गुजरात हाई कोर्ट पहुंचा 10वीं बोर्ड परीक्षा रद्द करने का मामला

गुजरात हाई कोर्ट पहुंचा 10वीं बोर्ड परीक्षा रद्द करने का मामला

Newspoint24.com/newsdesk

अहमदाबाद । गुजरात में कोरोना की बेकाबू स्थिति को देखते हुए 10वीं बोर्ड परीक्षाओं को निरस्त करने का मामला गुजरात हाई कोर्ट पहुंच गया है। राज्य के अभिभावक मंडल ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर 10वीं परीक्षा को निरस्त कर सभी छात्रों को सामूहिक कक्षाेन्नति देने का आदेश जारी करने की मांग की हैं। राज्य सरकार ने अभी 10वीं और 12वीं परीक्षाओं को स्थगित कर दिया है। साथ ही सरकार कक्षा 01 से 09 और 11वीं कक्षा के छात्रों को सामूहिक कक्षोन्नति देने का फैसला ले चुकी है। 

अखिल गुजरात अभिभावक मंडल ने 10वीं परीक्षा को निरस्त करने और छात्रों को सामूहिक कक्षोन्नति देने के लिए गुजरात हाई कोर्ट में याचिका दायर की है। याचिका में बताया गया कि अन्य राज्यों में बोर्ड परीक्षाएं रद्द की जा चुकी हैं। इस संबंध में गुजरात अभिभावक मंडल के अध्यक्ष नरेश शाह ने बताया कि गुजरात में 10वीं से 12वीं कक्षा के लगभग 13 लाख छात्र परीक्षा में शामिल होंगे। कोरोना संकट को देखते हुए परीक्षा कराना खतरनाक साबित होगा। उन्होंने बताया कि देश के सात राज्यों ने 10वीं परीक्षा को स्थगित या निरस्त कर दिया है।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में राज्य सरकार से मांग करने के बाद भी जब कोई निर्णय नहीं लिया है, तब कोर्ट का दरवाजा खटखटाना पड़ा है। 

दरअसल, राज्य की 10वीं और 12वीं परीक्षा को लेकर शिक्षा विभाग और राज्य सरकार अभी भी असमंजस में हैं। जबकि सीबीएसई बोर्ड और अन्य राज्यों ने बड़े पैमाने पर छात्रों को कक्षोन्नति दी है। अभिभावकों ने परीक्षा रद्द करने के लिए मुख्यमंत्री और शिक्षा विभाग को भी लिखा है, लेकिन अभी कोई फैसला नहीं हुआ है।
 
इस संबंध में माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के सचिव दिनेश पटेल ने बताया कि परीक्षा को लेकर एक समीक्षा बैठक 15 मई को होगी। इस बैठक में 10वीं और12वीं की परीक्षाओं पर कोई फैसला किया जायेगा। अनियंत्रित कोरोना के बीच परीक्षा कराना मुश्किल है। उन्होंने बताया कि 10वीं की परीक्षा में 10 लाख से अधिक छात्रों उपस्थित होना है। 

 

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