मुरादाबाद : दरोगा-सिपाही के खिलाफ एसपी सिटी करेंगे जांच, लापरवाही बरतने पर किया गया था निलंबित

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Newspoint24/newsdesk/एजेंसी इनपुट के साथ

मुरादाबाद। पुलिस अभिरक्षा में रामपुर के पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अजहर अहमद खां को खुली छूट देने के मामले में एक दरोगा और तीन सिपाही प्राथमिक जांच में लापरवाही के दोषी पाए गए।

डीआईजी ने चारों को निलंबित कर दिया है। अब इनके खिलाफ एसपी सिटी जांच करेंगे। उनकी जांच रिपोर्ट के बाद आरोपी पुलिस कर्मियों पर अगली कार्रवाई की जाएगी।

सपा के कद्दावर नेता और रामपुर के शहर विधायक आजम खां के खिलाफ विभिन्न मामलों में 90 मुकदमे विचाराधीन हैं। इनकी सुनवाई स्पेशल एमपी-एमएलए कोर्ट में चल रही है।

इनमें से कई मामलों में रामपुर के पूर्व पालिकाध्यक्ष अजहर अहमद खां भी उनके साथ नामजद हैं। अजहर अहमद खां इस समय मुरादाबाद जेल में बंद हैं। बीते सोमवार को मुकदमों की सुनवाई थी।

इसके लिए आजम खां रामपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट में पेश हुए थे। इस दौरान एक दरोगा और तीन सिपाही पूर्व पालिकाध्यक्ष अजहर अहमद खां को मुरादाबाद जेल से रामपुर कचहरी ले गए थे।

कोर्ट से निकलने के बाद आजम खां ने मीडिया से बात भी की। इस दौरान पूर्व पालिकाध्यक्ष भी उनके साथ खड़े रहे। इसकी वीडियो वायरल हो गई। इसमें पूर्व पालिकाध्यक्ष इस तरह खड़े थे जैसे वह पुलिस अभिरक्षा में ही न हों।

किसी पुलिस कर्मी ने उनका हाथ भी नहीं पकड़ रखा था। जबकि अदालत में पेश करने के बाद पुलिस कर्मियों को उन्हें सीधे जेल ले जाना था।

आजम खां की बाइट सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह मामला पुलिस अधिकारियों तक पहुंच गया। मामला डीआईजी शलभ माथुर के सामने आया।

उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच एएसपी/सीओ ठाकुरद्वारा सागर जैन को मामले की जांच सौंप दी। उनकी जांच में आरोप सही मिलने पर डीआईजी ने एसएसपी को कार्रवाई के आदेश दिए।

इसके बाद पूर्व पालिकाध्यक्ष को अभिरक्षा में लेकर रामपुर कचहरी जाने वाले दरोगा रमेश गिरी, मुख्य आरक्षी महेंद्र पाल, आरक्षी भरत मोनू पाल को निलंबित कर दिया गया। इस मामले में आगे की जांच एसपी सिटी अखिलेश भदौरिया को सौंपी गई है। उनकी जांच रिपोर्ट मिलने के बाद आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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