गैर मान्यता प्राप्त मदरसों का सर्वे कराने के विरोध में आज दारुल उलूम देवबंद में यूपी के मदरसों का सम्मेलन

In protest against the conduct of survey of unrecognized madrassas, a conference of madrasas of UP in Darul Uloom Deoband today
राज्य सरकार के आदेश पर दस सितंबर से प्रदेश में गैर मान्यता प्राप्त मदरसों का सर्वे चल रहा है। इसको लेकर उलमा प्रदेश सरकार की नीयत पर सवाल भी खड़ा कर चुके हैं। उलमा ने सीध तौर पर कहा था कि सरकार विशेष समुदाय को टारगेट कर रही है। इसी के विरोध में इस्लामी तालीम के प्रमुख केंद्र दारुल उलूम में 18 सितंबर को यूपी के मदरसों का सम्मेलन बुलाया गया है।

Newspoint24/newsdesk/एजेंसी इनपुट के साथ
 
सहारनपुर। उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के द्वारा गैर मान्यता प्राप्त मदरसों का सर्वे कराया जा रहा है। इसी बीच गैर मान्यता प्राप्त मदरसों का सर्वे कराने के विरोध में 18 सितंबर को दारुल उलूम देवबंद में यूपी के मदरसों का सम्मेलन होगा जिसमें सरकारी सर्वे को लेकर लाइन ऑफ एक्शन तैयार किया जाएगा। इसके लिए मैनेजमेंट की ओर से सभी तैयारियों को पूरा कर लिया गया है। एक तरफ मदरसा संचालक सर्वे में टीमों का भरपूर सहयोग तो कर रहे हैं लेकिन वहीं दारुल उलूम के फैसले का भी बेसब्री के साथ इंतजार भी कर रहे हैं।  

दारुल उलूम के रुख पर टिकी संचालकों की नजर
राज्य सरकार के आदेश पर दस सितंबर से प्रदेश में गैर मान्यता प्राप्त मदरसों का सर्वे चल रहा है। इसको लेकर उलमा प्रदेश सरकार की नीयत पर सवाल भी खड़ा कर चुके हैं। उलमा ने सीध तौर पर कहा था कि सरकार विशेष समुदाय को टारगेट कर रही है। इसी के विरोध में इस्लामी तालीम के प्रमुख केंद्र दारुल उलूम में 18 सितंबर को यूपी के मदरसों का सम्मेलन बुलाया गया है। इस कार्यक्रम में विचार विमर्श के बाद सर्वे को लेकर लाइन ऑफ एक्शन तैयार किया जाएगा। इसमें 250 से अधिक संचालक हिस्सा लेंगे। प्रदेश के सभी मदरसा संचालकों की नजरें सम्मेलन और उसके बाद दारुल उलूम के फैसले पर टिकी हैं। 

मीडिया को सम्मेलन से रखा जाएगा दूर
वहीं दूसरी ओर दारुल उलूम में होने वाले सम्मेलन को लेकर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा चुका है। इसका आयोजन प्रसिद्ध मस्जिद रशीदिया के अंदर होगा। इसके लिए शनिवार की शाम से प्रमुखा उलमा देवबंद पहुंचना शुरू हो गए हैं। इसके अलावा सरकारी सर्वे के विरोध में होने वाले यूपी के मदरसों के सम्मेलन से मीडिया को दूर रखा जाएगा। ऐसा बताया जा रहा है कि मीडियाकर्मियों को अंदर जाने की इजाजत नहीं होगी लेकिन उन्हें जानकारी देने के लिए मीडिया सेल बनाया जाएगा। यहीं से उन्हें सम्मेलन से जुड़ी सभी जानकारियां मिल सकेंगी।

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