ममता ने नंदीग्राम कांड 2007 का पर्दाफाश खुद किया :अनजान

Newspoint24.com/newsdesk

  • शुभेंदु अधिकारी एवं उनके पिता शिशिर अधिकारी ने माओवादियों के साथ मिलकर षड्यंत्र रचा था
  • स्वीकृति ममता बनर्जी ने दी थी 
  • 4 मार्च 2007 की घटना में 14 ग्रामीण मारे गए थे



लखनऊ। पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम में 14 मार्च 2007 को हुई हिंसा में मारे गए 14 लोगों की सच कहानी आखिर में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जनता के सामने स्वीकार कर लिया ।

सुश्री ममता बनर्जी ने एक जनसभा में कहा कि कम्युनिस्ट मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य की सरकार को हटाने के लिए टीएमसी के वरिष्ठ नेता और ममता के दाहिने हाथ पूर्व मंत्री और अब भाजपा में शामिल शुभेंदु अधिकारी एवं उनके पिता शिशिर अधिकारी ने माओवादियों के साथ मिलकर षड्यंत्र रचा था, जिसकी स्वीकृति ममता ने दी थी।

सुश्री ममता द्वारा हाल में चुनाव रैली में उक्त रहस्य पर से पर्दा हटाने के बाद भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के सचिव अतुल कुमार अनजान ने कहा कि कम्युनिस्टों के खिलाफ छल-प्रपंच की राजनीति एक आम बात हो गई है। 

दक्षिणपंथी एवं मध्यमार्गी राजनीतिक दल निहित स्वार्थों के इशारे पर कम्युनिस्टों के विरुद्ध एक न एक षड्यंत्र रचते और दुष्प्रचार करते रहते हैं । उन्होंने आरोप लगाया कि 14 मार्च 2007 की घटना में बाप बेटे शुभेंदु शिशिर अधिकारी ने माओवादियों से तालमेल कर खाकी वर्दी में हवाई चप्पल पहना कर नंदीग्राम के किसानों पर गोली चलाने के लिए एक व्यापक योजना बनाई थी । फलस्वरूप 14 ग्रामीण मारे गए थे l उसके बाद देशभर में इतना हल्ला किया गया कि जैसे आसमान गिर पड़ा हो l

 2011 में विधानसभा चुनाव में बंगाल में कम्युनिस्ट हार गए और तत्कालीन मुख्य मंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य ने कहा था कि सच्चाई 10 साल बाद मालूम पड़ेगी l हालांकि कम्युनिस्टों और उनकी सरकार पर झूठे आरोप सीबीआई ने पूर्णतः नकार दिए थे l 

अपनी रिपोर्ट में कहा था कि ग्रामीणों के शरीर से निकली गोली बंगाल की पुलिस की गोली थी ही नहीं l सीबीआई ने कम्युनिस्ट सरकार को इस संबंध में क्लीन चिट दे दी l ममता की सरकार ने सत्ता में आने के बाद नंदीग्राम और सिंगूर की पुनः जांच नहीं कराई l 

सीबीआई की रिपोर्ट के खिलाफ हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में याचिका नहीं दायर की l ऐसा ही एक कांड कम्युनिस्टों की सरकार को हटाने के लिए 1969 मैं तत्कालीन कालीन जनसंघ और आज की भाजपा के नेताओं ने बंगाल में संयुक्त मोर्चे की सरकार में गृहमंत्री ज्योति बसु के खिलाफ अभियान चलाते हुए रविंद्र सरोवर में सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान हुए अभद्र व्यवहार की घटना को राष्ट्रीय मंच पर लाकर बदनाम करने की कोशिश की गई । 

सांसद राज नारायण एवं जन संघ के नेता ट्रक में पुराने कपड़े भरकर दिल्ली पहुंचे और कहा महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार के यह कपड़े नमूने हैं l बाद में केंद्रीय जांच ब्यूरो ने और सिद्धार्थ शंकर राय की सरकार ने संपूर्ण प्रकरण को अनावश्यक तूल की कहानी बताया l

 भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के वरिष्ठ नेता अतुल कुमार "अनजान" ने बंगाल की जनता से अपील की है की ममता के सिंगूर- नंदीग्राम रहस्योद्घाटन पर गौर करें । भाजपा नेताओं सहित उन तमाम लोगों से अपील की कि अगर उनमें नैतिक शक्ति है तो वह अपने द्वारा नंदीग्राम में चलाए गए दुष्प्रचार अभियान पर देश से क्षमा मांगे ।

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