लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में यूपी सरकार की सुस्ती पर घोर नाराजगी जताई शीर्ष अदालत ने कहा लोगों की निर्मम हत्या की गयी 

लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में यूपी सरकार की सुस्ती पर घोर नाराजगी जताई शीर्ष अदालत ने कहा लोगों की निर्मम हत्या की गयी

Newspoint24 / newsdesk / एजेंसी इनपुट के साथ 


नयी दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में उत्तर प्रदेश सरकार की कार्रवाई स्थिति रिपोर्ट से असंतुष्ट है।

सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से सबूतों को सुरक्षित रखने को कहा। शीर्ष अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत मुकदमा दर्ज होने के बाद भी कार्रवाई में उत्तर प्रदेश सरकार की सुस्ती पर घोर   नाराजगी जताई। 

वहीं लखीमपुर खीरी हिंसा पर उत्तर प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को आश्वासन दिया कि , एक-दो दिन में पूरी कार्रवाई होगी। 

मामले में सुप्रीम कोर्ट लखीमपुर खीरी हिंसा पर 20 अक्टूबर को करेगा अगली सुनवाई करेगा। 

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में रविवार को कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा में आठ लोगों की मौत हो गई. मृतकों में चार किसान थे, जिन्हें कथित तौर पर भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा चलाए जा रहे वाहनों ने कुचल दिया था।

जवाब में, किसानों ने भाजपा कार्यकर्ताओं को वाहनों से खींच लिया और कथित तौर पर उनकी पीट-पीट कर हत्या कर दी थी । 

सख्त निर्देश सबूतों से छेड़छाड़ न हो

मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने साफ कहा कि वह लखीमपुर खीरी मामले की जांच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से अब तक लिए गए स्टेप्स से संतुष्ट नहीं है। साथ ही कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार कोर्ट यह बताए कि कौन सी एजेंसी इस मामले की जांच कर सकती है। कोर्ट ने राज्य के DGP को भी निर्देश दिए कि नई एजेंसी की जांच शुरू होने तक सबूतों से छेड़छाड़ न हो, इस बात का ध्यान रखा जाए।

किन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया

इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने दो वकीलों की चिट्ठियों को नोटिस में लेते हुए गुरुवार को उत्तर प्रदेश सरकार से पूछा कि इस घटना में कितने किसान मारे गए? कितने राजनीतिक लोगों और पत्रकारों की मौत हुई? किन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया और किन-किन लोगों की गिरफ्तारी हुई? उत्तर प्रदेश सरकार ने आज कोर्ट में इन सवालों के जवाब दिए। मामले की अगली सुनवाई दुर्गा पूजा के बाद होगी।

अब आशीष पर दबाव बढ़ा

अब सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद उनकी गिरफ्तारी का दबाव बढ़ गया है। UP पुलिस ने गुरुवार शाम आशीष के घर नोटिस चिपका कर शुक्रवार को पूछताछ के लिए पेश होने को कहा है। इससे पहले पुलिस ने दो आरोपियों लवकुश और आशीष पांडेय को गिरफ्तार कर लिया, वहीं, तीन लोगों से पूछताछ की जा रही है।

इधर, लखनऊ आई जी लक्ष्मी सिंह ने कहा कि आशीष मिश्र कहां हैं, ये पता नहीं है। वहीं, आशीष पांडेय और लवकुश पर आरोप है कि वे किसानों को टक्कर मारने वाली थार जीप के पीछे चल रही गाड़ी में थे। दूसरी ओर, UP सरकार ने इस मामले में हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज प्रदीप श्रीवास्तव की अध्यक्षता में जांच आयोग बनाया है।

स्वास्थ्य ठीक नहीं है आशीष ने पुलिस को लिखी चिट्ठी

इधर मंत्री के बेटे आशीष ने पुलिस को चिट्ठी लिखकर कहा है कि उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं है, इसलिए वे आज पुलिस के सामने पेश नहीं हो सकते। वे शनिवार को 11 बजे पुलिस के सामने पेश होंगे। इस बीच, सूत्रों का कहना है कि आशीष अपने दोस्त अंकित दास के साथ नेपाल फरार हो चुका है। अंकित दास पूर्व कांग्रेसी नेता अखिलेश दास का भतीजा है। पुलिस दोनों की तलाश में जुटी है। पुलिस की जांच में पहली लोकेशन नेपाल थी, जबकि आज सुबह की लोकेशन उत्तराखंड के बाजपुरा की बताई जा रही है।

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