Kanpur: शहर में लगे 60 फव्वारे बंद, कागजों में स्मार्ट सिटी बना रहे अधिकारी, देखरेख के नाम पर सालाना खर्च होते लाखों

Kanpur: शहर में लगे 60 फव्वारे बंद, कागजों में स्मार्ट सिटी बना रहे अधिकारी, देखरेख के नाम पर सालाना खर्च होते लाखों

Newspoint24/newsdesk/एजेंसी इनपुट के साथ

कानपुर। कानपुर स्मार्ट सिटी सिर्फ कागजों में ही विकास कर रही है। शहर में करोड़ों की लागत से लगे फव्वारे सूख गए हैं। स्मार्ट सिटी के तहत डेवलप किए गए चौराहों का भी यही हाल है। एक आंकड़े के

मुताबिक शहर के 60 फव्वारों की हाल खराब हैं। हर साल इनको चलाने के लिए लाखों रुपए नगर निगम खर्च करता है। कुछ हफ्ते चलने के बाद फव्वारा बंद हो जाते हैं। यहां सुंदरता के लिए लगाई गईं लाइटों को भी लोग खोल ले गए हैं। कईयों की तो मोटर तक गायब है।

गुरुवार को अमृत विचार की टीम ने बजरिया तिराहा, भगवतदास घाट, जाजमऊ, लालइमली, गोविंद नगर चावला चौराहे पर बने फव्वारे की पड़ताल की तो हर जगह फव्वारा खराब मिला।

चौराहों को खूबसूरत बनाने के लिए लगाए गए कार्य दम तोड़ते दिखे। इसके साथ ही किदवई नगर, फूलबाग, मोतीझील में तो स्मार्ट चौराहे की तर्ज पर फव्वारे निर्मित किए गए।

यहां भी फव्वारा खराब मिला। मौजूदा समय में लगभग सभी चौराहों के फव्वारे बंद पाए गए। लाइटें भी चोरी हो गईं। कुछ फाउंटेन में पानी तो भरा हुआ मिला, लेकिन मोटर और बिजली नहीं है। कुछ के ऊपर के हिस्से पूरी तरह से खराब हो चुके हैं। लाखों रुपए खर्च कर पत्थर भी खराब हो चुके हैं।

गंदगी से पटे हुए हैं फव्वारे

शहर में कई चौराहों पर बने फाउंटेन पर लगा तांबे का नोजल (फव्वारा) और मशीनें गायब हैं, जहां पर पानी भरा होना चाहिए था वहां पर कूड़ा भरा हुआ है। यहां नगर निगम के कर्मचारी तैनात हैं लेकिन कोई देख-रेख नहीं है।

फाउंटेन के भी कई सामान गायब हो चुके हैं। कई जगहों पर अब सिर्फ पानी की पाइपें ही बची हुई हैं। देखरेख के अभाव में इन फव्वारे सिर्फ जंग खा रहे हैं।

वाटर स्क्रीन भी हुई फेल    

शहर के चार जगहों पर वाटर स्क्रीन लगाए गए, दावा था कि ये बेहद अनोखा प्रोजेक्ट है और प्रदूषण सोखने में कारगर साबित होगा। इस प्रोजेक्ट में 5 लाख रुपए खर्च किए गए। ये फव्वारे एक महीने भी ठीक से नहीं चले।

बाद में आईआईटी की रिपोर्ट के बाद ये काम ही सवालों के घेरे में आ गया था। इसके अलावा एक करोड़ की लागत से दस चौराहों पर और फव्वारे बनाए जाने थे, लेकिन आईआईटी की रिपोर्ट के बाद काम शुरू होने से पहले ही बंद कर दिया गया।

पार्क में भी बंद पड़े हैं फव्वारे

केशव मधुबन पार्क केशव नगर, जूही कला पार्क, किदवई नगर फाउंटेन पार्क, गोविंद नगर 13 ब्लॉक पार्क, साकेत नगर पार्क, इंद्रा पार्क पनकी, किदवई नगर साइड नंबर वन पार्क समेत कई पार्कों में भी फव्वारे बंद हैं।

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