गंगासागर में कोविड-19 से बचाव के लिए होंगी 21 तरह की व्यवस्थाएं 

newspoint24.com/newsdesk

कोलकाता । पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना सागर तट पर हर साल होने वाले गंगासागर मेले में इस बार महामारी कोविड-19 को देखते हुए राज्य सरकार ने 21 तरह की व्यवस्थाएं की है। गंगासागर मेले में 'नो मास्क नो एंट्री' का निर्देश पहले ही जारी किया जा चुका है। मेले में 13 प्रवेश द्वारों पर रैपिड टेस्ट की व्यवस्था की गई है। थर्मल चेकिंग सिस्टम रखा गया है। प्रत्येक क्षेत्र पर कैमरों के जरिए नजर रखी जाएगी। 

जिला मजिस्ट्रेट पी. उलगनाथन ने कहा कि सरकार ने दुर्घटना के कारण मृत्यु के मामले में 5 लाख रुपये का बीमा किया है। सियालदह, हावड़ा स्टेशन, बाबूघाट, काचुबेरिया सभी जगहों पर निगरानी तंत्र स्थापित किए गए हैं। मेले के तीर्थयात्रियों के लिए आठ सेफ हाउस बनाए गए हैं जहां करीब सात सौ मरीजों को रखना संभव होगा। दूसरी ओर, डायमंड हार्बर, काकद्वीप और बांगुर अस्पताल समेत मेले में आने वाले तीर्थयात्रियों के लिए सभी सुविधाओं के साथ कुल सात कोविड अस्पताल नामित किए जा रहे हैं। यदि मेले में किसी तीर्थयात्री में कोरोना की पुष्टि होती है तो प्रशासन उसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराएगा। इसके लिए विभिन्न बिंदुओं पर आवश्यक उपाय किए जा रहे हैं। हर सड़क, कार्यालय और मेला परिसर में जगह-जगह सैनिटाइजर प्रभारी नियुक्त हैं। 

दूसरी ओर, परिवहन विभाग ने बताया है कि मेले में आने वाली बसों को सैनेटाइज किया जाएगा। इसी तरह, नदी में यात्री जहाजों और लॉन्ज को भी सैनेटाइज किया जाएगा। यदि कोई तीर्थयात्री बीमार पड़ता है और कोरोना संक्रमित होता है, तो उसे ग्रीन कॉरिडोर का उपयोग करके अस्पताल ले जाया जाएगा। इसके अलावा अन्य तीर्थयात्रियों के लिए एक त्वरित प्रतिक्रिया टीम स्थापित की गई है। मेले में आने के बाद तीर्थयात्रियों के बीच पर्याप्त संख्या में मास्क वितरित किए जाएंगे। एनजीओ को मास्क बांटने की जिम्मेदारी दी गई है। प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि तीर्थयात्रियों के पहनने के बाद मास्क इधर-उधर बिखरे नहीं। एक कंपनी को इस सभी कचरे के परिवहन की जिम्मेदारी दी गई है। उसके बाद भी यदि कोई कोरोना से प्रभावित होता है, तो प्रशासन उचित मुआवजे की व्यवस्था करेगा। 

जिला मजिस्ट्रेट पी. उलगनाथन ने कहा कि गंगासागर मेले में प्रवेश करने के लिए मास्क पहनना अनिवार्य है। प्रशासन ने उसके लिए कई उपाय किए हैं। ड्रोन से निगरानी होगी। सीसीटीवी के जरिए भीड़ की स्थिति पर भी नजर रखी जाएगी। मूल रूप से शारीरिक दूरी का पालन सुनिश्चित करने की जिम्मेवारी प्रशासन को दी गई है। 

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