हाईकोर्ट ने खारिज की देशद्रोह के आरोपित अखिल की जमानत याचिका

newspoint24.com/newsdesk

गुवाहाटी। कृषक मुक्ति संग्राम समिति (केएमएसएस) के प्रमुख व नव गठित पार्टी राइजर दल के जरिए राज्य की राजनीति में अपना भविष्य़ देखने वाले देशद्रोह के आरोपित अखिल गोगोई की जमानत याचिका को एक बार फिर से गौहाटी हाईकोर्ट ने गुरुवार को खारिज कर दिया।

गौहाटी हाईकोर्ट के न्यायाधीश अजित बरठाकुर और केएल सुराना की खंडपीठ ने अखिल गोगोई की जमानत याचिका के संदर्भ में गुरुवार को सुनवाई करते हुए जमानत याचिका को खारिज कर दिया। 

गत 13 अक्टूबर से 17 दिसम्बर तक चली लंबी सुनवाई के बाद गुरुवार को न्यायालय ने अपना फैसला सुनाते हुए याचिका को खारिज कर दिया। जमानत याचिका पर अखिल की ओर से गौहाटी हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवकर्ता हुजेफा अहमद ने पैरवी की थी। सरकार की ओर से एसबी राजू ने दलीलें न्यायालय के सामने रखी। इस मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने भी गुवाहाटी के चांदमारी थाना में 13/19 नंबर के मामले में प्राथमिकी दर्ज करायी थी। 

उल्लेखनीय है कि नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) विरोधी आंदोलन के समय राजधानी समेत कई इलाकों में हिंसक आंदोलन हुए थे जिसमें कई लोगों की मौत भी हुई थी। इस संबंध में अखिल के विरुद्ध कई थानों में प्राथमिकी दर्ज हुई थी। चांदमारी और जोरहाट के थानों में अखिल के विरुद्ध देशद्रोह की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गयी थी। बाद में दो मामलों को सरकार ने जांच की जिम्मेदारी एनआई को सौंप दी थी।

अखिल के विरुद्ध चाबुवा थाना में 06, डिब्रूगढ़ थाना में 01, गौरीसागर थाना में 01, शिवसागर थाना में 01, टियक थाना में 01, जोरहाट थाने में 01 और क्राइम ब्रांच में 01 तथा चांदमारी थाना में 01 प्राथमिकी दर्ज की गयी थी।

चांदमारी थाना में दर्ज प्राथमिकी के अलावा अन्य मामलों में अखिल को जमानत मिल चुकी है। गुरुवार की सुनवाई के दौरान अखिल की ओर से वीडियो कांफ्रेस के जरिए न्यायालय में वरिष्ठ अधिवक्ता पीएस नरसिंह ने भी अपनी दलीलें पेश कीं।

पिछले एक वर्ष से अधिक समय से अखिल गोगोई देशद्रोह के मामले में जेल में बंद हैं। इस बीच विभिन्न रोगों का इलाज कराने के लिए अखिल को बीच-बीच में गुवाहाटी में मेडिकल कालेज अस्पताल (जीएमसीएच) में भर्ती कराया गया था। वर्तमान में भी अखिल जीएमसीएच में इलाजरत हैं।

अखिल गोगोई के अधिवक्ता कृष्ण गोगोई ने कहा कि अखिल गोगोई को माओवादी बताते हुए एनआईए की ओर से बेहद कड़ी चार्जशीट न्यायालय में दाखिल किया गया था। इसके चलते अखिल को न्यायालय से जमानत मिलने में कठिनाई आ रही है।

कोरोना काल के दौरान भी अखिल समर्थक बीच-बीच में राज्य के अलग-अलग हिस्सों में आंदोलन चलाते हुए अखिल की रिहाई के लिए लगातार प्रयास करते रहे हैं। लेकिन न्यायालय पर इन आंदोलनों का कोई प्रभाव नहीं पड़ा। इस बीच आगामी 2021 के विधानसभा चुनाव में अखिल अपने ऊपर सरकारी अत्याचार को पेश कर राजनीति में प्रवेश करते हुए लोगों में भावुक अपील कर अपने लिए समर्थन जुटाने के लिए नयी राजनीतिक पार्टी राइजर दल का गठन भी हाल के दिनों में किया है। लेकिन यह बात भी राज्य की जनता में अब घर गयी है कि शुरुआती दिनों में अखिल ने सरकार के विरोध में जो आवाज बुलंद की थी, उसमें अब उतना दम नहीं है। इसलिए अखिल को पूर्व की तरह अब जनसमर्थन नहीं मिल रहा है। यही कारण है कि अखिल के काफी संख्या में समर्थक उनके संगठन को छोड़कर भाजपा और कांग्रेस समेत अन्य पार्टियों में शामिल हो गये हैं।

केएमएसएस व अखिल को 2021 के विधानसभा चुनावों से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन अखिल की रिहाई नहीं होने पर समर्थकों को काफी निराशा हाथ लगी है। माना जा रहा है कि विधानसभा चुनाव में अखिल की नव गठित पार्टी कोई बड़ा कमाल नहीं कर पाएगी।

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