लखनऊ : सिपाही ने अस्पताल में भर्ती बंदी के बेटे की गोली मारकर की हत्या

Newspoint24 / newsdesk  Lucknow: The constable shot and killed the hospitalized prisoner's son

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हत्या के बाद आरोपित ने थाने में किया सरेंडर  

लखनऊ। डा. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती सजायाफ्ता कैदी की निगरानी में तैनात आरक्षी आशीष मिश्रा ने बुधवार की देर शाम को उसके बेटे प्रवीण सिंह (38) की गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरक्षी ने विभूतिखंड थाने में खुद को आत्मसमपर्ण कर दिया। पूछताछ में उसने उसने पुलिस को बताया कि उसे प्रवीण से डर था कि वह उसकी हत्या कर देगा, इसीलिए उसने उसे गोली मार दी।


विभूतिखंड थाना प्रभारी चंद्रशेखर सिंह ने बताया कि मूलरुप से सीतापुर के मिश्रिख लेखनापुर निवासी विनोद सिंह उर्फ ध्रुव सिंह सन 1997 में हुई एक हत्या के मामले में सजायाफ्ता बंदी है। किडनी की बीमारी के इलाज के लिए उसे लोहिया संस्थान में भर्ती कराया गया। उसकी निगरानी के लिए वर्ष 2016 बैच का सिपाही आशीष मिश्रा तैनात था। विनोद की देखरेख के लिए उसका बेटा प्रवीण सिंह अस्पताल में रहता था। बुधवार देर शाम को लोहिया के आवासीय परिसर के गेट पर बने जनरेटर रूम के पास किसी बात पर प्रवीण और आशीष में कहासुनी हो गई। इस पर आशीष ने तमंचे से प्रवीण की गोली मारकर हत्या कर दी। 

घटना को अंजाम देने के बाद आरोपित आरक्षी आशीष ने थाने में पहुंचकर सरेंडर कर दिया। थाने में उसने बंदी के बेटे प्रवीण की हत्या करने की बात स्वीकारते हुए बताया कि उसे प्रवीण से डर था कि कही वो उसकी हत्या न कर दें। 

पुलिस कमिश्नर ने की पूछताछ 

पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर, एडीसीपी पूर्वी एसएम कासिम आबिदी, एसीपी प्रवीण मलिक ने आरोपित आशीष मिश्रा से पूछताछ की। उसने बयान में कहा कि दोपहर को प्रवीण से उसका झगड़ा हुआ। इस कारण उसने प्रवीण का ही तमंचा छीनकर उसे गोली मार दी। उसके बयान में विरोधाभास है। आरोपित सिपाही मूल रूप से बदायूं का रहने वाला है। वर्ष 2017 से वह पुलिस लाइन सीतापुर में तैनात है। सीतापुर एसपी से इस संबंध में बात करके उसके बारे में और जानकारी जुटाई जा रही है। 
 

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