वाराणसी : सारनाथ में NEET-UG परीक्षा के दौरान दूसरे कैंडिडेट की जगह परीक्षा दे रही बीएचयू की टॉपर अरेस्ट 

वाराणसी : सारनाथ में NEET-UG परीक्षा के दौरान दूसरे कैंडिडेट की जगह परीक्षा दे रही बीएचयू की टॉपर अरेस्ट

newspoint 24 / newsdesk / एजेंसी इनपुट के साथ 


वाराणसी। क्राइम ब्रांच टीम ने वाराणसी में एक सॉल्वर गैंग को अरेस्ट किया है , गिरफ्तार लोगों में बीएचयू की बीडीएस सेकेंड ईयर की जूली और उसकी मां भी शामिल हैं। इसके अलावा 2 दलालों भी दबोचा है पकड़े गए दोनों एजेंट जूली की निशानदेही पर दबोचे गए हैं। बता दें कि रविवार को मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में प्रवेश के लिए NEET-UG परीक्षा में जूली दूसरे कैंडिडेट की जगह परीक्षा दे रही थी।

गैंग का सरगना पटना का रहने वाला बताया जा रहा है जिसका नाम पीके है। गैंग में केजीएमयू लख़नऊ का एक डॉक्टर भी बताया जा रहा है। जिसकी अहम भूमिका बताई जा रही है। क्राइम बांच के सूत्रों का कहना है कि इस गैंग का नेटवर्क पूर्वोत्तर राज्यों तक फैला है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश चालू है।

 जूली कुमारी पटना के संदलपुर वैष्णवी कॉलोनी की रहने वाली है। जूली के परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। उसके पिता पटना में सब्जी बेचते हैं। इसी का फायदा उठाकर सॉल्वर गैंग ने जूली की मां बबिता से संपर्क किया और 5 लाख रुपए का लालच दिया। कहा कि अगर तुम्हारी बेटी हमारी कैंडिडेट की जगह बैठ कर परीक्षा दे देगी तो सेंटर से बाहर निकलते ही 5 लाख रुपए थमा दिए जाएंगे। 50 हजार एडवांस भी मिल गया था। बबिता पैसे के लालच में आ गई और अपनी बेटी जूली को दूसरी कैंडिडेट की जगह परीक्षा में बैठने के लिए राजी कर लिया।

रविवार को सारनाथ स्थित सेंट फ्रांसिस जेवियर स्कूल में बनाए गए सेंटर में रविवार को आयोजित NEET-UG में बबिता अपनी बेटी जूली को लेकर गई। एग्जाम  निरीक्षकों को जब जूली पर शक हुआ तो इसकी सूचना पुलिस को दी गई। सूचना के आधार पर शाम के समय क्राइम ब्रांच प्रभारी अंजनी कुमार पांडेय अपनी टीम के साथ गए और जूली से पूछताछ की तो उसका फर्जीवाड़ा उजागर हुआ। जूली के साथ ही उसकी मां भी अरेस्ट की गई । बबिता के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाली गई तो बिहार के खगड़िया निवासी विकास और मऊ के मोहम्मदाबाद गोहना क्षेत्र से ओसामा शाहिद पकड़ा गया। ओसामा और विकास से अलग से पूछताछ की जा रही है।

गिरफ्तार चारों आरोपियों से पूछताछ और उनके मोबाइल की कॉल डिटेल खंगालने के बाद पुलिस का शक लखनऊ स्थित केजीएमयू के एक डॉक्टर पर गहरा गया है। उस डॉक्टर से पूछताछ के लिए क्राइम ब्रांच की एक टीम लखनऊ रवाना की गई । इसके साथ सॉल्वर गैंग के इस गिरोह का सरगना पटना निवासी पीके है। पीके पटना सहित देश के अन्य अलग-अलग स्थानों में ठिकाने बदल कर रहता है। पीके की तलाश में क्राइम ब्रांच की एक टीम पटना भी रवाना की गई है।

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