बंगाल में पार्टी कार्यकर्ताओं की हत्या और हिंसा पर बोले दिलीप, सूबे में हालात बेकाबू

बंगाल में पार्टी कार्यकर्ताओं की हत्या और हिंसा पर बोले दिलीप, सूबे में हालात बेकाबू

Newspoint24.com/newsdesk

कोलकाता । पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस की जीत के बाद से लगातार राज्य भर में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं की हत्या, घरों में लूटपाट, तोड़फोड़ और आगजनी को लेकर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा है कि हिंसा सीमा से बाहर हो रही है। 

उन्होंने कहा कि तृणमूल की जीत के बाद राज्य के हर एक विधानसभा क्षेत्र से भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमले और हत्या की घटनाएं सामने आ रही हैं। पिछले 24 घंटे के दौरान छह लोगों को मौत के घाट उतार दिया गया है। हजारों कार्यकर्ताओं के घरों को तोड़ा गया है। उत्तर बंगाल से लेकर दक्षिण बंगाल तक एक ही जैसी स्थिति है, हालात भयावह हैं। पुलिस वाले कह रहे हैं कि हम लोग कुछ नहीं कर सकते।

कहां हुई किसकी हत्या 
दिलीप घोष ने बताया कि जगदल में शोभा रानी मंडल की हत्या कर दी गई है। उनका बेटा बूथ कार्यकर्ता था। उसे मारा पीटा जा रहा था, जिसे बचाने शोभारानी गई थीं लेकिन उन्हें भी मौत के घाट उतार दिया गया। राणाघाट में उत्तम घोष नाम के भाजपा कार्यकर्ता की हत्या की गई है। बेलियाघाटा में अभिजीत सरकार को मौत के घाट उतारा गया है। सोनारपुर में हारान अधिकारी को मारा गया है। पीट-पीटकर उसकी हत्या की गई। सीतलकुची में मानिक मैत्र नाम के 19 साल के भाजपा कार्यकर्ता को प्वाइंट ब्लैंक रेंज से गोली मारी गई है। आईएसएफ के भी एक कार्यकर्ता को बम से उड़ा दिया गया है। मतगणना के 24 घंटे भी नहीं बीते हैं कि यह हालात हैं। इससे समझा जा सकता है कि परिस्थिति कितनी भयावह है और कितनी बिगड़ेगी। 

दिलीप घोष ने कहा कि हमने प्रशासन के अधिकारियों के साथ बात की है। पुलिस के सामने हिंसा हो रही है। हमारे हजारों कार्यकर्ता घर छोड़कर भाग गए हैं। उन्हें जगह-जगह रखने की व्यवस्था की गई है। अगर राज्य सरकार हालात संभालने में सफल नहीं हुई तो और स्थिति बिगड़ेगी। 

उल्लेखनीय है कि मतगणना के बाद राज्य भर में भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमले शुरू हो गए हैं। नंदीग्राम में जहां से ममता बनर्जी हारी हैं, वहां भी भाजपा के दफ्तर में आग लगा दी गई है। पूर्व बर्दवान से एक वीडियो सामने आया है, जिसमें जीत का जश्न मनाते हुए रैली निकाल रहे तृणमूल कार्यकर्ता रास्ते में पड़ने वाले घर के अंदर घुस गए और उसकी छत को लाठियों से पीटकर तोड़ डाला। वहां मौजूद लोगों को मारा पीटा गया। यहां तक कि महिलाओं को भी नहीं बख्शा गया है।

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