सीबीआई ने गुरुवार को वाराणसी के परियोजना निदेशक, उप निदेशक के निजी सहायक समेत तीन आरोपियों को लखनऊ से गिरफ्तार किया

सीबीआई ने गुरुवार को वाराणसी के परियोजना निदेशक, उप निदेशक के निजी सहायक समेत तीन आरोपियों को लखनऊ से गिरफ्तार किया

Newspoint24/newsdesk/एजेंसी इनपुट के साथ

 

वाराणसी । केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने गुरुवार को वाराणसी के परियोजना निदेशक, उप निदेशक के निजी सहायक (पीए) समेत तीन आरोपियों को लखनऊ से गिरफ्तार किया है। उन पर एनएचएआई में NOC के नाम पर रिश्वत लेने का आरोप है। वहीं आरोपियों को सीबीआई की विशेष टीम ने रंगे हाथ रिश्वत लेते दबोचा था, जिसके बाद तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया। सभी के खिलाफ सीबीआई ने केस दर्ज किया और पूछताछ शुरू कर दी। बताया गया कि एनएचएआई, आरओ, वाराणसी के प्रबंधक और कार्यालय सहायक (संविदा कर्मचारी) ने आवेदक से 50 हजार रुपये रिश्वत मांगी थी।

 

वाराणसी परिक्षेत्र में एक पेट्रोल पंप खोलने के लिए व्यवसायी ने आवेदन किया तो ऑयल कंपनी ने सभी विभागों की एनओसी मांगी। व्यवसायी ने पीडब्ल्यूडी, पर्यावरण, एनएचएआई, फायर, पुलिस, राजस्व समेत कई जगह आवेदन किया, सभी अधिकारियों से पेट्रोल पंप के लिए एनओसी देने की मांग की।

इसके बाद उसके पास एनएचएआई से आवंटित पेट्रोल पंप के लिए एनओसी जारी करने के लिए 1.50 लाख रुपये मांगे गए। पहले तो व्यापारी ने इस राशि का विरोध किया, औपचारिकताओं का खर्च वहन करने की बात भी कही लेकिन अधिकारी नहीं माने।

उसने मामले की शिकायत केंद्रीय भ्रष्टाचार एजेंसी से की। जिसका संज्ञान लेकर सीबीआई ने जाल बिछाया और शिकायतकर्ता से फिर फोन करवाया। सीबीआई ने प्रबंधक, एनएचएआई, गोरखपुर (जो बाद में परियोजना निदेशक, एनएचएआई, गोरखपुर का पीए निकला) के खिलाफ शिकायत पर मामला दर्ज किया कि आरोपी ने रुपये का अनुचित लाभ मांगा था।

खुद को एनएचएआई का अधिकारी बताने वाले ने 1.50 लाख रुपये की रिश्वत की मांग की, पहली किस्त के रूप में 50 हजार रुपये देने को कहा। जब शिकायतकर्ता रुपये देने पहुंचा तो आरोपियों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया।

प्रबंधक, एनएचएआई, आरओ, वाराणसी और कार्यालय सहायक (संविदा कर्मचारी), एनएचएआई, आरओ, वाराणसी को कथित आपराधिक साजिश में उनकी भूमिका के लिए पकड़ा है। सीबीआई ने गोरखपुर, वाराणसी और लखनऊ में तीनों आरोपियों के आवासीय और आधिकारिक परिसरों की तलाशी ली, जिसमें आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद हुए। अभियुक्तों को विशेष न्यायाधीश, सीबीआई कोर्ट, लखनऊ की अदालत में पेश किया जाएगा।

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