सिविल कोर्ट के फैसले से असंतुष्ट कंगना लिखा-'"महाविनाशकारी सरकार का झूठा प्रचार

Newspoint24.com/newsdesk/

मुंबई। हाल ही में अभिनेत्री कंगना रनौत के फ्लैटों में अनधिकृत निर्माण कार्य को गिराने से मुंबई नगर निगम को रोकने की उनकी याचिका को खारिज करते हुए अदालत ने कहा कि रनौत ने अपने तीन फ्लैटों को मिलाते समय स्वीकृत योजना का उल्लंघन किया। उपनगर डिंडोशी में एक अदालत ने रनौत द्वारा पिछले सप्ताह दाखिल आवेदन को खारिज कर दिया। 


अदालत का कहना है कि रनौत ने शहर के खार इलाके में 16 मंजिला इमारत की पांचवीं मंजिल पर अपने तीन फ्लैटों को मिला लिया था। जज ने कहा कि ऐसा करते हुए उन्होंने संक एरिया, डक्ट एरिया और आम रास्ते को कवर कर दिया। ये स्वीकृत योजना का गंभीर उल्लंघन है जिसके लिए सक्षम प्राधिकार की मंजूरी जरूरी है। 

इसके साथ ही कंगना ये भी साबित नहीं कर पाई कि किस तरह से बीएमसी का नोटिस कानूनी रूप से गलत है। ऐसे में सिविल कोर्ट ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया है। सिविल कोर्ट के इस फैसले के बाद कंगना रनौत ने हाई कोर्ट में जाने का फैसला लिया है और इसके साथ ही उन्होंने महारष्ट्र सरकार को आड़े हाथो लिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर ट्वीट कर लिखा-'"महाविनाशकारी सरकार का झूठा प्रचार। मैंने किसी फ्लैट को मर्ज नहीं किया। पूरी बिल्डिंग एक ही तरह से बनी है, हर फ्लोर पर एक अपार्टमेंट है। मैंने इसे ऐसे ही खरीदा था। पूरी बिल्डिंग में बीएमसी सिर्फ मुझे प्रताड़ित कर रही है। मैं हायर कोर्ट में लड़ाई लडूंगी।"

गौरतलब है कि यह मामला मार्च 2018 का है जब बीएमसी (बृहन्मुंबई नगर निगम) ने अभिनेत्री को उनके खार के फ्लैटों में अनधिकृत निर्माण कार्य के लिए नोटिस जारी किया था। सिविल कोर्ट के इस फैसले के बाद कंगना अब जल्द ही हाइकोर्ट का दरवाजा खटखटायेंगी।
 

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