समीर वानखेड़े पर मलिक का फिर हमला नियमों का उल्लंघन कर शराब की दुकान चलाते हैं जानें क्या है पूरा मामला 

Malik's attack on Sameer Wankhede again violates the rules and runs a liquor shop, know what is the whole matter

नवाब ने कहा, कानूनों के अनुसार, नाबालिगों को इस तरह से शराब बार लाइसेंस

जारी नहीं किए जा सकते, क्योंकि समीर वानखेड़े उस समय केवल 17 वर्ष 10 महीने

के थे। यह उनके पिता द्वारा की गई एक बड़ी धोखाधड़ी है।

वह स्थान, सद्गुरु रेस्ट्रो बार अभी भी चल रहा है वाशी (नवी मुंबई) में।

Newspoint24/ संवाददाता /एजेंसी इनपुट के साथ 

 मुंबई। एनसीपी नेता और महाराष्ट्र के मंत्री नवाब मलिक ने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह नवी मुंबई में कथित तौर पर डीओपीटी नियमों का उल्लंघन कर एक शराब बार चलाते हैं।

एनसीपी राष्ट्रीय प्रवक्ता ने मीडिया बताया कि ज्ञानदेव वानखेड़े, जो राज्य आबकारी विभाग में काम कर रहे थे, 1997-1998 में अपने बेटे समीर वानखेड़े के पक्ष में परमिट रूम लाइसेंस जारी करने में कामयाब रहे, जबकि समीर उस समय नाबालिग थे।

लाइसेंस को बिना किसी कारण के लगातार नवीनीकृत किया गया है और उसकी वैधता 2022 तक है

नवाब ने कहा, कानूनों के अनुसार, नाबालिगों को इस तरह से शराब बार लाइसेंस जारी नहीं किए जा सकते, क्योंकि समीर वानखेड़े उस समय केवल 17 वर्ष 10 महीने के थे। यह उनके पिता द्वारा की गई एक बड़ी धोखाधड़ी है। वह स्थान, सद्गुरु रेस्ट्रो बार अभी भी चल रहा है वाशी (नवी मुंबई) में। लाइसेंस को बिना किसी कारण के लगातार नवीनीकृत किया गया है और उसकी वैधता 2022 तक है।

इसके अलावा, उन्होंने तर्क दिया कि कई वर्षो तक समीर वानखेड़े ने लगभग 2017 तक सभी सेवा अधिकारियों की वार्षिक संपत्ति के अनिवार्य विवरण में इस तथ्य को कथित रूप से दबा दिया।

राकांपा नेता ने कहा कि उस समय इसे उनके पिता ज्ञानदेव के साथ संयुक्त रूप से किराए की संपत्ति के रूप में दिखाया गया था, जहां एक होटल चल रहा है, जिसमें से 1,600 वर्ग फुट के विशाल परिसर के लिए वार्षिक किराए की आय 240,000 रुपये है, जिसका दावा केवल 1 करोड़ रुपये मूल्य के रूप में किया गया है।

मलिक ने कहा, वानखेड़े ने केंद्रीय सेवा नियमों का स्पष्ट रूप से उल्लंघन किया है जो किसी भी अधिकारी को व्यवसाय चलाने से रोकता है। मैं डीओपीटी, सतर्कता आयोग और आईटी विभाग में शिकायत दर्ज करा रहा हूं, क्योंकि वह आईआरएस कैडर से जुड़े हुए हैं। उन्हें सेवा में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है।

वानखेड़े ने कहा उन्होंने सरकार को सूचित किया है

वानखेड़े ने यह कहते हुए अपना बचाव किया है कि उन्होंने सरकार को सूचित किया है कि संपत्ति ज्ञानदेव की दिवंगत पत्नी के नाम से है और इसमें कोई गलत काम नहीं हुआ।

राकांपा नेता ने केंद्र और महाराष्ट्र भारतीय जनता पार्टी से वानखेड़े को बचाना छोड़ने का आग्रह किया, उन्होंने गंभीर अपराध किए हैं और वह निश्चित रूप से अपनी नौकरी खो देंगे और जेल जाएंगे।

मलिक ने चेतावनी दी कि वानखेड़े को 2 अक्टूबर की धोखाधड़ी यानी कॉर्डेलिया क्रूज जहाज छापे में अपनी जबरन वसूली के परिणाम का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कॉलेज में प्रवेश पाने के लिए नकली जाति प्रमाणपत्र पेश किया, फिर आईआरएस की नौकरी हासिल करने के लिए एक योग्य दलित उम्मीदवार को वंचित किया और केंद्र सरकार के सेवा नियमों की धज्जियां उड़ाकर शराब बार चला रहे हैं।

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