चपरासी के मोबाइल में मिले थे 4 क्लिप, पूछताछ में पुलिस से बोला- मैं वीडियो बनाता था मगर मिस यूज नहीं किया

चपरासी के मोबाइल में मिले थे 4 क्लिप, पूछताछ में पुलिस से बोला- मैं वीडियो बनाता था मगर मिस यूज नहीं किया

Newspoint24/newsdesk/एजेंसी इनपुट के साथ

मुरादाबाद। उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद के पीजी कॉलेज में महिला एसोसिएट प्रोफेसर का अश्लील वीडियो बनाने के मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

इसी बीच कॉलेज के प्राचार्य के छात्राओं और महिला स्टाफ को विश्वास दिलाया कि कैंपस पूरी तरह सुरक्षित है। आरोपी से जब पुलिस ने पूछताछ शुरू की तो उसने गुनाह को स्वीकार किया कि वह स्टाफ की वीडियो शूट करने के लिए टॉयलेट में मोबाइल छुपाता था पर कभी गलत प्रयोग नहीं किया।

टॉयलेट में महिला प्रोफेसर ने देखा था मोबाइल

पुलिस को आरोपी के मोबाइल से चार वीडियो मिली हैं। हालांकि पुलिस का कहना है कि आरोपी कर्मचारी कभी तक कोई भी वीडियो शूट नहीं कर सका था। उसके फोन से जो भी वीडियो मिले हैं उसमें से कुछ आपत्तिजनक नहीं होने का दावा भी पुलिस ने किया है।

इसके अलावा उसने पुलिस से कहा कि मैंने वीडियो बनाया मगर मिस यूज नहीं किया। गौरतलब है कि एसोसिएट महिला प्रोफेसर की वीडियो शूट करने का यह मामला बीते दस नवंबर को सामने आया था।

कॉलेज की एक महिला प्रोफेसर टॉयलेट गईं तो उन्होंने देखा कि बाल्टी के पीछे एक मोबाइल फोन छुपाकर रखा गया था। जिसका कैमरा चालू था और उसमें वीडियो शूट हो रही थी।

पैटर्न लॉक की वजह से नहीं चेक हो पाया था मोबाइल 

इसके बाद महिला प्रोफेसर ने यह मोबाइल पुलिस को सौंपकर मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। कॉलेज के ही अंशकालिक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी राजेश कुमार का मोबाइल था। उसमें पैटर्न लॉक लगा था तो इस वजह से फोन की फोटो-वीडियो गैलरी चेक नहीं हो पाई थी।

पुलिस ने आरोपी राजेश पुत्र सियाराम निवासी दान सहाय की मिलकर शाहरपुर तिगरी खुशहालपुर को शुक्रवार की रात को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ कर आरोपी से फोन का पैटर्न लॉक खुलवाकर फोन चेक किया, जिसमें टॉयलेट की चार वीडियो मिली हैं। 

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