कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी लखीमपुर खीरी की हिंसक घटना में मारे गए किसानों की अंतिम अरदास में शामिल हुईं

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी लखीमपुर खीरी की हिंसक घटना में मारे गए किसानों की अंतिम अरदास में शामिल हुईं

Newspoint24 / newsdesk /एजेंसी इनपुट के साथ 

10 लोग और लोग बैठ रहे हैं की फ़ोटो हो सकती है

लखीमपुर खीरी। शहीद किसानों एवं पत्रकार रमन कश्यप की अंतिम अरदास में शामिल होकर प्रियंका गाँधी ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
उन्होंने कहा इस संघर्ष का अंत तभी होगा जब किसानों एवं पत्रकार रमन कश्यप को न्याय मिलेगा। लखीमपुर में पिछली तीन अक्टूबर को हुयी हिंसा के शिकार किसानो की अंतिम अरदास में भाग लेने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा मंगलवार को यहां पहुंची।

श्रीमती वाड्रा सुबह करीब साढ़े आठ बजे दिल्ली से लखनऊ हवाई अड्डे पहुंची जहां से उनका काफिला लखीमपुर के लिये रवाना हुआ । सीतापुर टोल प्लाजा पर कांग्रेस महासचिव के भारी भरकम काफिले को सुरक्षा बलों ने कोविड प्रोटोकाल का हवाला देते हुये रोकने का प्रयास किया जिसको लेकर कांग्रेसी कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच नोकझोंक हुयी। आखिरकार काफिले में शामिल कुछ वाहनो काे रोक कर काफिला आगे के लिये रवाना कर दिया गया। श्रीमती वाड्रा के काफिले में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू,सांसद दीपेन्द्र हुड्डा,राष्ट्रीय सचिव धीरज गुर्जर भी शामिल हैं।

तिकुनिया गांव में एक मैदान में अंतिम अरदास की तैयारी की गयी है जिसकी बागडोर किसान नेता राकेश टिकैत ने संभाली हुयी है। अंतिम अरदास कार्यक्रम के मद्देनजर लखीमपुर खीरी में सुरक्षा के चाक चौबंद इंतजाम किये गये है।

गौरतलब है कि तीन अक्टूबर को तिकुनिया में चार किसानाे के कुचले जाने के बाद हिंसा भड़क उठी थी जिसमें दो भाजपा कार्यकर्ता,एक पत्रकार और वाहन चालक की माैत हो गयी थी। कांग्रेस,सपा,बसपा और आप नेताओं ने घटना की निंदा करते हुये घटना के आरोपी केन्द्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र टेनी के पुत्र आशीष मिश्र की गिरफ्तारी और केन्द्रीय मंत्री के इस्तीफे की मांग की थी। इस मामले में आशीष को गिरफ्तार कर लिया गया है जबकि केन्द्रीय मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़ी कांग्रेस महासचिव ने सोमवार को लखनऊ में गांधी प्रतिमा पर मौन अनशन किया था। इससे पहले उन्होने वाराणसी में आयोजित किसान न्याय रैली में केन्द्रीय मंत्री के इस्तीफे की मांग की थी।

उन्होने कहा है कि केन्द्रीय मंत्री की बर्खास्तगी न होने तक सत्याग्रह जारी रहेगा और आज इसी कड़ी में वह लखीमपुर पहुंची है। हालांकि किसान नेताओं ने अंतिम अरदास कार्यक्रम में राजनेताओं को अनुमति देने से इंकार कर दिया है।

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