डॉन बबलू श्रीवास्त और उसका भांजा बरी:सराफा कारोबारी के अपहरण में जेल में बंद है, 8 अन्य आरोपी दोषी करार

डॉन बबलू श्रीवास्त और उसका भांजा बरी:सराफा कारोबारी पंकज महिंद्रा के अपहरण में जेल में बंद है, 8 अन्य आरोपी दोषी करार

Newspoint24/newsdesk/एजेंसी इनपुट के साथ 

 

प्रयागराज । बहुचर्चित सराफा कारोबारी पंकज महिंद्रा अपहरण कांड में डॉन बबलू श्रीवास्व और उसके भांजे संकल्प श्रीवास्तव को कोर्ट ने बरी कर दिया है। जबकि अपहरण, लूट और लूट का माल रखने में 8 लोगों को दोषी करार दिया है। सजा पर बहस 3 बजे होगा और फैसला 4 बजे तक आएगा।

कोर्ट ने 2 जुलाई को साफ किया था कि 5 जुलाई को इस अहम मामले में फैसला सुनाया जाएगा। ऐसे में सभी आरोपी अदालत में मौजूद रहें।

5 सितंबर 2015 की रात प्रयागराज में सराफा कारोबारी का अपहरण हुआ। आरोप बबलू डॉन और उनके साथियों पर लगा।

 

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हुई थी बबलू की पेशी
अपहरण कांड की सुनवाई जिला न्यायालय इलाहाबाद में गैंगस्टर एक्ट के विशेष न्यायाधीश विनोद कुमार चौरसिया की अदालत में हो रही है। डॉन बबलू श्रीवास्तव बरेली जेल में है। 2 जुलाई को सुरक्षा कारणों से उसकी पेशी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से हुई। इस दौरान अन्य आरोपी कोर्ट में ही थे हालांकि किसी कारण से उस दिन फैसला नहीं आ सका था। कोर्ट ने अगली डेट 5 जुलाई तय की थी।

पूरा मामला जानिए...2015 में अगवा हुए थे पंकज महिंद्रा
5 सितंबर 2015 की रात शहर कोतवाली इलाके के रहने वाले बड़े सराफा कारोबारी पंकज महिंद्रा अपनी आभूषण दुकान बंद कर कार से घर के लिए निकले थे। असलहाधारी बदमाशों ने उन्हें कार समेत अगवा कर लिया था। बाद में पंकज महिंद्रा की कार संगम स्थित बंधवा में लेटे हनुमान मंदिर के पास लावारिस मिली थी। फिर कारोबारी को छोड़ने के एवज में अपहर्ताओं ने 10 करोड़ रुपए मांगे थे।

मामले में STF को लगाया गया था। टीमों ने फतेहपुर जिले के असोधर थाने के सरकंडी गांव में विनीत परिहार के फार्म हाउस में घेराबंदी कर छापेमारी की थी। पंकज महिंद्रा वहां बंधे हुए मिले थे। पुलिस टीमों ने मौके से माफिया डॉन बबलू श्रीवास्तव के भांजे विकल्प श्रीवास्तव उर्फ गोलू, गोरखपुर निवासी महेंद्र यादव, सच्चिदानंद यादव उर्फ सचिता, बरेठी थाना थरवई निवासी चंद्र मोहन उर्फ बबलू यादव को गिरफ्तार किया था।

इनके पास से नौ एमएम व 32 बोर की दो पिस्टल, 315 बोर का तमंचा, अल्टो कार, लैपटॉप, मोबाइल, फर्जी सिम कार्ड बरामद हुए थे। पूछताछ में साफ हुआ था कि अपहरण कांड बबलू श्रीवास्तव ने कराया था।

बरेली से प्रयागराज लाया गया था बबलू श्रीवास्तव

इस अपहरण कांड में 30 सितंबर 2023 को अभियोजन की गवाही पूरी हो गई थी। अभियोजन की ओर से 21 गवाहों को पेश किया गया था। इसके बाद 16 अक्तूबर 2023 को बबलू श्रीवास्तव बरेली सेंट्रल जेल से अदालत में पेश होने के लिए पहली बार प्रयागराज लाया गया था। अदालत में पेश माफिया समेत 10 सह अभियुक्तों ने 313 CRPC का बयान दर्ज करवाया था। अपने बयान में बबलू श्रीवास्तव समेत सभी मुल्जिमों ने खुद को बेगुनाह बताया था।

डॉन ने कहा- उसे जान का खतरा

बरेली जेल में बंद बबलू श्रीवास्तव उर्फ ओम प्रकाश ने अपनी जान का खतरा पहले ही जता रखा है। उसने कोर्ट से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी की अपील की है। बबलू श्रीवास्तव ने पहले भी अपने वकीलों के जरिए बरेली जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेशी की गुहार लगाई थी। बबलू ने कोर्ट से जेल अधीक्षक और अपने वकील के जरिए कहा है कि बरेली से प्रयागराज तक के लंबे सफर में उसकी जान को खतरा हो सकता है।

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