भारी बारिश से महाराष्ट्र के कई जिलों में हाहाकार , कोंकण रेल मार्ग पर 5,500-6,000 यात्री ट्रेनों में फंसें 

महाराष्ट्र में बारिश से महाराष्ट्र के कई जिलों में हालात बिगड़े
चिपलून में बाढ़ की स्थिति सबसे खराब है। गौरतलब है कि 1967  और 2005  से भी यहां आई बरसात में इतनी ख़राब स्तिथि नहीं थी इस बार हालत बदतर हो गये हैं  । चिपलून शहर और उन स्थानों पर पानी भर गया है जहां कभी बाढ़ का पानी नहीं गया था। 

Newspoint 24 / newsdesk 
 

  • ठाणे, सिंधुदुर्ग, रत्नागिरी, रायगढ़ और कोल्हापुर जिले में बाढ़ से कोहराम
  • राहत एवं बचाव कार्य में जुटीं एनडीआरएफ और नौसेना की टीम
  • मुंबई के कसारा में पहाड़ी का हिस्सा धसकने से रेल सेवा प्रभावित
  • कोल्हापुर में एनडीआरएफ की दो टीमं राहत एवं बचाव में जुटीं
  • मुख्यमंत्री ठाकरे ने कहा- बाढ़ पीड़ितों को शीघ्र मदद पहुंचाएं
  • खेड़, चिपलून, लांजा, राजापुर, संगमेश्वर कस्बे और आस-पास के इलाके जलमग्न 
  • कुंडलिका, अंबा, सावित्री, पातालगंगा, गढ़ी, उल्हास सहित प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर 
  • कोंकण क्षेत्र की प्रमुख नदियां रत्नागिरि और रायगढ़ जिले में नदियां खतरे के निशान से ऊपर
  • कोंकण रेल मार्ग पर 5,500-6,000 यात्री ट्रेनों में फंसें 

मुंबई । महाराष्ट्र में विगत शनिवार रात से रुक-रुक कर हो रही मूसलाधार बारिश से कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। भारी बारिश से ठाणे, सिंधुदुर्ग, रत्नागिरि, रायगढ़ और कोल्हापुर जिलों में कोहराम मचा हुआ है। साथ ही पालघर, यवतमाल और अकोला जिलों में भी बारिश से नुकसान हुआ है जबकि राजधानी मुंबई में अपेक्षाकृत कम नुकसान हुआ है। रत्नागिरि जिले का चिपलून शहर बाढ़ के पानी में डूब गया है। रेलवे ट्रैक से लेकर बस स्टैंड, घरों और सड़कों में पानी भरा हुआ है। कोंकण रेलवे मार्ग पर गुरुवार को ट्रेन सेवांए प्रभावित हुईं और छह हजार से अधिक यात्री फंस गए। वहीं मुंबई के कसारा में पहाड़ी का हिस्सा धसकने से मध्य रेलवे की सेवा प्रभावित हुई है। मुंबई सहित राज्य के कई इलाकों में रेल और सड़क यातायात प्रभावित हुआ है। प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव के लिए एनडीआरएफ और नौसेना की टीमें जुटी हुई हैं।

कोंकण रेलवे मार्ग प्रभावित होने की वजह से अबतक नौ रेलगाड़ियों का मार्ग परिवर्तन किया गया है या रद्द किया गया है या उनके मार्ग को छोटा किया गया है। भारी बारिश की वजह से कोंकण क्षेत्र की प्रमुख नदियां रत्नागिरि और रायगढ़ जिले में नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं और सरकारी अमला प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने में जुटा है।

कोंकण रेलवे अधिकारियों ने बताया कि मार्ग पर व्यवधान के कारण नौ ट्रेनों के मार्ग में बदलाव किया गया, उन्हें गंतव्य से पहले रोका गया है या रद्द कर दिया गया है। कोंकण रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि ये ट्रेनें अलग-अलग स्टेशनों पर सुरक्षित स्थानों पर हैं और उनके अंदर मौजूद यात्री भी सुरक्षित हैं। उन्हें खाने-पीने का सामान मुहैया कराया जा रहा है।

चिपलून में बाढ़ की स्थिति चारों तरफ पानी ही पानी 

 भारी बारिश के कारण रत्नागिरि में चिपलून और कामठे स्टेशन के बीच वशिष्ठी नदी पुल का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है। उन्होंने ने कहा, ‘‘ यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इस खंड पर ट्रेन सेवाएं अस्थायी तौर पर निलंबित कर दी गई हैं।’’रेलवे अधिकारियों के अनुसार, कोंकण रेल मार्ग पर 5,500-6,000 यात्री ट्रेनों में फंस गए हैं। कोंकण रेलवे का मुंबई के पास रोहा से मंगलुरु के पास स्थित थोकुर तक 756 किलोमीटर लंबा रेल मार्ग है। महाराष्ट्र, गोवा और कर्नाटक मार्ग चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में से एक हैं, क्योंकि यहां कई कई नदियां, घाटियां और पहाड़ हैं।

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कोंकण रेलवे ने बताया कि चिपलून में बाढ़ की स्थिति के कारण नौ ट्रेनों के मार्ग में बदलाव किया गया, उन्हें गंतव्य से पहले रोका गया है या रद्द कर दिया गया है। इनमें से दादर-सावंतवाडी स्पेशल ट्रेन को चिपलून स्टेशन और सीएसएमटी-मडगांव जनशताब्दी स्पेशल ट्रेन को खेड़ स्टेशन की ओर मोड़ दिया गया है।

इसी तरह सिकंदरा बाद-पोरबंदर स्पेशल, मुंबई सीएसएमटी-वाराणसी स्पेशल और निजामुद्दीन-मुंबई सीएसएमटी राजधानी स्पेशल ट्रेन के रूट में बदलाव किया गया है। कल्याण से बदलापुर तक जलभराव की वजह से रेलवे सेवा बाधित हुई है। कल्याण से बदलापुर तक रेल पटरी पानी में डूब गई हैं। इससे मध्य रेलवे की दूरगामी गाड़ियां विभिन्न जगह रुकी हुई हैं। बारिश की वजह से कल्याण, भिवंडी, बदलापुर में निचले इलाकों में जलभराव हो गया है। वसई में सनसिटी क्षेत्र पिछले 4 दिनों से जलमग्र है। इन इलाकों में नगर निगम कर्मी जलनिकासी का काम कर रहे हैं। मुंबई में तेज बारिश के बावजूद जल निकासी हो रही है। इससे जलभराव की समस्या नहीं है और लोकल सेवा शुरू है।

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने बाढ़ की स्थिति पर अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी कीमत पर राज्य के बाढ पीड़ितों को बचाया जाना जरूरी है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि भले ही इसके लिए हेलीकाप्टर का इस्तेमाल करना पड़े तो बेहिचक किया जाए और हर बाढ़ पीड़ित को संकट से बाहर निकाला जाए।

राज्य के कई इलाकों में शनिवार शाम से ही रुक-रुक कर भारी बारिश हो रही है। पिछले 24 घंटे से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से ठाणे, पालघर, रत्नागिरी, सिंधुदुर्ग, कोल्हापुर आदि जिलों में नदियों का पानी शहरों में घुस गया है। कोल्हापुर जिले में बाढ़ में फंसे लोगों को बचाने के लिए एनडीआरएफ की दो टीमें तैनात हैं। इनमें से एक टीम कोल्हापुर शहर में और दूसरी टीम जिले की शिरोल तहसील में राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हुई है। जिले की पंचगंगा नदी खतरे के निशान से काफी ऊपर बह रही है। पंचगंगा नदी का पानी कोल्हापुर शहर एवं शिरोल में लोगों के घरों में घुस गया है। पूरा जिला बाढ़ की चपेट में आ गया है। यहां कई गांव चारों तरफ पानी से घिर गए हैं। जिला प्रशासन यहां बाढ़ पीड़ितों की हर संभव मदद कर रहा है।

रत्नागिरी जिले में बारिश का पानी शहर में घुस गया है। सिंधुदुर्ग जिले में भी कई नदी-नाले उफान पर हैं। इसके कारण जिले में बाढ़ आ गई है। चिपलुन शहर में बारिश का पानी घरों और दुकानों में घुस गया है। इसी तरह कई गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। यहां नौसेना की टीम लोगों का बचाने का प्रयास कर रही है। इसी तरह कल्याण, बदलापुर, बांगनी में भी उल्हास नदी एवं बालधुनि नदी का पानी लोगों के घरों में घुस गया है। यहां भी प्रशासन की ओर से राहत एवं बचाव का काम जारी है।

कोंकण रेल ट्रैक प्रभावित होने की वजह से अब तक नौ ट्रेनों का मार्ग परिवर्तन किया गया है या रद्द किया गया है या उनके मार्ग को छोटा किया गया है। भारी बारिश की वजह से कोंकण क्षेत्र की प्रमुख नदियां रत्नागिरि और रायगढ़ जिले में नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। भारत मौसम विभाग (आईएमडी) ने तटीय क्षेत्रों के लिए अगले तीन दिन तक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सतर्क रहने और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का निर्देश दिया है।

कोंकण रेलवे के मुताबिक कोंकण रेल मार्ग पर करीब छह हजार यात्री ट्रेनों में फंस गए हैं। कोंकण रेलवे का मुंबई के पास रोहा से मंगलुरु के पास स्थित थोकुर तक 756 किलोमीटर लंबा रेल मार्ग है। चिपलून में बाढ़ की स्थिति के कारण नौ ट्रेनों के मार्ग में बदलाव किया गया, उन्हें गंतव्य से पहले रोका गया है या रद्द कर दिया गया है।

अधिकारियों ने बताया कि कोल्हापुर जिले में पिछले दो दिनों से लगातार बारिश से कई राज्य राजमार्गों के कुछ हिस्सों पर पानी भरने की समस्या पैदा हो गई और उसे यातायात के लिए बंद करना पड़ा। एनडीआरएफ के मुताबिक चार टीमों को मुंबई और एक-एक टीम को ठाणे और पालघर जिलों में तैनात किया गया है। एक टीम रत्नागिरि जिले के चिपलुन नगर में तैनात है। ठाणे जिले के सहापुर तालुका के कुछ गांव डूब गए हैं और स्थानीय अधिकारी एनडीआरएफ की मदद से वहां फंसे सैकड़ों लोगों का निकालने की कोशिश कर रहे हैं।

अधिकारियों ने बताया कि वसई, विरार और पालघर में अन्य स्थानों पर बाढ़ आई है लेकिन अब तक किसी की जान जाने की सूचना नहीं है। ठाणे के क्षेत्रीय आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के प्रमुख संतोष कदम ने बताया कि जिले के गणेश नगर में तड़के कुछ घरों में पानी घुस गया और बाद में एनडीआरएफ की टीम ने करीब 44 लोगों को वहां से सुरक्षित निकाला।


 

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