प्रॉपर्टी को गिरवी रखकर फाइनेंस कंपनी से करोड़ों की ठगी

Newspoint24.com/newsdesk/
नई दिल्ली । दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने पिता की प्रॉपर्टी को गिरवी रखकर फाइनेंस कंपनी चोलामंडलम से 2.47 करोड़ रुपये का लोन लेकर फर्जीवाड़ा करने वाले दंपति को लुधियाना से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने लोन लेने के दौरान अपने माता-पिता का फर्जी हस्ताक्षर कर दिया था। पुलिस आरोपितों से पूछताछ कर जांच कर रही है। 


शाखा के संयुक्त आयुक्त डॉक्टर ओ पी मिश्रा ने बताया कि आरोपियों की पहचान नोएडा सेक्टर 31 निवासी अनुज जयपुरिया (40) और सुनीता (36) (बदला हुआ नाम) के रूप में हुई है। अनुज के पिता राजेंद्र जयपुरिया ने वर्ष 2018 में शाखा को दी शिकायत में बताया कि उसने अपनी जमापूंजी लगाकर वर्ष 2011 में सेक्टर 31 नोएडा में एक प्रॉपर्टी खरीदी। उसने मकान की पहली मंजिल पर अपने छोटे बेटे अनुज, उसकी पत्नी और दो बच्चों को रहने के लिए दिया।

वर्ष 2018 में चोलामंडलम फाइनेंस कंपनी के कुछ अधिकारी राजेंद्र जयपुरिया के घर पहुंचे और बताया कि उनके प्रॉपर्टी को गिरवी रखकर 2.47 करोड़ का लोन लिया गया है। जिसका किश्त नहीं दिया जा रहा है। उसने बताया गया कि आवेदक में उनका नाम है जबकि सह आवेदकों में उसकी पत्नी जयश्री जयपुरिया, अनुज जयपुरिया और उसकी पत्नी का नाम है। कागजात देखने पर पता चला कि लोन के आवेदन में इस्तेमाल कागजात में कमला नगर स्थित पुराने घर के पते का इस्तेमाल किया गया है। जिसे वह वर्ष 2011 में बेच चुका है। 


ïशिकायत पर शाखा ने जालसाजी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। चोलामंडलम से मिले कागजात के मुताबिक लोन का आवेदन राजेंद्र ने किया था। जबकि राजेंद्र ने बताया कि उसने कभी भी लोन का आवेदन नहीं किया और न ही किसी कागजात पर कोई हस्ताक्षर ही किया। उसने बेटे बहू पर फर्जी हस्ताक्षर करने का आरोप लगाया। मामला दर्ज होने के बाद आरोपी दंपति फरार हो गये। शाखा ने उन्हें तफ्तीश में शामिल होने के लिए नोटिस भेजा। वह भी वापस आ गया। अदालत ने 30 जनवरी को दंपति को भगोड़ा करार दिया। शाखा ने उसके खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी भी जारी कर दिया। साथ ही पुलिस टीम उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही थी। 6 जनवरी को दंपति के दुगरी लुधियाना में होने की जानकारी मिली। जहां से पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पुलिस दंपति से पूछताछ कर जांच में जुटी है। 

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