रायबरेली : इलाहाबाद कचहरी में हुई वकील की हत्या में दारोगा दोषी करार

Rae Bareli: The accused convicted in the murder of a lawyer in Allahabad court
11 मार्च 2015 को इलाहाबाद की नारीबारी चौकी में तैनात दरोगा शैलेंद्र सिंह से अधिवक्ता नबी अहमद को मामूली कहासुनी के बाद गोली मार दी थी, जिससे अधिवक्ता की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद हुए बवाल में ममफोर्डगंज पुलिस चौकी के सिपाही अजय नागर को भी गोली लगी थी। यह मामले रायबरेली में जिला जज के न्यायालय में चल रहा था।

Newspoint24/newsdesk/एजेंसी इनपुट के साथ
 

रायबरेली। इलाहाबाद की जिला कचहरी में दरोगा द्वारा वकील की गोली मारकर हत्या किए जाने के मामले में सात साल बाद आरोपी दरोगा को दोषी मानते हुए फैसला सुरक्षित किया है। 11 मार्च 2015 को इलाहाबाद की नारीबारी चौकी में तैनात दरोगा शैलेंद्र सिंह से अधिवक्ता नबी अहमद को मामूली कहासुनी के बाद गोली मार दी थी, जिससे अधिवक्ता की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद हुए बवाल में ममफोर्डगंज पुलिस चौकी के सिपाही अजय नागर को भी गोली लगी थी। यह मामले रायबरेली में जिला जज के न्यायालय में चल रहा था। जिसमें गुरुवार को जिला जज अब्दुल वाहिद ने दरोगा को हत्या के मामले में दोषी करार देते हुए फैसला सुरक्षित किया है। यह फैसला शुक्रवार को सुनाया जाएगा।

गौरतलब है कि अहमद के पिता शाहिद सिद्दीकी ने दारोगा शैलेंद्र सिंह और राशिद सिद्दीकी पर कर्नलगंज थाने में हत्या का केस दर्ज कराया था। इस वारदात के बाद दाराेगा शैलेंद्र को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया था। इलाहाबाद की कचहरी में वकीलों का भारी विरोध होने के कारण हाईकोर्ट के विशेष आदेश पर केस जून 2015 में रायबरेली कचहरी स्थानांतरित कर दिया। रायबरेली में करीब सात वर्षों से जनपद एवं सत्र न्यायाधीश की कोर्ट में इस केस की सुनवाई चल रही है।

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