लखीमपुर: नागपंचमी पर लोगों ने की नाग देवता की पूजा, मांगी मन्नत

लखीमपुर: नागपंचमी पर लोगों ने की नाग देवता की पूजा, मांगी मन्नत

Newspoint24/newsdesk/एजेंसी इनपुट के साथ

लखीमपुर। मंगलवार को शहर के भगवान शंकर के मंदिरों में नाग देवता का पूजन अर्चन किए। इस दौरान भक्तों ने मंदिर के बाहर बैठे सपेरों के पास मौजूद नाग देवता के दर्शन करते हुए उन्हें दूध पिला कर मनौतियां मांगी। शहर के भुइफोरवानाथ मंदिर, जंगली नाथ मंदिर, लिलौटी, मेढ़क मंदिर पर भक्तों का तांता लगा रहा। इस दौरान भक्तों को पूजा करने के लिए घण्टों इंतजार करना पड़ा।

फरनाथ। नाग पंचमी के दिन जिले के प्राचीन बाबा देवेश्वर नाथ मंदिर में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर पंचगव्य से भगवान शिव व नाग को दूध पिलाकर पूजा अर्चना की। देवकली में सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा।

हालांकि इस बार कोरोना के मेला पहली बार लगा इस लिए बहुत ज्यादा भीड़ लगी रही। कोरोना काल के दो वर्ष बाद इसबार देवकली में नागपंचमी का मेला लगा। देवकली में हर वर्ष नागपंचमी को विशाल मेला लगता था।

कोविड-19 के चलते दो वर्ष देवकली में नागपंचमी के दिन शिव मंदिर में पूजा पाठ बहुत कम भीड़ रही। इसबार देवेश्वर मंदिर में बेलपत्र चढ़ते रहे। मान्यता है, कि अगर किसी की कुंडली में काल सर्प योग का दोष है तो यहां पर नागों की पूजा कर इस दोष से छुटकारा पाया जा सकता है।

इस बार यहां विशेष पूजा में लोगों प्रतिभाग करते हुए होकर भगवान का जलाभिषेक के साथ नाग पूजा भी किया। यहां पुलिस मौजूद रही और न ही खिलौनों, मिठाइयों आदि की दुकानें भी लगने दीं। काल सर्प दोष के लिए हवन की तैयारी कर रहे लोगों को हवन किया।

 खूब हुई बच्चों की आमदनी

देवकली में हर वर्ष नाग पंचमी के अवसर पर सर्प कुंड में बाहर से आए लोग स्नान कर मिट्टी निकालकर ले जाते थे। पर दो वर्षों से कोविड 19 की वजह से लोगों की कम भीड़ रही। इसबार सरकार द्वारा ऐसा कोई प्रतिबंध नही था।

जिससे बच्चों की खूब मिट्टी बेंची पर्याप्त आमदनी हो सकी। राजा जन्मेजय ने पुराण प्रसिद्ध सर्पयज्ञ यहीं पर किया था। मान्यता है कि सर्पाहुति के लिए बने सर्पकुंड में स्नान करने व कुंड की मिट्टी ले जाकर घर में रखने से सांपों के डसने व घरों में आने का भय नहीं रहता है। लोगों ने मंदिर के सामने बैठे सपेरों के पास जाकर नाग दर्शन करते हुए दूध पिलाया।

पलिया में सर्पों की पूजा कर खूब पिलाया गया दूध, किसी ने कराया रुद्राभिषेक, तो किसी ने शांत कराया कालसर्प योग

नगर सहित समूचे पलिया तहसील क्षेत्र में नाग पंचमी का पावन पर्व श्रद्धा के साथ मनाया गया। श्रद्धालुओं ने सर्पों को जगह- जगह दूध पिला कर पूजा-अर्चना की। अनेक श्रद्धालुओं ने इस मौके पर भगवान शिव का रुद्राभिषेक कराया तो अनेक ने जन्म कुंडली में दिखाए गए कालसर्प योग को भी शांत कराया।।

मंगलवार प्रातः से ही पलिया के प्रसिद्ध पांडे बाबा स्थान पर बने महाकालेश्वर मंदिर, शिव मंदिर, मोहल्ला रंगरेजान, किसान एवं बाजार स्थित शिव मंदिरों के अलावा दुधवा रोड स्थित शिव मंदिर, संपूर्णानगर रोड के पेट्रोल पंप पर बने मंदिर सहित चीनी मिल मंदिर व बाबा कष्ट हरे नाथ मंदिर पहुंचे सैकड़ों शिव भक्तों ने बेलपत्र, पुष्प, भांग ,धतूरा, मेवा, मिष्ठान ,फल ,धूप ,दीप आदि चढ़ाकर पूजा-अर्चना की।

अनेक शिव भक्तों ने शारदा नदी तट पर बने शिव मंदिर,श्री कुल आश्रम व अन्य विभिन्न शिव मंदिरों में विद्वान आचार्यों से श्रद्धा पूर्वक रुद्राभिषेक कराया , तो किसी ने आज नाग पंचमी के दिन कालसर्प योग को भी शांत कराया। घरों पर पूड़ी,गुलगुला, चना की घुघरी, खीर आदि विविध व्यंजन बने और श्रद्धालुओं ने सर्पों को खूब दूध पिलाया । बाहर से आए बेनुओं ने बीन बजा कर बच्चों को विभिन्न सर्प दिखा प्रफुल्लित किया।

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