कृषकों को 391 करोड़ का केसीसी ऋण वितिरत

कृषकों को 391 करोड़ का केसीसी ऋण वितिरत

Newspoint24/newsdesk/एजेंसी इनपुट के साथ

जगदलपुर। कलेक्टर एवं जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक मर्यादित जगदलपुर के प्राधिकृत अधिकारी विजय दयाराम के नेतृत्व में बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं बैंक के वर्ग-1 अधिकारियों को समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने तथा अधिक से अधिक किसानों तक खरीफ ऋण, खाद-बीज उपलब्ध कराने निर्देशित किया गया है।

बैंक द्वारा खरीफ ऋण वितरण हेतु 800 करोड़ का लक्ष्य निर्धारित कर 20 जून 2024 तक 76763 कृषकों को 391 करोड़ के.सी.सी. के माध्यम से ऋण वितरण किया जा रहा है, जो कुल लक्ष्य का लगभग 49 प्रतिशत है।

अधिकारी का कहना कि ऋण वितरण सतत जारी है। निर्धारित समयावधि तक शत-प्रतिशत ऋण वितरित का लक्ष्य पूर्ण किया जाएगा। ऋण वितरण में सुगंधित धान, उद्यानिकी फसल, उड़द, मूंग, मुंगफली, मक्का, कोदो-कुटकी, अरहर एवं रागी के लिए भी किसानों को कुल 8.37 लाख खरीफ ऋण दिया गया है।

ऋण की कुल मांग 1229.80 करोड़ के विरूद्ध 945.10 करोड़ की वसूली हुई है, जो कुल मांग का 77 प्रतिशत है। गतवर्ष की तुलना में ऋण वितरण, ऋण वसूली, खाद-बीज वितरण, अमानत आदि सभी क्षेत्रों में बैंक में आशातीत प्रगति की है।

प्राधिकृत अधिकारी विजय दयाराम द्वारा बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को सभी समितियों में किसानों को मांग अनुसार ऋण एवं कृषि आदान सामाग्रियों का वितरण करने के निर्देश अवकाश के दिनों में भी करने को कहा गया है। इसी प्रकार से प्रत्येक दिन खाद-बीज का परमिट जारी कर उसी दिन कृषकों को उपलब्ध कराने के निर्देश है।

इसी तारतम्य में सहकारिता विभाग द्वारा किसानों की सुविधाओं के लिए बस्तर संभाग के सातों जिलों में यूरिया का 41580 मीट्रिक टन, सुपर फास्फेट 8400 मीट्रिक टन, डीएपी 24540 मीट्रिक टन, एनपीके 7440 मीट्रिक टन, पोटाश 5580 मीट्रिक टन का लक्ष्य मिला था।

जिसमें यूरिया का 23092.41 मीट्रिक टन, सुपर फास्फेट 8025.60 मीट्रिक टन, डीएपी 14232.67 मीट्रिक टन, एनपीके 12609.20 मीट्रिक टन, पोटाश 7040.62 मीट्रिक टन का भण्डारण किया गया है।

इसके अलावा खाद वितरण के तहत् सातों जिले में यूरिया का 18596.10 मीट्रिक टन, सुपर फास्फेट 5783.70 मीट्रिक टन, डीएपी 10480.53 मीट्रिक टन, एनपीके 8033.43 मीट्रिक टन, पोटाश 4971.84 मीट्रिक टन का वितरण किया गया है।

सभी खाद डबल लॉक एवं सिंगल लॉक में उपलब्ध है। विपणन संघ द्वारा मांग अनुसार खाद की पर्याप्त मात्रा में आपूर्ति की जा रही है। इसी प्रकार संभाग में 41372 क्विंटल बीज का भण्डारण कर 27027 क्विंटल बीज का वितरण कर दिया गया है।

ब्योरों का होगा डिजिटलीकरण-इसी अनुक्रम में देश के सहकारी संस्थाओं को कम्प्यूटरीकृत करने की भारत सरकार, सहकारिता मंत्रालय की महत्वाकांक्षी योजना अंतर्गत आदिम जाति सेवा सहकारी समितियों का कम्प्यूटराईजेशन किया जा रहा है।

जिससे पैक्स की प्रक्रियाओं और कार्यों को सुव्यवस्थित किया जा सकेगा। वित्तीय गतिविधियों को अधिक पारदर्शी पद्धति से ऋण वितरण में तेजी लाई जा सकेगी, राशि के लेन-देन में स्पष्टता व सुधार लाना तथा लगने वाले समय व लागत को कम हो सकेगी।

कम्प्यूटरीकरण के जरिये पैक्स संचालन में पारदर्शिता व विश्वसनीयता पैदा कर किसानों के बीच विश्वास पैदा होगा। ऑनलाईन प्लेटफार्म के द्वारा ऋण सुविधाओं तक कृषकों की पहुँच होगी। ऋण हेतु इंद्राज भूमि अभिलेखों के ब्योरों का डिजिटलीकरण होगा।

गबन धोखाधड़ी एवं संदिग्ध लेन-देन में नियंत्रण एवं निगरानी में सुविधा होगी। समितियों में बैंकिंग जैसे सुविधाओं का लाभ दिया जा सकेगा तथा कृषकों एवं हितग्राहियों को अपने खातों के ब्योरों के त्वरित अवलोकन की सुविधा उपलब्ध होगी ।

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