दुनिया में कोरोना का खतरा:ब्रिटेन में हर हफ्ते हो रहीं 500 मौतें, इलाज के लिए 99 घंटे का इंतजार करना पड़ रहा

दुनिया में कोरोना का खतरा:ब्रिटेन में हर हफ्ते हो रहीं 500 मौतें, इलाज के लिए 99 घंटे का इंतजार करना पड़ रहा

Newspoint24/newsdesk/एजेंसी इनपुट के साथ

स्विंडन । चीन के बाद अब ब्रिटेन में कोरोना से हालात बिगड़ रहे हैं। ब्रिटेन के एक सीनियर हेल्थ ऑफिसर ने बताया कि इमरजेंसी सर्विस न मिलने से हर हफ्ते 500 मौतें हो रही हैं। अस्पतालों में बेड की कमी है। इलाज के लिए 99 घंटे का इंतजार करना पड़ रहा है। दरअसल, ब्रिटेन में कोरोना के बढ़ते मामलों के साथ खतरनाक फ्लू भी फैला हुआ है।

द गार्जियन की रिपोर्ट के मुताबिक, रॉयल कॉलेज ऑफ इमरजेंसी मेडिसिन के डॉ. एड्रीयन बोयल का कहना है कि ब्रिटेन में हर हफ्ते 300 से 500 लोगों की मौत हो रही है। ये समय पर इलाज न मिलने की वजह से हो रहा है।

अस्पतालों में मरीजों की भरमार है। नवंबर के मुकाबले दिसंबर में हॉस्पिटलाइजेशन के लिए 12 घंटे से ज्यादा इंतजार करने वालों में 355% का इजाफा हुआ है। स्विंडन शहर में ग्रेट वेस्टर्न अस्पताल में एक्सीडेंट एंड इमरजेंसी पेशेंट को 4 दिन (99 घंटे) स्ट्रेचर पर ही गुजारने पड़े।

कोरोना का खतरा बढ़ता देख ब्रिटेन ने चीन से आने वालों के लिए टेस्ट जरूरी कर दिया है।

कोरोना का खतरा बढ़ता देख ब्रिटेन ने चीन से आने वालों के लिए टेस्ट जरूरी कर दिया है।

हांगकांग में हर दिन 2 लाख लोगों के संक्रमित होने की आशंका
हांगकांग 8 जनवरी से चीन से लगने वाले बॉर्डर को खोल सकता है। इस पर एक्सपर्ट्स का कहना है कि ये खतरनाक हो सकता है। रिसर्चर्स का मानना है कि यहां हर दिन 2 लाख मामले सामने आ रहे हैं। बॉर्डर खुलने के बाद ये आंकड़ा बढ़ सकता है। यहां हालात बिगड़ रहे हैं। कोरोना वैक्सीन के तीन डोज लेने वालों की भी मौत हो रही है। बावजूद सरकार बॉर्डर खोलने पर विचार कर रही है।

हांगकांग ने सोमवार को 20,230 नए मामले सामने आए। 74 लोगों की मौत हुई।

हांगकांग ने सोमवार को 20,230 नए मामले सामने आए। 74 लोगों की मौत हुई।

चीन में 22 साल के भारतीय छात्र की मौत

तमिलनाडु के अब्दुल शेख चीन में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे थे।

तमिलनाडु के अब्दुल शेख चीन में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे थे।

चीन में तमिलनाडु के रहने वाले अब्दुल शेख की मौत हो गई है। उनकी उम्र 22 साल थी। मौत की वजह कोई बीमारी बताई जा रही है, हालांकि साफ तौर पर बीमारी का नाम नहीं लिया गया है। अब्दुल के शव को वापस लाने के लिए परिवार ने विदेश मंत्रालय से मदद मांगी है।

अब्दुल पिछले पांच साल से चीन में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे थे। वह 11 दिसंबर को भारत आए थे, लेकिन इंटर्नशिप के लिए वापस चीन के किकिहर चले गए थे। इंडिया टुडे के मुताबिक, अब्दुल ने वहां 8 दिन का आइसोलेशन पीरियड भी पूरा किया था। बीमार पड़ने के बाद अब्दुल को ICU में भर्ती किया गया था, मगर उनकी जान नहीं बच सकी।

चीन के यात्रियों पर 13 देशों ने लगाए प्रतिबंध
चीन से आने वाले यात्रियों पर अब तक 13 देश प्रतिबंध लगा चुके हैं। इस लिस्ट में ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, मोरक्को, फ्रांस, ब्रिटेन, स्पेन, अमेरिका, जापान, इजराइल, भारत, इटली, साउथ कोरिया और पाकिस्तान शामिल हैं। ताइवान ने भी चीन से आने वालों के लिए कोविड टेस्टिंग कंपलसरी की है। ज्यादातर देशों में चीन के यात्रियों को कोरोना की नेगेटिव टेस्ट रिपोर्ट दिखानी होगी। मोरक्को ने तो चीन से आने वाले लोगों पर 3 जनवरी से बैन ही लगा दिया है। ये किसी भी देश के हो सकते हैं।

दुनिया में 66 करोड़ 53 लाख से ज्यादा मामले
कोरोना worldometer के मुताबिक दुनिया में अब तक 66 करोड़ 53 लाख 36 हजार 842 मामले सामने आ चुके हैं। 11 जनवरी 2020 को चीन के वुहान में 61 साल के बुजुर्ग की मौत हुई थी। ये दुनिया में कोरोना से होने वाली पहली मौत थी। इसके बाद मौत का सिलसिला बढ़ने लगा। अब तक 66 लाख 98 हजार 470 मौतें हो चुकी हैं।

23 जनवरी को चीन में कोरोना से 25 हजार मौतें होंगी; 3 हफ्ते में 18% आबादी संक्रमित हुई

चीन में कोरोना से हालात बेकाबू हो चुके हैं। एचके पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, दिसंबर के शुरुआती तीन हफ्ते में ही यहां 25 करोड़ लोग कोरोना से संक्रमित हो गए हैं। यह आबादी का 18% है।

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