शाह का असम में कांग्रेस पर हमला

Newspoint24.com/newsdesk

बिजनी (असम) | भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता और गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि उसने असम में विकास कार्यों पर ध्यान नहीं दिया और अलगाववाद को समाप्त करने के लिए ठोस प्रयास नहीं किये।

श्री शाह ने भाजपा की ओर से यहां आयोजित एक चुनावी सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि कांगेस असम में अलगाववाद को समाप्त करना नहीं चाहती थी। कांग्रेस कभी भी हिंसा, आतंकवाद और आन्दोलन समाप्त करना नहीं चाहती थी। कांग्रेस आल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट के नेता बदरुद्दीन अजमल के साथ है। उन्होंने कहा कि श्री अजमल असम की पहचान नहीं हो सकते हैं। असम का कोई पहचान हो सकता है तो वह भूपेन हजारिका हैं।

उन्होंने कहा, “ डबल इंजन सरकार के माध्यम से असम को विकास के रास्ते पर ले जाने का काम किया गया है। भाजपा ने कहा था कि श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बनाइये, हम आंदोलन मुक्त असम देंगे। भाजपा ने कहा था कि असम में भाजपा और असम गण परिषद की सरकार बनाइए, हम एक विकसित असम आपको देंगे। आज तीनों वादे पूरा करके भाजपा आपका आशीर्वाद मांगने फिर यहां आई है।”

श्री शाह ने कहा कि श्री अजमल कहते हैं कि सरकार बनाने की चाबी उनके हाथ में है जबकि सबको पता है कि असम में सरकार बनाने की चाबी जनता के हाथ में है। उन्होंने कहा कि असम को घुसपैठियों का अड्डा बनने नहीं दिया जायेगा ।

उन्होंने कहा कि असम का गौरव गैंडों का काजीरंगा के जंगलों में घुसपैठिए शिकार करते थे। सरकार ने काजीरंगा की भूमि को घुसपैठियों से मुक्त कराकर गैंडों के शिकार को रोकने का काम किया है। केन्द्र सरकार ने असम के विकास के लिए ढेर सारे काम किए हैं। ब्रह्मपुत्र नदी पर छह पुल बनाए गये हैं और तेल क्षेत्र के विकास के लिए 46 हजार करोड़ रुपये दिए गये हैं।

उन्होंने कहा कि भाजपा ने असम में हिंसा का युग समाप्त करके शांति स्थापित करने का वादा किया था। इसके अलावा बोडोलैंड समझौता किया गया था और समझौते के तहत दो तिहाई वादे छह महीने में पूरे कर दिए गये। असम में हथियार उठाने वाले युवाओं के पुनर्वास के लिए चार-चार लाख रुपये की सहायता दी गयी।

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