कान्स्टेबल की तस्करों द्वारा हत्या के मामले में दो कान्स्टेबल गिरफ्तार

कान्स्टेबल की तस्करों द्वारा हत्या के मामले में दो कान्स्टेबल गिरफ्तार

Newspoint24 /newsdesk 

भीलवाड़ा । भीलवाड़ा जिले के कोटडी व थाना रायला क्षेत्र में पुलिस जाब्ते द्वारा मादक पदार्थ भरी पिकअप व स्कॉर्पियो में सवार तस्करों को रोकने व पुलिस जाब्ते पर फायरिंग के बहुचर्चित मामले में शनिवार को जिले के दो पुलिस कांस्टेबलों का गिरफ्तार किया गया है। 

एटीएस व एसओजी के अतिरिक्त महानिदेशक(पुलिस) द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार 10 अप्रेल 2021 को कोटडी व थाना रायला क्षेत्र में पुलिस जाब्ते द्वारा मादक पदार्थ भरी पिकअप व स्कॉर्पियो में सवार तस्करों को रोकने व पुलिस जाब्ते पर फायरिंग के बहुचर्चित मामले में कांस्टेबल औकार व पवन की गोली लगने से मृत्यु हो गयी थी। घटना के संबंध में पुलिस कांस्टेबलों की संलिप्तता के बारे में भी गहनता से अनुसंधान किया गया।

जिसमें जिले के गंगापुर थाने पर पदस्थापित कांस्टेबल महेश कुमार पुत्र ख्यालीराम निठारवाल जाति जाट उम्र 35 वर्ष निवासी भारणी थाना रींगस जिला सीकर हाल कांस्टेबल 1056 थाना गंगापुर जिला भीलवाड़ा तथा सुनील राम पुत्र मियाराम जाति विश्नोई उम्र 31 वर्ष निवासी नान्दडा कलां, थाना बनाड, जोधपुर शहर हाल कानि नम्बर 30 थाना शाहपुरा जिला भीलवाड़ा के संबंध पुलिस पर कांस्टेबल पर फायरिंग कर हत्या करने वाली गैंग से संलिप्त होना पाया गया।

इन दोनों कांस्टेबल मादक पदार्थ तस्करों की  मादक पदार्थों से भरी हुई गाड़िया भीलवाड़ा जिले से पार करवाते थे व उसके बदले तस्करों से मोटी रकम ऐंठते थे।  10 अप्रैल को कोटड़ी थाना क्षेत्र में तस्करों सुनील डूडी व राजू फौजी गैंग द्वारा फायरिंग कर कांस्टेबल औकार की निर्मम हत्या करने के बाद भी दोनों कांस्टेबल महेश निठारवाल व सुनील बाबल द्वारा तस्करों की गैंग से सम्पर्क किया गया। उन्हें जिले में हो रही नाकाबंदी बाबत बताया गया।

उनको भागने के सुरक्षित रूट बाबत सुझाव दिये गये व तस्करों को घटना के बाद भागने में मदद की। तस्करों को प्रकरण में आवश्यक साक्ष्यों को नष्ट करने और छुपाने में प्रत्यक्ष व परोक्ष रूप से सहायता की। जिस पर दोनों कांस्टेबल को प्रकरण में अनुसंधान अधिकारी सहाड़ा की अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चंचल मिश्रा ने शनिवार को गिरफ्तार किया। दोनों कांस्टेबलों को कल न्यायालय में पेश किया जायेगा ।

उल्लेखनीय है कि दोनों कांस्टेबलों को वारदात के अगले दिन ही 11 अप्रेल को हिरासत में ले लिया था। अभी इस मामले में कुछ ओर पुलिसकर्मियों पर भी गाज गिरने की सम्भावना बन रही है।

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