उत्तर प्रदेश में कुछ भी नहीं बदला है, 2017 में शमशान-क़ब्रिस्तान कर रहे थे, अब राशन और अब्बाजान कर रहे हैं योगी : ओवैसी

उत्तर प्रदेश में कुछ भी नहीं बदला है, 2017 में शमशान-क़ब्रिस्तान कर रहे थे, अब राशन और अब्बाजान कर रहे हैं योगी : ओवैसी

newspoint 24 / newsdesk 

पटना। AIMIM के राष्ट्रीय अध्यक्ष बैरिस्टर असदुद्दीन ओवैसी ने आज सुबह पटना, बिहार में प्रेस कांफ्रेंस की, और देश के विभिन्न मुद्दों को लेकर मीडिया के सामने रूबरू हुए। ओवैसी ने कहा नरेंद्र मोदी की सरकार में दम है तो तालिबान को आतंकी घोषित करे। केंद्र की मोदी सरकार पर हमला करते हुए ओवैसी ने कहा कि अफगानिस्तान में तालिबान के आने से पाकिस्तान-चीन मजबूत होंगे। यह भारत के लिए फिक्र की बात है। नरेंद्र मोदी सरकार को तालिबान को आंतकी घोषित करना चाहिए। UAPA की सूची में तालिबान को डाले। नरेंद्र मोदी की सरकार में दम है तो तालिबान को आतंकी घोषित करें।

ओवैसी ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में मुख्तार अंसारी और अतीक अहमद को टिकट दिए जाने के सवाल पर कहा कि ऐसे सवाल जेडीयू और बीजेपी से क्यों नहीं किया जाता है , प्रज्ञा ठाकुर दूध की धुली हैं क्या। जेडीयू  के कितने सांसदों पर क्रिमिनल केस हैं? ओवैसी ने ऐलान किया कि हमारी पार्टी उत्तर प्रदेश में 100 सीटों पर विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है। अभी गठबंधन तय नहीं है।

उन्होंने बिहार में चोर दरवाजे से एनआरसी लागू करने की बात कही। उन्होंने कहा कि सरकार के पदाधिकारी विशेष क्षेत्रों को चिह्नित कर फरमान जारी कर रहे हैं। पूरी ताकत के साथ बिहार में हम अपने संगठन को मजबूत करेंगे।

इसके पहले ओवैसी ने कहा था कि उत्तर प्रदेश में अगर 11 फीसद वाले यादव समाज, अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बना सकते हैं, तो क्या 19 फीसद वाले मुस्लिम समाज AIMIM के उम्मीदवारों को  कामयाब नहीं कर सकते? ययक़ीनन अबकी बार ज़रूर कामयाब करेंगे।

अब्बा जान वाले विवाद पर ओवैसी ने कहा कि योगी आदित्यनाथ ने अपने मंच से झूठ बोला है, ये उनकी आदत बन चुकी है। हम पूछना चाह रहे है कि सोनिया की मौत आगरा में राशन नहीं मिलने से हुई, एक खोजा राम थे उनको खाना नहीं मिला, एक बेबी है, अलीगढ़ की गुड्डी है, एक रानी देवी है, इन सबका मजहब क्या है। यूपी में मुसलमानों की साक्षरता-दर सबसे कम है।

मुस्लिम समुदाय के बच्चों का स्‍कूल ड्रॉप आउट सर्वाधिक है। मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में स्कूल-कॉलेज नहीं खोले जाते हैं।
 

Share this story