5जी के ट्रायल को मंजूरी, 2021 में ही शुरू हो सकती है 5जी सेवा

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Newspont24 / newsdesk 

चीन की कंपनी हुवावे और जेडटीई के आवेदन दूरसंचार विभाग ने निरस्त किये 

नई दिल्ली । दूरसंचार के क्षेत्र में नई क्रांति कही जाने वाली 5जी सेवा को 2021 में ही मंजूरी मिल सकती है। दूरसंचार मंत्रालय ने 5जी सेवा के ट्रायल के लिए 13 आवेदनों को मंजूरी दे दी है। दूरसंचार विभाग को 5जी ट्रायल के लिए कुल 16 आवेदन मिले थे, इनमें चीन की कंपनी हुवावे और जेडटीई शामिल थीं। इन दोनों कंपनियों के आवेदनों को दूरसंचार विभाग ने निरस्त कर दिया है। 

दूरसंचार विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक 5जी ट्रायल के लिए सभी कंपनियों को 700 मेगाहर्ट्ज बैंड की एयरवेव दी जाएगी। 5जी का ट्रायल करने वाली कंपनियों को नेटवर्क की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देना होगा। साथ ही शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में भी टेस्टिंग जैसी शर्तों का पालन करना होगा। इस एयरवेव का इस्तेमाल सिर्फ 5जी ट्रायल के लिए ही किया जा सकेगा। दूरसंचार विभाग की और से तय की गई शर्तों में साफ किया गया है कि अगर कोई कंपनी इस एयरवेव का वाणिज्यिक इस्तेमाल करते पाई गई तो उसे ब्लैक लिस्ट कर दिया जाएगा। 

सरकारी टेलीकॉम कंपनी भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनल) ने 5जी ट्रायल के लिए भारत सरकार के टेलीकॉम टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट सेंटर सी-डॉट यानी सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स के साथ साझेदारी की है। बताया जा रहा है कि रिलायंस जिओ, भारती एयरटेल और वोडाफोन-आइडिया में एरिक्सन और नोकिया के वेंडर्स के साथ ट्रायल की साझेदारी की है। अलग-अलग सर्किल के लिए इन कंपनियों ने अलग-अलग वेंडर्स के साथ साझेदारी की है।‌ 

इसके पहले रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने 2020 में हुए इंडियन मोबाइल कांग्रेस में ऐलान किया था कि उनकी कंपनी 2021 की दूसरी छमाही में 5जी सेवा लांच करने की योजना बना रही है। अंबानी ने इस बात का भी ऐलान किया था की रिलायंस जिओ भारत में 5जी क्रांति का की अगुवाई करेगी और उसका नेटवर्क पूरी तरह से स्वदेशी टेक्नोलॉजी पर आधारित होगा। रिलायंस जिओ अमेरिका में अपनी 5जी टेक्नोलॉजी का कामयाब परीक्षण भी कर चुकी है। इसके लिए उसे अमेरिका की टेक्नोलॉजी फर्म क्वालकॉम का साथ मिला था। 

उल्लेखनीय है कि भारत अभी 5जी सर्विस का ट्रायल शुरू करने जा रहा है, लेकिन दुनिया भर के 68 देशों में यह सेवा पहले ही शुरू हो चुकी है। अमेरिका, दक्षिण कोरिया और चीन में सबसे पहले 5जी सेवा की शुरुआत हुई थी। अभी न्यूजीलैंड, ओमान, श्रीलंका और फिलीपींस जैसे छोटे देशों में भी ये सेवा शुरू हो चुकी है। माना जा रहा है कि संचार विभाग से 5जी ट्रायल की मंजूरी मिलने के बाद जल्दी ही भारत में भी 5जी सेवा की शुरुआत हो सकेगी। 

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