2021 वार्षिक राशिफल  सिंह राशि : गुरु सप्तम भाव में गोचर करना समस्त कार्यो के लिए शुभ रहेगा

Newspoint24.com/newsdesk/ पंडित माता प्रसाद चौबे ,वाराणसी 

राशि अक्षर : मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे

सिंह राशि के लिए यह साल कार्यो में प्रगति, तरक्की वाला रहेगा। आर्थिक रूप से आप मजबूत रहेंगे, जबकिपारिवारिक जीवन में विवाद, तनाव की स्थिति बार-बार बन सकती है। वर्ष प्रारंभ होने से पूर्व से 5 अप्रैल तक तथा 14 सितंबर से 20 नवंबर तक गुरु छठे भाव में रहने से दांपत्य जीवन में कष्ट, संतान को पीड़ा, स्वयं को शारीरिक कष्ट, अपव्यय, कारोबार में बाधा, मामा पक्ष को पीड़ा होगी। 5 अप्रैल से 14 सितंबर और 20 नवंबर से 13 अप्रैल 2022 तक गुरु सप्तम भाव में गोचर करना समस्त कार्यो के लिए शुभ रहेगा।

शत्रुओं का होगा नाश 


इस पूरे वर्ष शनि सिंह राशि के लिए छठे भाव में गोचर करने से स्वास्थ्य में लाभ रहेगा, शत्रुओं का नाश होगा, स्वास्थ्य उत्तम रहेगा, धनलाभ, अचल संपत्ति की प्राप्ति, भौतिक सुखों में वृद्धि होगी, कर्ज मुक्ति होगी। पूरे साल राहु दशम एवं केतु चतुर्थ स्थान में रहने से पद-प्रतिष्ठा, कारेाबार में वृद्धि, आर्थिक लाभ, नए लोगों से जुड़ेंगे, अचल संपत्ति प्राप्ति के योग बनेंगे।


कार्य-व्यवसाय में तरक्की मिलेगी


22 फरवरी तक स्वराशिगत मंगल नवम भाग्य स्थान में रहने से भाग्योदय होगा, पद-पैसा प्राप्त होगा लेकिन साथ ही शारीरिक कष्ट भी आएगा। 22 फरवरी से 2 जून तक मंगल दशम-एकादश में रहने से भूमिलाभ, आरोग्यता, पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि, कार्य-व्यवसाय में तरक्की, संकटों से मुक्ति। 2 जून से 20 जुलाई तक मंगल बारहवें स्थान में रहने से दांपत्य जीवन में कष्ट, व्यर्थ के कार्यो में पैसा बर्बाद, गुप्त शत्रु परेशान करेंगे, पुत्र को कष्ट, मानसिक पीड़ा रहेगी।

पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि, धनलाभ, आरोग्यता रहेगी

20 जुलाई से 5 सितंबर तक मंगल द्वितीय स्थान में रहने से पारिवारिक विवाद, वाणी में कटुता, व्यवहार में अचानक बदलाव जैसी स्थिति रहेगी। 21 अक्टूबर से 4 दिसंबर तक मंगल तृतीय स्थान में गोचर करने से संकटों से मुक्ति, पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि, धनलाभ, आरोग्यता रहेगी। सिंह राशि के जातक इस पूरे साल भगवान दत्तात्रेय और भगवान विष्णु की आराधना करें। संकटों से मुक्ति होगी। साथ ही बृहस्पति की शांति के लिए बृहस्पति के मंत्रों का जाप करें। प्रत्येक गुरुवार को पीले पुष्पों से विष्णुजी का श्रंगार करें।

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