महामारी के मद्देनज़र आयकर रिटर्न की अंतिम तिथि 1 अप्रैल, 2021से बढ़ा कर 31 मई तक हुई

महामारी के मद्देनज़र आयकर रिटर्न की अंतिम तिथि 1 अप्रैल, 2021से बढ़ा कर 31 मई तक हुई

Newspoint24 /newsdesk 
 
सरकार ने महामारी के मद्देनज़र कुछ अनुपालनों की समय सीमा बढ़ाई


नई दिल्ली। गंभीर कोविड-19 महामारी के कारण पैदा हुईं प्रतिकूल परिस्थितियों और देश भर के करदाताओं, कर सलाहकारों और अन्य हितधारकों से प्राप्त कई अनुरोधों को देखते हुए, सरकार ने ऐसी कई अनुपालन तिथियाँ जिनमें छूट दी जा सकती है उन अनुपालनों की समय-सीमा बढ़ा दी है।


विभिन्न हितधारकों से प्राप्त आवेदनों और उनके समक्ष आने वाली कठिनाइयों को कम करने के लिए, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने आयकर अधिनियम, 1961 (अधिनियम) की धारा 119 के तहत करदाताओं द्वारा अनुपालन के संबंध में निम्नलिखित छूट प्रदान की हैं।
अधिनियम की धारा 144सी के तहत विवाद समाधान पैनल (डीआरपी) पर आपत्तियां, जिसके लिए इस धारा के तहत दाखिल करने की अंतिम तिथि 1 अप्रैल, 2021 या उसके बाद है, को धारा के तहत समय-सीमा के भीतर अथवा 31 मई, 2021 तक दायर किया जा सकता है।


अधिनियम की धारा 148 के तहत नोटिस के जवाब में आयकर रिटर्न, जिसके लिए उक्त नोटिस के तहत आयकर रिटर्न की अंतिम तिथि 1 अप्रैल, 2021 या उसके बाद है, इसे नोटिस के तहत समय के भीतर अथवा 31 मई, 2021 तक दायर किया जा सकता है।


आकलन वर्ष 2020-21 के लिए अधिनियम की धारा 139 की उप-धारा (4) और संशोधित धारा (5) के तहत संशोधित रिटर्न दाखिल करना, जिसे 31 मार्च, 2021 को या या उससे पहले दायर किया जाना था, अब इसे 31 मई, 2021 तक दायर किया जा सकता है;
धारा 194-आईए, धारा 194-आईबी और अधिनियम की धारा 194एम के तहत काटे गए कर का भुगतान, और ऐसी कर कटौती के लिए चालान-सह-स्टेटमेंट दाखिल करना, जिन्हें आयकर नियमों, 1962 के नियम 30 के तहत 30 अप्रैल, 2021 (क्रमशः) भुगतान और पूर्ण किया जाना आवश्यक है अब इसे 31 मई, 2021 को अथवा इससे पहले भुगतान किया जा सकता है;


फॉर्म नंबर 61 के विवरण, जिसमें फॉर्म नंबर 60 में प्राप्त घोषणाओं के विवरण शामिल हैं, जिसे 30 अप्रैल, 2021 को या उससे पहले प्रस्तुत किया जाना है, अब इसे 31 मई, 2021 को या उससे पहले प्रस्तुत किया जा सकता है।
सरकार द्वारा हाल के दिनों में की गई पहलों में उपरोक्त छूट नवीनतम हैं, जो इस कठिन समय के दौरान करदाताओं को राहत देने के उद्देश्य से किए जाने वाले अनुपालन को आसान बनाती हैं।

Share this story