दिल्ली हिंसाः उमर खालिद ने फिर कोर्ट में कहा- मीडिया को लीक की जा रही चार्जशीट

Newspoint24.com/newsdesk

नई दिल्ली। दिल्ली हिंसा मामले में जेल में बंद उमर खालिद ने कुछ मीडिया संस्थानों पर उसे बदनाम करने की कोशिशों का आरोप लगाते हुए दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट में याचिका दायर की है। उमर खालिद ने कहा है कि उसे बदनाम करने के लिए कोर्ट में दाखिल चार्जशीट मीडिया को लीक की जा रही है। कोर्ट इस याचिका पर कल यानी 5 जनवरी को सुनवाई करेगा।

उमर खालिद ने अपनी अर्जी में कहा है कि उसके खिलाफ दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने पूरक चार्जशीट 26 दिसम्बर, 2020 को कोर्ट में दाखिल की गई थी। पुलिस ने इसकी प्रति अभी तक उसे नहीं सौंपी है लेकिन मीडिया में कई विवादित खबरें चलाई जा रही हैं, जिसमें कहा गया है कि उसने अपने बयान में स्वीकार किया है कि उसने दंगों की साजिश रची। अर्जी में कहा गया है कि चार्जशीट की प्रति उसे मिलने के पहले ही मीडिया को दे दी जाती है। कोर्ट अभियोजन से ये पूछे कि आखिर मीडिया को चार्जशीट की प्रति पहले ही कैसे मिल रही है।अर्जी में कहा गया है कि जैसे ही चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की जाती है, उसके तुरंत बाद ही मीडिया में उमर खालिद को बदनाम करने वाली खबरें चलाई जानी शुरू हो जाती हैं। 

उमर खालिद इसके पहले भी कोर्ट में अर्जी दाखिल कर कह चुका है कि अखबारों और न्यूज चैनलों में उसे उद्धृत करते हुए चार्जशीट के बारे में खबरें चलाई जा रही हैं लेकिन उसे खुद नहीं पता कि चार्जशीट में क्या है।उमर खालिद के वकील ने कोर्ट को न्यूज चैनलों की खबरों के कुछ क्लिप और अखबारों की खबरों को दिखाया था। खबरों में कहा जा रहा है कि उमर खालिद ने दिल्ली के दंगों को उकसाने की साजिश में शामिल होना स्वीकार करने वाला बयान दिया है जबकि हकीकत ये है कि उमर खालिद दिल्ली दंगों के दौरान दिल्ली में उपस्थित भी नहीं था। उमर खालिद ने किसी भी बयान पर हस्ताक्षर नहीं किया है। अभियोजन पक्ष अपने साक्ष्यों को लेकर आश्वस्त नहीं है इसीलिए वो मीडिया ट्रायल करवाना चाहते हैं।

क्राइम ब्रांच ने दिल्ली हिंसा मामले में दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट में उमर खालिद के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। क्राइम ब्रांच ने उमर खालिद पर दंगे भड़काने, दंगों की साजिश रचने, और देश विरोधी भाषण देने के अलावा दूसरी धाराओं के तहत चार्जशीट दाखिल की है। करीब 100 पेजों की चार्जशीट में कहा गया है कि 8 जनवरी, 2020 को शाहीन बाग में उमर खालिद, खालिद सैफी औऱ ताहिर हुसैन ने मिलकर दिल्ली दंगो की साजिश रचने के लिए मीटिंग की। इस दौरान ही उमर खालिद ने नागरिकता संशोधन विधेयक के खिलाफ प्रदर्शनों में मध्य प्रदेश, राजस्थान, बिहार और महाराष्ट्र में हिस्सा लिया और भड़काऊ भाषण दिए। इन भाषणों में उमर खालिद ने दंगों के लिए लोगों को भड़काया है। चार्जशीट में कहा गया है कि जिन-जिन राज्यों में उमर खालिद गया, उसके लिए उसे आने-जाने और रुकने का पैसा प्रदर्शनकारियों के कर्ता-धर्ता इंतजाम करते थे। चार्जशीट में कहा गया है कि यूनाइटेड अगेंस्ट हेट नामक व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाया गया था, जिसके जरिये भी दिल्ली हिंसा की प्लानिंग की गई थी। इस ग्रुप के जरिये नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन आयोजित किए गए थे। यह ग्रुप राहुल राय ने बनाया था।

कोर्ट ने 24 नवम्बर, 2020 को उमर खालिद, शरजील इमाम और फैजान खान के खिलाफ दायर पूरक चार्जशीट पर संज्ञान लिया था। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने उमर खालिद, शरजील इमाम और फैजान खान के खिलाफ 22 नवम्बर को पूरक चार्जशीट दाखिल की थी। पूरक चार्जशीट में स्पेशल सेल ने यूएपीए की धारा 13, 16, 17, और 18 के अलावा  भारतीय दंड संहिता की धारा  120बी, 109, 124ए, 147, 148, 149, 153ए, 186, 201, 212, 295, 302, 307, 341, 353, 395, 419, 420, 427, 435, 436, 452, 454, 468, 471 और 43 के अलावा आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 और प्रिवेंशन आफ डेमेज टू पब्लिक प्रॉपर्टी एक्ट की धारा 3 और 4 के तहत आरोप लगाए गए हैं।

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