काशी-तमिल संगमम् विरासत को सहेज कर रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा ,काशी और तमिलनाडु दोनों शिवमय, दोनों शक्तिमय : पीएम मोदी 

काशी-तमिल संगमम् विरासत को सहेज कर रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा ,काशी और तमिलनाडु दोनों शिवमय, दोनों शक्तिमय : पीएम मोदी

Newspoint24/newsdesk/एजेंसी इनपुट के साथ
 

वाराणसी । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को वाराणसी पहुंचे। यहां उन्होंने BHU कैंपस में काशी-तमिल संगमम् कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इसके बाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि काशी के निर्माण और विकास में तमिलनाडु ने बड़ा योगदान दिया है। काशी में बाबा विश्वनाथ हैं, तो तमिलनाडु में भगवान रामेश्वरम का आशीर्वाद है। काशी और तमिलनाडु, दोनों शिवमय हैं, दोनों शक्तिमय हैं। एक स्वयं में काशी है, तो तमिलनाडु में दक्षिण काशी है। 'काशी-कांची' के रूप में दोनों की सप्तपुरियों में अपनी महत्ता है।

यहां बड़ी संख्या में तमिलनाडु के लोग रहते हैं
पीएम मोदी ने कहा कि डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन, राजेश्वर शास्त्री, पट्‌टाभिराम शास्त्री जैसे विद्वानों ने बीएचयू से लेकर यहां अलग-अलग स्थानों पर अपनी विद्वता से लोगों को नई दिशा दी है। आप काशी भ्रमण करेंगे, तो देखेंगे कि हरिश्चंद्र घाट पर काशी कामिकोटिश्वर पंचायतन तमिल मंदिर है। केदार घाट पर कुमारस्वामी मठ है। यहां हनुमान घाट और केदार घाट के आसपास बड़ी संख्या में तमिलनाडु के लोग रहते हैं।

BHU के एंफीथिएटर ग्राउंड में बने मंच पर मौजूद PM मोदी, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और CM योगी ।

( BHU के एंफीथिएटर ग्राउंड में बने मंच पर मौजूद PM मोदी, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और CM योगी ।)

काशी-तमिल संगमम् विरासत को सहेज कर रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे देश में सुबह उठ कर सौराष्ट्रे सोमनाथम से लेकर 12 ज्योतिर्लिंग के स्मरण की परंपरा है। हमें आजादी के बाद इस देश की विरासत को मजबूत करना था। लेकिन, दुर्भाग्य से इसके लिए प्रयास नहीं किए गए।

काशी-तमिल संगमम् हमें अपनी विरासत को सहेज कर रखने और सांस्कृतिक एकता को मजबूत बनाए रखने के लिए एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

ये तस्वीर काशी-तमिल संगमम् कार्यक्रम के दौरान की है। यहां बड़ी संख्या में लोग पीएम मोदी की बातों को सुनने के लिए पहुंचे थे।

( ये तस्वीर काशी-तमिल संगमम् कार्यक्रम के दौरान की है। यहां बड़ी संख्या में लोग पीएम मोदी की बातों को सुनने के लिए पहुंचे थे।)

हर-हर महादेव... वणक्कम काशी से की भाषण की शुरुआत

प्रधानमंत्री ने भाषण की शुरुआत हर-हर महादेव... वणक्कम काशी.... वणक्कम तमिलनाडु से की। उन्होंने कहा कि आज हमारे सामने एक ओर पूरे भारत को अपने आप में समेटे हमारी अपनी सांस्कृतिक राजधानी काशी है। दूसरी ओर भारत की प्राचीनता की केंद्र बिंदु तमिलनाडु की संस्कृति है।

यह संगम गंगा और यमुना के संगम के जैसे ही पुण्य है। मैं काशी और तमिलनाडु के सभी लोगों के साथ ही देश के शिक्षा मंत्रालय और उत्तर प्रदेश सरकार को इस आयोजन के लिए बधाई देता हूं। इसमें बीएचयू और आईआईटी मद्रास जैसे शिक्षा संस्थान भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

पीएम मोदी ने अपने भाषण में काशी और तमिलनाडु के रिश्ते को लेकर बात की। कहा कि हमें विरासत को सहेज कर रखने की जरूरत है।

( पीएम मोदी ने अपने भाषण में काशी और तमिलनाडु के रिश्ते को लेकर बात की। कहा कि हमें विरासत को सहेज कर रखने की जरूरत है।)

भारत की प्राचीनता का केंद्र बिंदु तमिलनाडु की संस्कृति है

मोदी ने कहा कि हमारे देश में नदियों के संगमों से लेकर विचारों के संगम तक की बड़ी महिमा और बड़ा महत्व रहा है। हर संगम को हमने अनादि काल से सेलीब्रेट किया है। काशी-तमिल संगमम् अपने आप में विशेष अद्वितीय है। हमारे यहां ऋषियों ने कहा है कि एक ही चेतना अलग-अलग रूपों में प्रकट होती है। काशी और तमिलनाडु के संदर्भ में हम इस फिलॉसफी को देख सकते हैं। काशी और तमिलनाडु दोनों ही सभ्यता और संस्कृति के केंद्र बिंदु हैं।

दोनों ही विश्व की पुरातन भाषा संस्कृत और तमिल के केंद्र हैं। काशी और तमिलनाडु दोनों संगीत, साहित्य और कला के स्त्रोत है। काशी में बनारसी साड़ी मिलेगी तो कांचीपुरम का सिल्क पूरे विश्व में मशहूर है।

रामायण और महाभारत में भारतीय दर्शन को समझने का एक अच्छा अवसर मिलता है

प्रधानमंत्री ने कहा कि तमिल ग्रंथों में वाराणसी के लोगों की प्रशंसा की गई है। दक्षिण की काशी कहे जाने वाले तेनकासी की स्थापना की गई। ये अपनत्व ही था कि धर्मापुरम आधीनम के गुरु काशी आए और इसे अपना केंद्र बनाया। तमिलनाडु के एक महान गुरु ने काशी के मणिकर्णिका घाट पर लंबा समय बिताया था।

संत रामानुजाचार्य भी हिमालय की यात्रा के दौरान काशी में समय बिताए थे। चक्रवर्ती राजगोपालाचारी के द्वारा लिखी गई रामायण और महाभारत में भारतीय दर्शन को समझने का एक अच्छा अवसर मिलता है। इसके बारे में हमारे एक गुरु ने भी हमें समझाया था।

हमें तमिल की विरासत को बचाना है और उसे समृद्ध करना है

प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया में किसी भी देश के पास प्राचीन विरासत होती है तो वह उस पर गर्व करता है। उस प्राचीन विरासत को दुनिया के सामने रखता है। हमारे पास भी दुनिया की सबसे प्राचीन भाषा तमिल है। आज तक यह भाषा उतनी ही पॉपुलर और अलाइव है। दुनिया के लोगों को पता लगता है कि विश्व की सबसे पुरानी भाषा भारत में है तो वह अचरज में पड़ जाते हैं। मगर, हम उसके गौरव गान में पीछे रह जाते हैं।

ये हम 130 करोड़ देशवासियों की जिम्मेदारी है कि हमें तमिल की विरासत को बचाना है और उसे समृद्ध भी करना है। अगर हम तमिल को भुलाएंगे तब भी इस देश का नुकसान होगा। अगर हम तमिल को बंधनों में रखेंगे तब भी देश का नुकसान होगा। हमारी जिम्मेदारी है कि हम भावनात्मक संबंधों को मजबूत रखें।

तमिल विवाह परंपरा में काशी यात्रा का जिक्र

तमिलनाडु संत तिरुवल्लुवर की पुण्य धरती है। दोनों ही जगह ऊर्जा और ज्ञान कें केंद्र हैं। आज भी तमिल विवाह परंपरा में काशी यात्रा का जिक्र होता है। यह तमिलनाडु के दिलों में अविनाशी काशी के प्रति प्रेम है। यही एक भारत श्रेष्ठ भारत की परिकल्पना है जो प्राचीन काल से अब तक अनवरत बरकरार है।

शर्ट-लुंगी में एयरपोर्ट पहुंचे थे

PM नरेंद्र मोदी वाराणसी बाबतपुर एयरपोर्ट पर साउथ इंडियन लुक में विमान से उतरे। PM मोदी शर्ट-लुंगी पहने हुए हुए हैं। गमछा भी लिए हैं। यहां उनका स्वागत वणक्कम काशी और हर हर महादेव के जयघोष से हुआ। इसके बाद वह BHU पहुंचे। यहां उन्होंने BHU के एंफीथिएटर ग्राउंड में एक महीने तक चलने वाले काशी-तमिल संगमम् का उद्घाटन किया।

पीएम मोदी ने काशी और तमिलनाडु के रिश्ते, श्रद्धा और संस्कृति पर आधारित शॉर्ट फिल्म देखी। कार्यक्रम में तमिलनाडु के प्रख्यात संगीतकार इलैयाराजा और उनकी टीम ने शिव गीत पर प्रस्तुति दी। मोदी ने तमिल में लिखी धार्मिक पुस्तक तिरुक्कुरल समेत काशी-तमिल संस्कृति पर आधारित किताबों का विमोचन किया।

योगी ने वणक्कम, नमस्कारम, हर-हर महादेव से किया स्वागत
CM योगी ने अपने संबोधन की शुरुआत वणक्कम, नमस्कारम के साथ ही हर-हर महादेव के उद्घोष के साथ की। उन्होंने कहा कि विश्वेश्वर की पवित्र धरा पर रामेश्वरम की पवित्र धरा से पधारे सभी अतिथियों का स्वागत है। PM नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में आयोजित 'काशी तमिल संगमम्' उत्तर और दक्षिण भारत के दर्शन, संस्कृति और साहित्य की गौरवशाली विरासत को 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' की भावना के अनुरूप समृद्ध करेगा।

CM योगी ने कहा, "काशी-तमिल संगमम् में तमिलनाडु के 12 अलग-अलग समूहों के लोग काशी का भ्रमण करेंगे और विषय विशेषज्ञों के साथ संवाद करेंगे। तमिलनाडु की तेनकासी में भगवान विश्वनाथ का एक प्राचीन मंदिर है। तमिलनाडु में शिवकाशी नामक पवित्र स्थान भी है। काशी के धार्मिक महत्व के कारण यहां सदियों से तमिलनाडु के लोग आते रहे हैं। काशी और तमिलनाडु में भारतीय संस्कृत के सभी तत्व समान रूप से संरक्षित है। तमिल भाषा का साहित्य अत्यंत प्राचीन है। यह मान्यता है कि भगवान शिव के मुंह से जो दो भाषाएं निकलीं वह तमिल और संस्कृत थीं। तमिल संगमम् के आयोजन से तमिलनाडु के अतिथि उत्तर और दक्षिण के सांस्कृतिक संबंधों को मजबूती प्रदान करेंगे।"

मुमताज अली और सादाब आलम के बनाए अंगवस्त्र से स्वागत

PM नरेंद्र मोदी का स्वागत राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और सीएम योगी ने अंगवस्त्र से किया।

(PM नरेंद्र मोदी का स्वागत राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और सीएम योगी ने अंगवस्त्र से किया।)

प्रधानमंत्री वाराणसी इंटरनेशल एयरपोर्ट से सेना के हेलिकॉप्टर से BHU पहुंचे। उनका स्वागत राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। लल्लापुरा के मुमताज अली और सादाब आलम द्वारा जरदोजी पर तैयार किए गए अंगवस्त्र से PM का स्वागत किया। इस दौरान PM को CM योगी ने गुलाबी मीनाकारी से तैयार मोमेंटो भेंट की। यह मोमेंटो राज्य पुरस्कार प्राप्त अमरनाथ वर्मा और विशाल वर्मा ने तैयार किया है।

BHU में 75 स्टॉल लगाए गए
16 दिसंबर तक आयोजित होने वाले काशी-तमिल संगमम् के लिए BHU के एंफीथिएटर ग्राउंड में 75 स्टॉल लगाए गए हैं। यह स्टॉल कृषि, संस्कृति, साहित्य, संगीत, खानपान, हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट, लोक कला के माध्यम से दक्षिण और उत्तर भारत के बीच सेतु का काम करेंगे। इन उत्पादों में तमिलनाडु के जीआई और ओडीओपी उत्पाद भी शामिल हैं। इसे PM मोदी देखेंगे।

PM मोदी के कार्यक्रम से जुड़ी कुछ तस्वीरें...

तमिलनाडु के संगीतकार इलैयाराजा और उनकी टीम शिव गीत पर प्रस्तुति देते हुए।

(तमिलनाडु के संगीतकार इलैयाराजा और उनकी टीम शिव गीत पर प्रस्तुति देते हुए।)

तमिलनाडु से आए कलाकारों की प्रस्तुति काशी के लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।

(तमिलनाडु से आए कलाकारों की प्रस्तुति काशी के लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।)

BHU के एंफीथिएटर ग्राउंड में PM मोदी को सुनने के लिए पहुंचे लोग।

(BHU के एंफीथिएटर ग्राउंड में PM मोदी को सुनने के लिए पहुंचे लोग।)

केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने काशी-तमिल संगमम् का मोमेंटो देकर PM मोदी का स्वागत किया।

(केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने काशी-तमिल संगमम् का मोमेंटो देकर PM मोदी का स्वागत किया।)

काशी-तमिल संगमम् का उद्घाटन PM मोदी ने रिमोट की बटन दबाकर किया।

(काशी-तमिल संगमम् का उद्घाटन PM मोदी ने रिमोट की बटन दबाकर किया।)

के. वेंकट रमना घनपति बने विश्वनाथ मंदिर के पहले ट्रस्टी
के. वेंकट रमना घनपति काशी विश्वनाथ मंदिर के पहले तमिल ट्रस्टी बने। वह तमिल मूल के पहले व्यक्ति हैं जिन्हें उत्तर प्रदेश सरकार ने श्री काशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट का ट्रस्टी बनाया है। के. वेंकट रमना घनपति ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा यह कार्यक्रम पहली बार आयोजित हुआ है। इससे यहां आए तमिलनाडु के लोग भी काफी खुश हैं, यह गंगा-कावेरी का संगम है। इससे काशी और तमिलनाडु का ज्ञान, व्यापार, संस्कृति का आदान-प्रदान होगा।

के. वेंकट रमना घनपति तमिल मूल के पहले व्यक्ति हैं जिन्हें UP सरकार ने ट्रस्टी बनाया है।

(के. वेंकट रमना घनपति तमिल मूल के पहले व्यक्ति हैं जिन्हें UP सरकार ने ट्रस्टी बनाया है।)

 

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