भदोही के पूर्व विधायक विजय मिश्रा का बेटा विष्णु पुणे में अरेस्ट हुआ , गैंगरेप और धमकाने सहित अन्य आरोपों का आरोपी है  

Former MLA Vijay Mishra's son Vishnu arrested in Pune, is accused of gangrape and other charges including intimidation

पुणे की ऑक्सीजन वैली को-ऑपरेटिव सोसाइटी में हाई प्रोफाइल लोग रहते हैं। उसी में विष्णु रहता था। किसी को ये अंदाजा नहीं था कि वो यूपी का एक लाख का इनामी बदमाश है। विष्णु वहां किसी से ताल्लुक भी नहीं रखता था।

उसे यह फ्लैट किराये पर उसके रिश्तेदार दिनेश पांडेय ने नवंबर 2021 में दिलाया था। पुणे के फ्लैट में रहने से पहले विष्णु अपनी बहन के यहां मुंबई में टिका हुआ था। यूपी-STF ने वहां छापा मारा तो वह हैदराबाद भाग गया था। हैदराबाद में वह किराये पर कमरा लेकर रहता था। विष्णु को ट्रांजिट रिमांड पर यूपी-STF की टीम पुणे से यूपी ला रही है।

Newspoint24/newsdesk/एजेंसी इनपुट के साथ

लखनऊ। भदोही के बाहुबली पूर्व विधायक विजय मिश्रा के बेटे विष्णु को यूपी STF ने पुणे के फ्लैट से रविवार को गिरफ्तार किया है। STF पूछताछ में पता चला कि आस-पास के लोग शक न करे। इसके लिए विष्णु खुद को कामकाजी दिखाता था। वह सुबह ऑफिस टाइम में ही फ्लैट से निकल जाता था। शाम को वापस आता था। दिनभर इधर-उधर अकेले घूमते रहता था।

किसी से कोई संपर्क नहीं करता था। बहुत जरूरत पड़ने पर अपने एक रिश्तेदार दिनेश पांडेय या अपनी बहन को टेलीग्राम पर कॉल करता था। यूपी STF 21 महीने से उसकी तलाश में जुटी हुई थी। STF ने भदोही, मिर्जापुर, बनारस, प्रयागराज, दिल्ली और मुंबई में करीब 45 से ज्यादा बार छापा मारा था। 115 से ज्यादा लोगों से पूछताछ की। 80 से ज्यादा लोगों के मोबाइल नंबर सर्विलांस पर थे।

पुणे की ऑक्सीजन वैली को-ऑपरेटिव सोसाइटी में हाई प्रोफाइल लोग रहते हैं सोसाइटी वाले नहीं जानते थे 1 लाख का इनामी है
पुणे की ऑक्सीजन वैली को-ऑपरेटिव सोसाइटी में हाई प्रोफाइल लोग रहते हैं। उसी में विष्णु रहता था। किसी को ये अंदाजा नहीं था कि वो यूपी का एक लाख का इनामी बदमाश है। विष्णु वहां किसी से ताल्लुक भी नहीं रखता था।

उसे यह फ्लैट किराये पर उसके रिश्तेदार दिनेश पांडेय ने नवंबर 2021 में दिलाया था। पुणे के फ्लैट में रहने से पहले विष्णु अपनी बहन के यहां मुंबई में टिका हुआ था। यूपी-STF ने वहां छापा मारा तो वह हैदराबाद भाग गया था। हैदराबाद में वह किराये पर कमरा लेकर रहता था। विष्णु को ट्रांजिट रिमांड पर यूपी-STF की टीम पुणे से यूपी ला रही है।

विष्णु के पास से उसका पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस और 50 हजार रुपए बरामद किए गए हैं। इधर, भदोही और वाराणसी की पुलिस उसे कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की तैयारी कर रही है।

यूपी-STF की वाराणसी इकाई के एडिशनल एसपी विनोद कुमार सिंह ने बताया कि हमारी टीम के डिप्टी एसपी शैलेश प्रताप सिंह को इसी बीच सूचना मिली कि विष्णु किराये के फ्लैट में पुणे में रह रहा है। इंस्पेक्टर अमित श्रीवास्तव, दरोगा अंगद सिंह यादव और हेड कांस्टेबल राहुल सिंह के साथ सोसाइटी में छापा मारा। कार्रवाई के दौरान विष्णु फ्लैट नंबर-205, ए-1 विंग से पकड़ा गया।

विजय पर 82 FIR, बेटे विष्णु पर 2009 में पहला केस दर्ज हुआ
विष्णु की क्रिमिनल हिस्ट्री से पहले उसके पिता विजय मिश्रा के बारे में बताते हैं। अगस्त 2020 में मध्य प्रदेश के मालवा से गिरफ्तार और अब आगरा जेल में बंद विजय के खिलाफ 1977 से लेकर अब तक 82 मुकदमे दर्ज हैं।

विजय के बेटे विष्णु के खिलाफ पहला मुकदमा 2009 में लिखा गया था। धोखाधड़ी और फिर उसके बाद उसी साल आर्म्स एक्ट के तहत FIR भदोही के गोपीगंज थाने में लिखी गई थी। मुकदमा दर्ज होने के बाद वह फरार हो गया। इसके बाद गैंगरेप और धमकाने सहित अन्य आरोपों में अक्टूबर 2021 में गोपीगंज थाने में केस दर्ज हुआ। वाराणसी के जैतपुरा की रहने वाली एक गायिका का आरोप है कि 3 आरोपियों ने उसके साथ 1 जनवरी 2014 से 18 जनवरी 2015 के बीच कई बार दुष्कर्म किया।

2020 में ही विष्णु के खिलाफ जबरन वसूली सहित अन्य आरोपों में गोपीगंज थाने में एक मुकदमा दर्ज हुआ। फिर, अदालत के आदेश की अवमानना के आरोप में विष्णु पर गोपीगंज थाने में वर्ष 2020 में ही एक और केस दर्ज हुआ।

सितंबर 2021 में गैंगरेप का मुकदमा दर्ज कराने वाली गायिका ने धमका कर मुकदमे में समझौता करने का आरोप लगाया। इसे लेकर विजय मिश्रा और विष्णु सहित 14 लोगों के खिलाफ वाराणसी के जैतपुरा थाने में मुकदमा दर्ज किया गया।

2021 में विष्णु के खिलाफ गोपीगंज थाने में आर्म्स एक्ट के तहत एक और मुकदमा दर्ज हुआ। इसके बाद 6 अप्रैल 2022 को विजय और विष्णु के खिलाफ गोपीगंज थाने में गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की गई।

पिस्टल छोड़कर 10 महीने पहले भागा था
सितंबर 2021 में यूपी STF की वाराणसी यूनिट को सूचना मिली थी कि विष्णु मिश्रा भदोही के आनापुर गांव के प्रधान चंदन तिवारी के यहां छुपा हुआ है। STF ने छापा मारा तो विष्णु आनापुर से भाग निकला था। चंदन के घर से पिस्टल बरामद होने पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया था।

चंदन से मिली जानकारी के आधार पर STF ने भदोही के कौलापुर, फकीरपुर में दबिश दी थी। मगर, विष्णु का पता नहीं लग पाया था। बाद में सामने आया कि जो पिस्टल मिली है, वो विष्णु की ही थी।

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