रिलायंस इंडस्‍ट्रीज का नया रिकॉर्ड : डॉलर बांड के जरिए 4 अरब डॉलर यानी करीब करीब 28 हजार करोड़ रुपए जुटाए

Reliance Industries' new record: $ 4 billion, or about 28 thousand crore rupees, raised through dollar bonds

रिलायंस ने 10 साल के टेन्‍योर वाले बांड से 1.5 अरब डॉलर, 30 साल के बांड से 1.75 अरब डॉलर और

40 साल के बांड से 75 अरब डॉलर जुटाए। इन बांड को एसएंडपी ने BBB+ और मूडीज ने Baa2 रेटिंग

दी है। जानकारी के अनुसार इस राशि में से कुछ हिस्सा 1.5 अरब डॉलर के कर्ज के रिफाइनेंस के लिए होगा।

जोकि फरवरी में मैच्योर हो रहा है। कंपनी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार कंपनी के इन बांड को तीन गुना से ज्यादा सब्सक्रिप्शन मिला।

Newspoint24/संवाददाता /एजेंसी इनपुट के साथ

नयी दिल्ली। रिलायंस इंडस्‍ट्रीज के चैयरमैन मुकेश अंबानी  की कंपनी रिलायंस इंडस्‍ट्रीज ने एक  नया रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। यह नया रिकॉर्ड बांड के जरिए जुटाने से किया है। रिलायंस ने डॉलर बांड के जरिए 4 अरब डॉलर यानी करीब करीब 28 हजार करोड़ रुपए जुटाए हैं। जोकि इंडियन हिस्‍ट्री में बांड के माध्‍यम से जुटाई गई सबसे बड़ी रकम है।  कंपनी ने 10, 30 और 40 साल की डील के बांड जारी किए हैं।

किस टेन्‍योर के बांड से कितने जुटाए
रिलायंस ने 10 साल के टेन्‍योर वाले बांड से 1.5 अरब डॉलर, 30 साल के बांड से 1.75 अरब डॉलर और 40 साल के बांड से 75 अरब डॉलर जुटाए। इन बांड को एसएंडपी ने BBB+ और मूडीज ने Baa2 रेटिंग दी है। जानकारी के अनुसार इस राशि में से कुछ हिस्सा 1.5 अरब डॉलर के कर्ज के रिफाइनेंस के लिए होगा। जोकि फरवरी में मैच्योर हो रहा है। कंपनी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार कंपनी के इन बांड को तीन गुना से ज्यादा सब्सक्रिप्शन मिला। इनकी कीमत संबंधित यूएस ट्रेजरी बेंचमार्क से 120 बेसिस पॉइंट्स, 160 बेसिस पॉइन्ट्स और 170 बेसिस पॉइंट्स अधिक रखी गई थी।

कहां से कितने ऑर्डर हुए रिसीव
रिलायंस के अनुसार इन बांड को एश‍िया के अलावा यूरोन और अमरीका के 200 से ज्‍यादा अकाउंट से ऑर्डर मिले हैं। जिसमें सबसे ज्‍यादा हिस्‍सेदारी 53 फीसदी के साथ एश‍िया की है। यूरोप 14 फीसदी और अमरीका में 33 फीसदी बांड बांटे गए हैं। इन बांड को हाई क्वालिटी फिक्स्ड इनकम अकाउंट में डिस्ट्रीब्यूट किया गया है। इनमें से 69 फीसदी फंड मैनेजर्स को, 24 फीसदी इंश्योरेंस कंपनियों को, पांच फीसदी बैंकों को और दो फीसदी पब्लिक इंस्टीट्यूशनंस को दिए गए हैं।

 
जियो कर रहा है सबसे बड़े रुपये बांड की तैयारी
वहीं दूसरी ओर रिलायंस जियो अब तक सबसे बड़े रुपए बांड की बिक्री की तैयारी में जुटा हुआ है। इसके जरिए कंपनी अपनी वित्तीय देनदारी को कम करने की योजना पर काम करेगा। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के अनुसार कंपनी 6.2 फीसदी के कूपन पर 5 साल में मैच्योर होने वाले 5,000 करोड़ रुपए के नोटों के लिए कमिटमेंट मांग रही है। जियो ने इससे पहले आखिरी बार जुलाई 2018 में स्थानीय-मुद्रा बांड बाजार से पैसा जुटाया था। रिलायंस जियो 5 जी नेटवर्क लांच करने की तैयारी में है।

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