घेराव करेंगे। 

कांग्रेस महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला ने शनिवार को पत्रकार वार्ता में बताया कि किसान आंदोलन और वर्तमान राजनीतिक स्थिति को लेकर आज पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने महासचिवों और प्रभारियों के साथ डिजिटल वार्ता की। इस दौरान उन्होंने निर्णय किया है कि किसानों के समर्थन में हर प्रांतीय हेडक्वार्टर पर कांग्रेस 15 जनवरी को 'किसान अधिकार दिवस' के रूप में एक जन आंदोलन करेगी। रैली और धरने के बाद पार्टी कार्यकर्ता राजभवन तक जाकर तीनों कानूनों को खत्म करने के लिए सरकार से गुहार लगाएंगे।

सुरजेवाला ने कहा कि समय आ गया है कि मोदी सरकार देश के अन्नदाता की चेतावनी को समझे क्योंकि अब देश का किसान काले कानून खत्म करवाने के लिए 'करो या मरो' की राह पर चल पड़ा है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार षड्यंत्रकारी तरीके से न्याय मांग रहे देश के अन्नदाता किसानों को 'थकाने और झुकाने' की साजिश कर रही है। कृषि कानून खत्म करने की बजाय, 40 दिन से 'मीटिंग-मीटिंग' खेल रही है तथा किसानों को 'तारीख पर तारीख' दे रही है। 

कांग्रेस नेता ने कहा कि कमाल यह है कि 73 साल में यह देश की पहली सरकार है, जो अपनी जिम्मेदारी से पीछा छुड़ा देश के अन्नदाताओं को कह रही है कि सुप्रीम कोर्ट चले जाओ। यह समझ से परे है कि सरकार अपनी जिम्मेदारी कोर्ट की तरफ क्यों टाल कर रही है? आखिर किसान विरोधी इस नीतिगत फैसले लेने के लिए सरकार ही तो जवाबदेह है। भारतीय संविधान ने कानून बनाने की जिम्मेदारी कोर्ट को नहीं दी, संसद को दी है। यदि सरकार अपनी जिम्मेदारी संभालने में अक्षम है तो मोदी सरकार को एक मिनट भी सत्ता में बने रहने का अधिकार नहीं है।

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