मुरादाबाद: तीन थानों में महिला आरक्षियों को उपलब्ध नहीं इज्जत घर

मुरादाबाद: तीन थानों में महिला आरक्षियों को उपलब्ध नहीं इज्जत घर

मुरादाबाद। सरकार के दावे व धरातल के सच में बड़ा फर्क है। ओडीएफ सूची में शुमार मुरादाबाद में तीन थाने आज भी ऐसे हैं, जहां आधी आबादी के लिए इज्जत घर (शौचालय) नहीं है।

तीनों थाने महिला शौचालय से वंचित हैं। यह हालात तब हैं, जब पुलिस महकमे व थानों में महिला पुलिस कर्मियों की भूमिका महत्वपूर्ण हो चली है। एक वर्ष पहले ऐसे ही तथ्यों का संज्ञान लेते हुए उच्च न्यायालय ने शासन के कामकाज पर तीखी टिप्पणी की। फिर भी हालात जस के तस हैं। आधी आबादी के सम्मान व सुरक्षा को लेकर शासन स्तर पर अभी भी संवेदनशीलता का अभाव है।

पुलिस विभाग में महिलाओं की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऐसे में पूर्व के सापेक्ष महिला कर्मचारियों की संख्या भी बढ़ रही है। पुलिस विभाग व थानों पर महिला पुलिस कर्मियों की लगातार बढ़ रही संख्या के मद्देनजर ही एक वर्ष पहले विधि के कुछ छात्रों ने एक जनहित याचिका उच्च न्यायालय प्रयागराज में दाखिल की थी। इसमें मांग की गई कि महिलाओं की गोपनीयता और प्रतिष्ठा को ध्यान में रखते हुए सभी पुलिस स्टेशनों में शौचालय, पानी, बिजली, पंखा, डॉकर्नोब जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग उत्तर प्रदेश सरकार से की गई थी।

विधि छात्रों की मांग पर सहमति जताते उच्च न्यायालय ने सरकार को अदालत में हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया था। जमीनी हकीकत आज भी जस की तस है। मुरादाबाद में साइबर थाने व एएचटीयू के अलावा महिला थाने को मिलाकर कुल 22 थाने हैं। सूचना के अधिकार के तहत मुरादाबाद पुलिस से सवाल पूछा गया कि जिले में ऐसे कितने थाने हैं, जहां महिला आरक्षियों के लिए आज तक शौचालय नहीं बनाया गया। इसके जवाब में पुलिस के सूचनाधिकारी ने बताया कि तीन थानों में महिला कर्मियों के लिए इज्जत घर की सुविधा नहीं है। महिला शौचालय विहीन थानों में छजलैट, भगतपुर व भोजपुर थाने का नाम अंकित है।

भगतपुर थाना प्रभारी मेघराज सिंह के मुताबिक उनके थाने में एक उपनिरीक्षक व 15 महिला कांस्टेबल तैनात हैं। भोजपुर में दो उपनिरीक्षक व 18 महिला सिपाही तैनात हैं। छजलैट थाने में दो महिला उपनिरीक्षक और 17 महिला आरक्षियों की तैनाती है। तीनों थानों में महिला पीड़ितों के लिए भी इज्जत घर का इंतजाम नहीं है। एसएसपी ने बताया कि तीन में एक थाने में शौचालय का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। अन्य दो थानों में भी शीघ्र ही शौचालय की व्यवस्था करा दी जाएगी।

थानों के सार्वजनिक शौचालय बदहाल
दौर जब कोरोना जैसी महामारी का हो तब साफ सफाई से समझौता नहीं किया जा सकता। मुरादाबाद के अधिकांश थानों में सार्वजनिक शौचालय बदहाली के दौर से गुजर रहे हैं। शौचालयों में नियमित सफाई का अभाव है। यही वजह है कि थाना परिसर में मौजूद शौचालयों का उपयोग करने से महिला फरियादी कतराती हैं। कुछ ऐसी ही दशा पुरुष शौचालयों की भी है। शौचालयों के रख-रखाव व सफाई को लेकर लापरवाही बरती जा रही है। सिविल लाइंस थाने में फरियादियों के लिए बने शौचालय की कभी सफाई नहीं होती है। कमोबेश सभी थानों के सार्वजनिक शौचालयों का यही हाल है।

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