परमबीर सिंह से क्राइम ब्रांच ने 6 घंटे से ज्यादा समय तक पूछताछ की  

Crime Branch interrogated Parambir Singh for more than 6 hours

परमबीर सिंह के वकील राजेन्द्र मोकाशी ने कहा,सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का

पालन करते हम जांच में पूरा सहयोग कर रहे है। आज पुलिस के सामने पेश हुए हैं

सारे सवालों का जवाब दिया गया है। आगे भी जहां जरूरत होगी हम जांच में पूरा सहयोग करेंगे

अन्य केसों में भी पूरा सहयोग किया जाएगा।

Newspoint24/ संवाददाता /एजेंसी इनपुट के साथ

मुंबई। काफी लंबे समय बाद गुरुवार को मुंबई के पूर्व पुलिस कमिश्नर परमबीर सिंह क्राइम ब्रांच ऑफिस पूछताछ के लिए पहुंचे। इस दौरान परमबीर सिंह से 6 घंटे से ज्यादा समय तक पूछताछ हुई है। जानकारी के मुताबिक, डीएसपी नीलोत्पल और उनकी टीम ने गोरेगांव में दर्ज वसूली के एक मामले में उनसे पूछताछ की है। इस मामले में सिंह के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी हुआ था और कुछ दिन पहले उन्हें भगोड़ा भी घोषित किया गया था।

परमबीर सिंह के वकील राजेन्द्र मोकाशी ने कहा,सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन करते हम जांच में पूरा सहयोग कर रहे है। आज पुलिस के सामने पेश हुए हैं ,सारे सवालों का जवाब दिया गया है। आगे भी जहां जरूरत होगी हम जांच में पूरा सहयोग करेंगे,अन्य केसों में भी पूरा सहयोग किया जाएगा।


परमबीर सिंह ने बुधवार को कहा था, कि ‘मैं चंडीगढ़ हूं’
परमबीर सिंह ने बुधवार को बताया था कि वो चंडीगढ़ हैं। इसके बाद से उन्होंने खुद कहा था कि वो मुंबई पुलिस के सामने पेश हो कर जांच में मदद करेंगे। इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने परमबीर सिंह को बड़ी राहत देते हुए जांच में सहयोग करने की शर्त पर उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। उस दौरान कोर्ट में उनके वकील ने कहा था कि परमबीर सिंह को पूरे मामले में फंसाया जा रहा है। उन्होंने जिन अधिकारियों को भ्रष्ट आचरण के लिए दंडित किया है, उन्हीं को आज शिकायतकर्ता बनाया गया है।

अदालत में उनके वकील ने यह भी कहा था कि मुंबई में परमबीर की जान को खतरा है, इसलिए वे शहर से बाहर हैं. अब तक उनके खिलाफ 5 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं।

परमबीर के खिलाफ 5 केस दर्ज हैं
स्टेट सीआईडी और ठाणे पुलिस ने परमबीर के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी किया है। सिंह के खिलाफ अब तक 5 मामले दर्ज हैं, जिनमें से एक की जांच मुंबई, एक की ठाणे और तीन मामलों की जांच स्टेट सीएआई कर रही है। गौरतलब है कि सरकार के गृह विभाग ने परमबीर सिंह के खिलाफ लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के लिए 7 सदस्यीय एसआईटी टीम गठित की थी। इस टीम की अध्यक्षता डीएसपी स्तर के अधिकारी कर रहे हैं ।

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