वाराणसी में चढ़ते तापमान के बीच गर्मी से 24 घंटे के अंदर 15 लोगों की मौत 

वाराणसी में चढ़ते तापमान के बीच गर्मी से 24 घंटे के अंदर 15 लोगों की मौत
वाराणसी में चढ़ते तापमान के बीच गर्मी ने लोगो को बीमार कर रही है। काशी में शहर से लेकर देहात तक अस्पतालों में कतार है। गर्मी, उमस के 1000 से अधिक मरीज पिछले 24 घंटे में अस्पताल पहुंचे हैं। इसमें से 155 मरीज केवल मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा में पहुंचे, तो 200 से अधिक मरीजों ने जिला अस्पताल पहुंचकर पर्चा बनवाया।

Newspoint24/newsdesk/एजेंसी इनपुट के साथ

 

 

वाराणसी। रविवार को 24 घंटे के अंदर 15 लोगों की मौत हो गई। गर्मी से चक्कर खाकर गिरे मरीज अस्पताल नहीं पहुंच सके, तो कई ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

BHU समेत सभी अस्पतालों में मरीजों की कतार लगी है। सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में वार्ड में बेड़ खाली नहीं हैं। वहीं 24 घंटे मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा में सबसे ज्यादा 8 की मौत हुई। इनमें 4 लावारिस शव थे, जिनकी शिनाख्त अभी नहीं हो सकी। दीनदयाल अस्पताल में 4, रामनगर में 2, चौकाघाट और बनारस रेलवे स्टेशन पर एक-एक यात्री ने दम तोड़ दिया।

वहीं अलग-अलग निजी अस्पतालों में भी 4 लोगों की मौत होने की सूचना मिली है। मरने वालों की उम्र 35 से लेकर 75 वर्ष तक है। हालांकि, इनकी मौत का सही कारण पोस्टमॉर्टम के बाद ही पता चल सकेगा। परिजन सभी को अस्पताल में गर्मी, उसम, बेहोशी और उल्टियां आने पर भर्ती कराया था।

कबीरचौरा मंडलीय अस्पताल में मरीजों से वार्ड फुल हैं, इसमें अधिकांश मरीजों को चक्कर आने और उल्टी की शिकायत है।

(कबीरचौरा मंडलीय अस्पताल में मरीजों से वार्ड फुल हैं, इसमें अधिकांश मरीजों को चक्कर आने और उल्टी की शिकायत है।)

अस्पतालों की OPD में मरीजों की कतार

वाराणसी में चढ़ते तापमान के बीच गर्मी ने लोगो को बीमार कर रही है। काशी में शहर से लेकर देहात तक अस्पतालों में कतार है। गर्मी, उमस के 1000 से अधिक मरीज पिछले 24 घंटे में अस्पताल पहुंचे हैं। इसमें से 155 मरीज केवल मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा में पहुंचे, तो 200 से अधिक मरीजों ने जिला अस्पताल पहुंचकर पर्चा बनवाया।

बीएचयू के विभिन्न विभागों में मरीजों की कतार 500 तक पहुंच गई, तो निजी अस्पतालों में 200 से अधिक मरीज गंभीर हालत में पहुंचे। सरकारी अस्पतालों में बेड के अनुसार लगभग 100 लोगों को भर्ती कर लिया गया, अन्य को इलाज कर घर भेज दिया गया। प्राइवेट अस्पतालों में भर्ती लोगों की संख्या भी 200 के आसपास है।

गर्मी और उमस के बाद भर्ती कुछ मरीजों को ऑक्सीजन भी लगाना पड़ा।

(गर्मी और उमस के बाद भर्ती कुछ मरीजों को ऑक्सीजन भी लगाना पड़ा।)

मंडलीय अस्पताल के वार्ड फुल, जिला अस्पताल भी बेहाल

डॉ. जयेश मिश्रा ने बताया कि इमरजेंसी में उल्टी, दस्त, फीवर और बेचैनी के मरीज ज्यादा आए हैं, कुछ की हालत ठीक नहीं है। रविवार सुबह से लेकर सोमवार सुबह तक गर्मी से परेशान होकर मंडलीय अस्पताल में 155 लोग पहुंचे। इसमें 41 को भर्ती किया गया।

दीनदयाल उपाध्याय जिला अस्पताल में 27 लोगों को भर्ती किया। इसके अलावा करीब 500 मरीज बीएचयू समेत अन्य अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों पर उल्टी-दस्त के साथ ही बेचैनी, सिर दर्द, चक्कर आने, बुखार की समस्या लेकर पहुंचे थे। बीएचयू में 50 से अधिक लोगों को भर्ती किया गया।

मंडलीय अस्पताल के सीएमएस डॉ. एसपी सिंह मरीजों की बढ़ती संख्या पर सक्रियता बनाए हैं।

(मंडलीय अस्पताल के सीएमएस डॉ. एसपी सिंह मरीजों की बढ़ती संख्या पर सक्रियता बनाए हैं।)

लावारिस की शिनाख्त का प्रयास जारी

वाराणसी में जान गंवाने वालों में कई लावारिस हैं, जिनकी शिनाख्त में पुलिस जुटी है। कैंट रेलवे स्टेशन पर रविवार की शाम प्लेटफार्म संख्या दो पर मरने वाले यात्री की अभी शिनाख्त नहीं हो सकी है। उसे सांस लेने में दिक्कत हो रही थी और वह बेहोश हो गया। इलाज नहीं मिलने पर दम तोड़ दिया। जीआरपी प्रभारी निरीक्षक हेमंत सिंह ने जब तक अस्पताल भिजवाया। तब तक युवक की मौत हो चुकी थी।

वहीं शिवपुर में यूपी कॉलेज रोड पर एक अचेत युवक को जिला अस्पताल भेजा गया। जहां उसे चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। उसके पास कोई फोन या दस्तावेज नहीं मिले, उसकी शिनाख्त भी नहीं हो सकी। दो अन्य मरीजों को कबीरचौरा में स्थानीय लोगों की सूचना पर गंभीर हालत में लाया गया। लेकिन उसकी भी मौत हो गई। पुलिस सभी की शिनाख्त करने में जुटी है।

मंडलीय अस्पताल में मरीजों की संख्या पिछले कुछ दिनों में बढ़ी हैं।

(मंडलीय अस्पताल में मरीजों की संख्या पिछले कुछ दिनों में बढ़ी हैं।)

मरीजों ने गेट तो किसी ने वार्ड में तोड़ा दम

मंडलीय अस्पताल के सीएमएस डॉ. एसपी सिंह ने बताया कि मरीजों की संख्या पिछले कुछ दिनों में बढ़ी हैं। संसाधनों के अनुसार बेहतर इंतजाम कराए जा रहे हैं। रविवार को इमरजेंसी में जिन 9 लोगों की मौत हुई हैं। उसमें चार लावारिस जबकि पांच ने अस्पताल के गेट पर पहुंचते ही दम तोड़ दिया। जिला अस्पताल में मरने वाले चार लोगों में चौबेपुर निवासी धन्नू (45), सारनाथ निवासी शिवमूरत यादव (75) और गाजीपुर निवासी सर्वजीत (75) के साथ ही एक अज्ञात मरीज शामिल था।

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