ममता ने सोनिया,पवार समेत 15 विपक्षी नेताओं से की भाजपा के खिलाफ एकजुट होने की अपील

Newspoint24.com/newsdesk

कोलकाता।  पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री एवं तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी ने विपक्ष के 15 शीर्ष नेताओं को पत्र लिखकर भाजपा के खिलाफ एकजुट होने और लोकतंत्र की रक्षा करने की अपील की है।

पश्चिम बंगाल में जारी विधानसभा चुनाव के बीच सुश्री बनर्जी ने तीन पन्नों के पत्र में कहा,“मैं भारत में लोकतंत्र और संवैधानिक संघवाद पर केंद्र में भाजपा और उसकी सरकार द्वारा किए गए हमलों की श्रृंखला पर अपनी गंभीर चिंताओं को व्यक्त करने के लिए यह पत्र लिख रही हूं।”

तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) प्रमुख शरद पवार, द्रमुक प्रमुख एम के स्टालिन, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, दिल्ली के मुख्यमंत्री एवं आम आदमी पार्टी के अध्यक्ष अरविंद केजरीवाल, ओडिशा के मुख्यमंत्री एवं बीजू जनता दल के अध्यक्ष नवीन पटनायक, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी, राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव के साथ-साथ नेशनल कांफ्रेंस के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला और पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी की प्रमुख महबूबा मुफ्ती सहित 15 गैर-भाजपा नेताओं को ये पत्र भेजा है।


सुश्री बनर्जी ने पत्र में लिखा,“मेरा दृढ़ विश्वास है कि लोकतंत्र और संविधान पर भाजपा के हमलों के खिलाफ एकजुट और प्रभावी संघर्ष का समय आ गया है।” उन्होंने अपने पत्र में संसद से पारित विवादास्पद राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली (संशोधन) विधेयक पर भी चिंता जाहिर की है। उन्होंने इसे एक अत्यंत गंभीर विषय बताया।

उन्होंने कहा,“एनसीटी विधेयक संविधान में निहित भारतीय गणराज्य के संघीय ढांचे पर सीधा हमला है। यह लोकतंत्र का मजाक बनाता है क्योंकि यह राष्ट्रीय राजधानी के लोगों को निराश करता है। उपराज्यपाल को दिल्ली का अघोषित वायसराय बना दिया गया, जो केंद्रीय गृह मंत्री और प्रधानमंत्री के लिए एक प्रतिनिधि (प्रॉक्सी) के रूप में काम कर रहे हैं।”

सुश्री बनर्जी ने कहा है कि आप (विपक्षी नेता) इस बात से सहमत होंगे कि दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी ने जो किया है, वह अपवाद नहीं है, बल्कि एक नियम बन रहा है। भाजपा सरकार ने लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित सरकार की सभी शक्तियों को छीन लिया है। उन्होंने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई)-प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) जैसी जांच एजेंसियों और राज्यपालों का उपयोग करके गैर-भाजपा राज्य सरकारों के कामकाज में केंद्र के ‘हस्तक्षेप’ पर भी लिखा है। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनावों के बाद भाजपा विरोधी गठबंधन बनाने पर बातचीत होनी चाहिए। केंद्र-राज्य संबंध और राजनीतिक संबंध स्वतंत्र भारत के इतिहास में कभी भी इतने बुरे नहीं रहे जितने कि अब हैं।


गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुड्डुचेरी में हो रहे सभी पांचों विधानसभा चुनावों के परिणाम दो मई को घोषित किए जाएंगे।

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