गाजियाबाद : बंदरों की बढ़ रही तादात पर मेयर सुनीता दयाल बोलीं दिल्ली से छोड़े जा रहे बंदर,केजरीवाल के लोग इसी धंधे में लगे रहते हैं

गाजियाबाद : बंदरों की बढ़ रही तादात पर मेयर सुनीता दयाल बोलीं दिल्ली से छोड़े जा रहे बंदर,केजरीवाल के लोग इसी धंधे में लगे रहते हैं

Newspoint24/newsdesk/एजेंसी इनपुट के साथ

 

गाजियाबाद । बंदरों की बढ़ रही तादात पर BJP की मेयर सुनीता दयाल का बयान सामने आया है। उन्होंने इसका ठीकरा दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार पर फोड़ा है। मेयर ने सीधे तौर पर कहा है कि दिल्ली की तरफ से रात में बंदर गाजियाबाद छोड़े जा रहे हैं।

मेयर सुनीता दयाल ने एक बयान में कहा- 'बहुत सारे बंदर दिल्ली की तरफ से रात को छोड़ दिए जा रहे हैं। ये केजरीवाल, उनका नगर निगम और उनके लोग यही धंधे में लगे रहते हैं। उसमें हमने वन विभाग से बात की है। किसी तरह से इन बंदरों का जो भी खर्चा हो, उस पर पकड़कर जंगल में छोड़ा जाए।'

 

'जंगल खत्म हो गए, ऐसे में बंदर कहां जाएं'
उन्होंने कहा- 'PFA (पीपल्स फॉर एनिमल) संस्था के कारण लोगों के हाथ बंधे हुए हैं। कोई बेजुबानों पर एक्शन लेता है तो संस्था के लोग उनके खिलाफ कंप्लेंट कर देते हैं। निसंदेह मेनका गांधी अच्छा काम कर रही हैं, लेकिन उन्हें जानवरों की बढ़ती समस्या का भी कुछ समाधान करना चाहिए।

जंगल खत्म हो गए हैं। ऐसे में आबादी वाले इलाकों में बंदरों की संख्या बढ़ रही है। ऐसे में बंदर अपना पेट भरने के लिए कहां जाएं? उद्यान विभाग और वन विभाग से पूछूंगी कि इसका सॉल्यूशन क्या है? हम सब मिलकर इसका सॉल्यूशन निकालेंगे'

'कुत्तों का ट्रीटमेंट हो रहा'
मेयर ने कुत्तों की बढ़ती संख्या पर भी अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा- कुत्तों का ट्रीटमेंट करके हमें वहीं छोड़ना होता है, जहां वो रहते हैं। हमने इसके लिए एक वैन लगा रखी है। एक हाउस भी जल्द बनने जा रहा है। जहां तक बंदरों की बात है, जंगल तो कटते जा रहे हैं।

बहुत सारे बंदर दिल्ली की तरफ से रात को छोड़ दिए जाते हैं, ये पक्की सूचना है। जब बंदर दिल्ली से छोड़ते हैं तो लोग डरकर भागते हैं। हो सकता है कि तब किसी को काट लिया हो।

डेल्टा कॉलोनी में 5 दिन में 6 को काटा
गाजियाबाद के ट्रांस हिंडन क्षेत्र स्थित डेल्टा कॉलोनी में बीते पांच दिन में बंदरों ने छह लोगों को काटा है। लोगों का कहना है कि बंदर समूह में निकलते हैं। छतों से लेकर पार्कों तक बंदरों का आतंक बना रहता है। शालीमार गार्डन, न्याय खंड और वसुंधरा एरिया में एक महीने में करीब 30 से ज्यादा लोगों को बंदरों द्वारा काटने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं।

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