वाराणसी की कोर्ट ने सुनाया फैसला: सांसद अतुल राय पुलिस पर हमले के केस से बरी 

 वाराणसी की कोर्ट ने सुनाया फैसला: सांसद अतुल राय पुलिस पर हमले के केस से बरी

Newspoint24/newsdesk/एजेंसी इनपुट के साथ

वाराणसी । घोसी लोकसभा से बसपा सांसद अतुल राय सहित 16 लोगों को गुरुवार को पुलिस पर जानलेवा हमले से संबंधित 11 साल पुराने मामले में वाराणसी की कोर्ट ने संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। यह फैसला वाराणसी के विशेष न्यायाधीश (MP-MLA कोर्ट) सियाराम चौरसिया की अदालत ने दिया है। बता दें कि अतुल राय सांसद चुने जाने के बाद बीते 3 साल 5 महीने से जेल की सलाखों के पीछे हैं। फिलहाल, वह प्रयागराज की नैनी सेंट्रल जेल में बंद हैं।

यह फोटो 22 जून 2019 की है। उस दिन सांसद अतुल राय ने वाराणसी की डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में सरेंडर किया था। तभी से अतुल राय जेल में बंद हैं।

(यह फोटो 22 जून 2019 की है। उस दिन सांसद अतुल राय ने वाराणसी की डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में सरेंडर किया था। तभी से अतुल राय जेल में बंद हैं।)

वर्ष 2011 में दर्ज हुआ था मुकदमा

सांसद अतुल राय के एडवोकेट अनुज यादव ने बताया कि 27 अगस्त 2011 को तत्कालीन कैंट इंस्पेक्टर सुनील वर्मा गश्त कर रहे थे। दर्ज मुकदमे के अनुसार आरोप था कि भक्ति नगर तिराहे के समीप पुलिस बल के द्वारा रोकने पर तीन बाइक सवार और एक जीप सवार अपराधियों ने अंधाधुंध फायरिंग की थी। पुलिस ने 7 अपराधियों को पकड़ कर उनके पास से असलहे और कारतूस बरामद किया था।

पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में बताया था कि उनका गैंग लीडर जेल में बंद अभिषेक सिंह उर्फ हनी है। सभी लोग हनी, श्रीप्रकाश मिश्रा उर्फ झुन्ना पंडित, अतुल राय, सुजीत सिंह बेलवा और अजय उर्फ विजय से बातचीत करके एक आभूषण कारोबारी को लूटने जा रहे थे। इस मुकदमे में सांसद अतुल राय और 20 अन्य लोग आरोपी थे।

सांसद अतुल राय सहित 16 आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए दोष मुक्त कर दिया है। एक आरोपी की मौत हो गई है और तीन आरोपियों की पत्रावली अलग कर दी गई है। कोर्ट में सांसद अतुल राय की ओर से एडवोकेट अनुज यादव, दिलीप श्रीवास्तव, विनीत सिंह और विकास सिंह ने पक्ष रखा।

3 महीने में 4 मुकदमों से हुए बरी

सांसद अतुल राय के खिलाफ 1 मई 2019 को वाराणसी के लंका थाने में रेप सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज हो चुका था। नतीजतन, 22 जून 2019 को वाराणसी की कोर्ट में सरेंडर कर जेल जाना पड़ा। हालांकि अतुल अब इस मुकदमे से बरी हो चुके हैं। वह बीते 3 महीने में रेप, सिपाही पर जानलेवा हमला, गैंगस्टर एक्ट और पुलिस पर जानलेवा हमले के आरोप में दर्ज 4 मुकदमों से बरी हुए हैं।

इसके बावजूद जेल की सलाखों के पीछे से बाहर आने की उनकी राह आसान नहीं दिखाई दे रही है। एडवोकेट अनुज यादव ने बताया कि उनके मुवक्किल अतुल राय पर टोटल 23 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें से 10 में से वह बरी हो चुके हैं। अन्य का ट्रायल चल रहा है।

जेल से बाहर आने के लिए अतुल राय को लंका थाने के दो मुकदमों और हजरतगंज थाने के एक मुकदमे में जमानत चाहिए। हमें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और हम लगातार प्रयासरत हैं कि सांसद अतुल राय सलाखों के पीछे से बाहर आएं।

 

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